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वडोदरा को मिली 21000 करोड़ की सौगात, 21वीं सदी के भारत के विकास के लिए महिलाओं का तेज विकास और सशक्तिकरण जरूरी- पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को वडोदरा में कहा, ‘आज का दिवस मेरे लिए मातृ वंदना का दिवस है। आज प्रात: जन्मदात्री मां का आशीर्वाद लिया। उसके बाद जगत-जननी मां काली का आशीर्वाद लिया और अभी मातृ शक्ति के विराट रूप के दर्शन करके उनके आशीर्वाद ले रहा हूं।’ पीएम मोदी ने इस मौके पर 21000 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इसमें करीब 16,332 करोड़ रुपए की 18 रेलवे परियोजनाएं भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि ये प्रोजेक