Home झूठ का पर्दाफाश महिलाओं को 40% आरक्षण सिर्फ ल़ॉलीपॉप, यूपी में सबसे कम 7 सीटें...

महिलाओं को 40% आरक्षण सिर्फ ल़ॉलीपॉप, यूपी में सबसे कम 7 सीटें जीतने वाली कांग्रेस 161 महिला उम्मीदवार कहां के जुटाएगी?

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यूपी की कांग्रेस प्रभारी प्रियंका गांधी का विधानसभा चुनाव में महिलाओं को 40% आरक्षण देने का फैसला न सिर्फ फुस्स गुब्बारा साबित होगा, बल्कि इसने पार्टी के अंदर भी वर्चस्व की आग को हवा दी है। यह पहला ऐसा निर्णय है जो प्रियंका गांधी ने अकेले लिया है और राजीव की विरासत को चुनौती दी है। इस फैसले से यूपी में बरसों से चुनाव लड़ने का सपना देख रहे कई कांग्रेस नेताओं की भी आशा पर भी कुठाराघात हुआ है।

अपनी ही घोषणा के जाल में फंसेगी कांग्रेस पार्टी
उत्तर प्रदेश में विधानसभा की कुल 403 सीटें हैं। चुनाव में 40% महिला प्रत्याशी उतारे जाने का मतलब यह हुआ कि कांग्रेस पार्टी 160 से ज्यादा सीटों पर महिला प्रत्याशी मैदान में उतारेगी। आपको बता दें कि 2017 में हुए चुनाव में यूपी में सिर्फ 38 महिलाएं ही विधायक बनी थीं। राजनीतिक प्रेक्षक मानते हैं कि तीन दशक से भी ज्यादा समय से उत्तर प्रदेश में सत्ता से बाहर कांग्रेस की हालत वैसे ही यूपी में लुंज-पुंज ही है। दशकों से हार पर हार झेल रहे कार्यकर्ता ही नहीं नेता भी हताश-निराश हैं। ऐसे हालात में भी जो कांग्रेसी चुनाव लड़ने का साहस दिखा रहे थे, उन्हें भी अब टिकट कटने का डर सता रहा है।

योगी के सुशासन और जनहितकारी फैसलों से विपक्षी पस्त
पिछले चुनाव में योगी को मिले प्रचंड बहुमत के बाद कांग्रेस की हालत यूपी में वैसे ही लस्त-पस्त हो गई थी। समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर 114 सीटों पर लड़ी कांग्रेस को केवल 7 सीटों पर जीत नसीब हुई थी। इसके बाद योगी ने सुशासन और जनहित के कार्यों की ऐसी आंधी चलाई कि कांग्रेसियों के रहे-सहे हौसले भी पस्त हो गए। योगी सरकार ने अपने फैसलों से इंस्पेक्टर राज और माफिया राज दोनों का खात्मा किया।

पार्टी में प्रियंका बड़ी या सोनिया-राहुल ?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि 40% महिलाओं को विधानसभा चुनाव में आरक्षण देने का फैसला कांग्रेस पार्टी का है या फिर अकेली प्रियंका गांधी का है ? यदि ये पार्टी का फैसला है तो यूपी के साथ ही पंजाब में हो रहे विधानसभा चुनाव और बाद में लोकसभा चुनाव में भी लागू होना चाहिए। और यदि ये अकेली प्रियंका का है तो क्या यह मान लिया जाए कि वो पार्टी, सोनिया और राहुल गांधी से भी ऊपर हो गई हैं ?

कांग्रेसी नेता अपनी ढपली-अपना राग पर नाचेंगे
लखनऊ में पत्रकारों ने जब प्रियंका गांधी से इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि नहीं यह सिर्फ यूपी के लिए है। यदि पंजाब-राजस्थान इसे जरूरी समझेंगे तो अपने राज्यों में लागू करेंगे। यानी कि कांग्रेस में अब नीतिगत फैसले भी क्षेत्रीय आधार पर होंगे। इसे यूं कह सकते हैं कि राज्यों में कांग्रेस के नेता अपनी ढपली-अपना राग पर नाचेंगे।

प्रियंका के फैसले से यह होगा नुकसान
– कांग्रेस के पुरुष दावेदार इस निर्णय को नापसंद करेंगे।
– जिन पुरुष दावेदारों के टिकट कटेंगे, वे बागी हो जाएंगे।
– कांग्रेस के अंदर ही प्रियंका के फैसले का विरोध हो सकता है।
– धर्म-जाति के बीच में महिला-विमर्श खड़ा करना खतरनाक होगा।
– राज्य के पार्टी संगठन में महिलाओं में कोई बड़ा चेहरा दूर-दूर तक दिखाई नहीं देता।
– कांग्रेस बाहर की महिलाओं को लड़ाएगी तो पैराशूट उम्मीदवार का विरोध होगा।
– जीतना तो बड़ी बात है, लड़ने लायक 161 महिला प्रत्याशियों को खड़ा करना भी बड़ी चुनौती है।

 

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