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अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय के बजट में 329 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी, पीएम मोदी ने रखा अल्पसंख्यकों का ख्याल

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नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर मुस्लिम समुदाय का एक तबका सड़कों पर है, वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अल्पसंख्यक समुदाय विकास की रेस में कहीं पिछड़ न जाए, इसके लिए योजना बनाने में लगे थे। इसका प्रमाण शनिवार को पेश किए गए 2020-21 के बजट से मिलता है। मोदी सरकार ने पेश हुए बजट में अल्पसंख्यकों का खासा ख्याल रखा है। पिछली बार की तुलना में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय के बजट में 329 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को पेश बजट में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के लिए 5029 करोड़ का बजट दिया, जबकि पिछले साल 4700 करोड़ रुपये का बजट था। अब तक मोदी सरकार की ओर से पेश सभी बजट पर नजर डालें तो छह साल के कार्यकाल में अल्पसंख्यक मंत्रालय का बजट 1500 करोड़ रुपये तक बढ़ चुका है। मोदी सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूलमंत्र के साथ काम कर रही है। ऐसे में अल्पसंख्यक मंत्रालय के बजट में बढ़ोतरी पर किसी को हैरानी नहीं होनी चाहिए।

अगर बजट के आंकड़ों की बात करें तो 2014 में मोदी सरकार से पहले यूपीए शासनकाल में पेश हुए 2013-14 के बजट में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के लिए 3511 करोड़ की व्यवस्था की गई थी। इसके बाद जब मोदी सरकार में 10 जुलाई 2014 को तत्कालीन वित्तमंत्री अरुण जेटली ने पहला बजट पेश किया तो अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के बजट में दो सौ करोड़ रुपये की बढ़ोतरी कर 3711 करोड़ कर दिया था। अगले साल 2015-16 में बढ़ाकर 3713 करोड़ कर दिया। इसके बाद भी हर साल मोदी सरकार अल्पसंख्यकों पर मेहरबान होकर बजट बढ़ाती रही।

मिसाल के तौर पर, 2016-17 में 3800 करोड़ रुपये, 2017-18 में 4195 करोड़, 2018-19 में 4700 करोड़ रुपये का बजट जारी किया। हालांकि 2019-20 में भी सरकार ने 2018-19 के बराबर यानी 4700 करोड़ रुपये का ही बजट जारी किया था। अब शनिवार को पेश हुए 2020-21 के बजट में 5029 करोड़ रुपये के बजट की व्यवस्था की है।

इस प्रकार देखें तो मोदी सरकार करीब छह साल से कार्यकाल में अब तक 15 सौ करोड़ रुपये अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के लिए बढ़ा चुकी है। बजट बढ़ाए जाने से अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय का स्टाफ खुश है। मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि मोदी सरकार ने बजट बढ़ाकर फिर दिखाया है कि वह सबको साथ लेकर चलने में यकीन रखती है।

उधर, अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने अपने एक बयान में इसे बहुत प्रैक्टिकल बजट बताया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में इसे पीपुल फ्रेंडली बजट बताते हुए कहा कि इसमें गांव, किसान, खेत, खलिहान सहित सभी का ध्यान रखा गया है।

आइए नजर डालते हैं अल्पसंख्यकों के विकास के लिए मोदी सरकार द्वारा किए गए प्रयास और प्रमुख उपलब्धियों पर-

रिकॉर्ड 2 लाख मुसलमानों ने की हज यात्रा

वर्ष 2019 में रिकॉर्ड 2 लाख भारतीय मुसलमान बिना किसी सब्सिडी के हज यात्रा पर गए, जिनमें लगभग 48 प्रतिशत महिलाएं शामिल रहीं। बिना “मेहरम” (पुरुष रिश्तेदार) के 2340 मुस्लिम महिलाएं भी हज पर गईं। पीएम मोदी के आग्रह पर ही सऊदी अरब ने हज कोटा बढ़ाकर दो लाख किया था। मोदी सरकार ने हज यात्रा पर लगने वाले जीएसटी को 18% से घटकर 5% किया।

डिजिटल हुई हज 2020 की प्रक्रिया

भारत पूरी दुनिया का ऐसा पहला देश बन गया है, जहां हज 2020 के लिए सभी प्रक्रियाएं डिजिटल हो चुकी है। ऑनलाइन आवेदन, ई-वीजा, हज पोर्टल, हज मोबाइल ऐप, “ई-मसीहा” जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं मक्का-मदीना जाने वाले हज यात्रियों को दी जा रही हैं। एयरलाइन्स द्वारा हज यात्रियों के सामान की डिजिटल प्री-टैगिंग की व्यवस्था की गई है।  शत प्रतिशत डिजिटल करने से भारत से जाने वाले हज यात्रियों को बिचौलियों और बेईमानी से बचा कर और बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने में मदद मिली है।

हज हाउस में 100 टेलीफोन लाइन का सूचना केंद्र

2019 में हज यात्रियों को सभी प्रकार की जानकारी मुहैया कराने एवं पूरी हज प्रक्रिया में मदद करने के लिए 100 टेलीफोन लाइन का सूचना केंद्र हज हाउस, मुंबई में शुरू किया गया। इसके अलावा हज यात्रियों के सिम कार्ड को हज मोबाइल ऐप से लिंक करने की व्यवस्था की गई है, जिससे हज यात्रियों को मक्का-मदीना में हज से सम्बंधित नवीनतम जानकारियां तत्काल प्राप्त होती रहेंगी।

देश के 22 हवाई अड्डों से होगी हज यात्रा

हज 2020 के लिए 1 नया इम्बार्केशन पॉइंट्- विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश) शुरू किया जायेगा। इस प्रकार हज 2020 के लिए देश भर के 22 इम्बार्केशन पॉइंट्स के जरिये 2 लाख भारतीय मुसलमान हज यात्रा पर जायेंगे।

वक्फ सम्पत्तियों का सौ प्रतिशत हुआ डिजिटाइजेशन

वक्फ संपत्तियों के सदुपयोग एवं पारदर्शिता के लिए वक्फ सम्पत्तियों की जीआई मैपिंग एवं वक्फ लीज रूल में सकारात्मक बदलाव किए गए। 2019 में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तहत देश भर की वक्फ सम्पत्तियों का सौ प्रतिशत डिजिटाइजेशन का लक्ष्य हासिल कर लिया गया। डिजिटाइजेशन और जियो मैपिंग ने बड़ी संख्या में “गुमशुदा” वक्फ सम्पत्तियों को वक्फ रिकॉर्ड का हिस्सा बनाने में मदद की है। देश भर में 6 लाख से ज्यादा वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण किया गया है।

8 वक्फ मुतवल्ली सम्मानित

दिल्ली में 29 जुलाई, 2019 को आयोजित एक कार्यक्रम में “कौमी वक्फ बोर्ड तरक्कियाती स्कीम” के तहत 8 वक्फ मुतवल्लियों को पुरस्कृत किया गया । यह पहला मौका है जब वक्फ मुतवल्लियों को वक्फ सम्पत्तियों के सदुपयोग विशेषकर इनका जरूरतमंदों के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक सशक्तीकरण के लिए सदुपयोग करने वाले मुतवल्लियों को प्रोत्साहित एवं पुरस्कृत किया गया।

तीन तलाक से मिली मुक्ति

जुलाई 2019 में मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक की कुप्रथा से मुक्ति मिल गई। संसद ने मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक 2019 को मंजूरी दी और इस तरह मोदी सरकार का एक बड़ा चुनावी वादा पूरा हुआ।

पांच करोड़ छात्रों को छात्रवृत्ति की घोषणा

मोदी सरकार ने जून 2019 में अगले पांच वर्षों में पांच करोड़ छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करने की घोषणा की। छात्रवृत्ति प्राप्‍त करने वालों में 50 प्रतिशत बालिकाएं होंगी। मोदी सरकार-2 के पहले 6 महीनों में ही 6 अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों-जैन, पारसी, बौद्ध, ईसाई, सिक्ख एवं मुस्लिम समुदाय के 80 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं को प्री मेट्रिक, पोस्ट मेट्रिक एवं अन्य छात्रवृत्तियां स्वीकृत की गईं, जिनमें 60 प्रतिशत लड़कियां हैं। 2019 में 3 लाख गरीब और जरूरतमंद लड़कियों को “बेगम हजरत महल स्कॉलरशिप” अलग से दी गई।

मुख्यधारा की शिक्षा से जुड़े मदरसे

2019 में देश भर के मदरसों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने के कार्यक्रम के तहत विभिन्न राज्यों के 750 से अधिक मदरसा शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें बड़ी संख्या में महिला शिक्षक शामिल हैं। इसके अलावा 650 से अधिक स्कूल-ड्रॉपआउट छात्रों को “ब्रिज कोर्स” करवाया गया। उन्हें इंटरमीडिएट के सर्टिफिकेट दिए गए, जिससे कि वो आगे की पढ़ाई कर सके या नौकरी कर सकेंगे।

कौशल विकास और रोजगार के अवसर

वर्ष 2019 में 1.25 लाख से ज्यादा अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को “गरीब नवाज़ रोजगार योजना”, “सीखो और कमाओ”, “नई मंज़िल”, “उस्ताद”, “नई रौशनी” जैसी रोजगारपरक कौशल विकास योजनाओं के तहत ट्रेनिगं दी गई।

100 से ज्यादा “हुनर हाट” आयोजित करने का निर्णय

2019 में मोदी सरकार ने देश के कई शहरों में 7 “हुनर हाट” का आयोजन किया, जिसके द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के लाखों दस्तकारों, शिल्पकारों, पारम्परिक खानसामों को रोजगार के अवसर मुहैया कराये गए। इसके अलावा मोदी सरकार ने अगले 5 वर्षों में देश के विभिन्न शहरों में 100 से ज्यादा “हुनर हाट” आयोजित करने का निर्णय लिया।

 हुनर निखारने के लिए 100 “हुनर हब” की मंजूरी   

मोदी सरकार -2 के पहले 100 दिनों में ही अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने देश के अलग-अलग हिस्सों में 100 “हुनर हब” की मंजूरी दी। इन “हुनर हब” में दस्तकारों, शिल्पकारों, पारम्परिक खानसामों को वर्तमान जरूरतों के हिसाब से ट्रेनिंग दी जा रही है। उनके हुनर को और निखारा जा रहा है।

100 कॉमन सर्विस सेंटर की स्वीकृति

मोदी सरकार-2 के पहले 6 महीनों में ही “प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम” के अंतरगर्त देश भर में 100 कॉमन सर्विस सेंटर स्वीकृत किये गए, जो जरूरतमंदों के लिए सिंगल-विंडो सहायता केंद्र की तरह काम करेंगे। जहाँ आम लोगों को केंद्र-राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।

आधारभूत सुविधाओं का विकास

2019 में “प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम” के तहत टॉयलेट सुविधा- 53, स्कूलों में सौर ऊर्जा सुविधा- 16, अतिरिक्त क्लास रूम- 324, स्वास्थ्य केंद्र- 223; आंगनवाड़ी केंद्र- 52; आवासीय स्कूल-33; डिग्री कॉलेज-7, स्कूल भवन-98, हॉस्टल-98, आईटीआई-4, कौशल विकास केंद्र- 10, पॉलिटेक्निक- 3 का निर्माण किया गया। इसके अलावा बरेली में 130 करोड़ रुपये की लागत से यूनानी कॉलेज, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में हॉस्टल, गर्ल्स हॉस्टल, स्कूल भवन के अलावा केरल के मल्लापुरम और पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हॉस्टल, गर्ल्स हॉस्टल, स्कूल भवन आदि का निर्माण किया जा रहा है। 

करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन

पीएम मोदी ने 9 नवंबर, 2019 को करतारपुर कॉरिडोर को देश को समर्पित किया। इस दौरान शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने पीएम मोदी को ‘कौमी सेवा पुरस्‍कार’ से सम्मानित किया। पीएम मोदी ने 13 जनवरी, 2019 को गुरु गोबिंद सिंह की जयंती पर स्मारक सिक्का जारी किया।

विशेष ट्रेन का ऐलान

गुरु नानक देव जी के 550वें गुरु पर्व पर दिल्ली से गुरु नानक देव जी के ऐतिहासिक स्थान सुल्तानपुर लोधी तक संगत के लिए विशेष ट्रेन का ऐलान किया गया। 

बर्मिंघम विश्वविद्यालय में गुरु नानक पीठ की स्थापना

2 नवंबर, 2019 को केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भारत सरकार के समर्थन से बर्मिंघम विश्वविद्यालय में एक नयी गुरु नानक पीठ की शुरुआत की, ताकि सिख धर्म के संस्थापक से जुड़ी शिक्षाओं को लेकर शोध किया जा सके। 

ब्लैक लिस्ट से हटाए गए 312 सिख 

2019 में मोदी सरकार ने गुरुनानक देव की 550वीं जयंती से पहले काली सूची में शामिल सिखों को बड़ी राहत दी है। काली सूची में शामिल 314 में से 312 सिखों को सूची से बाहर कर दिया। अब उन्हें भारत का वीजा मिलने का रास्ता साफ हो गया है और वे भारत स्थित अपने रिश्तेदारों से मिल सकेंगे।

अनुच्छेद 370 हटने से सिखों को मिला अधिकार

अनुच्छेद 370 के हटने से जम्‍मू-कश्‍मीर और लद्दाख में भी सिख अल्पसंख्यकों को समान अधिकार मिला। वे 70 साल से अपने अधिकारों की मांग कर रहे थे, लेकिन अनुच्छेद 370 बाधाएं खड़ी कर रहा था।

गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती पर स्मारक सिक्का

प्रधानमंत्री मोदी ने 13 जनवरी, 2019 को गुरु गोबिंद सिंह जी के जयंती समारोहों के अवसर पर दिल्ली में 350 रुपये का एक स्मारक सिक्का जारी किया। उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी अपनी शिक्षा और आदर्शों के चलते लोगों के लिए प्रेरणा के स्रोत रहे हैं।

गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल का उद्घाटन

प्रधानमंत्री मोदी ने 4 मार्च, 2019 को गुजरात के जामनगर में गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल के नए 750 बेड एनेक्सी को राष्ट्र को समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने 750 बेड वाले इस अस्तपाल के पीजी होस्टल का भी लोकार्पण किया।

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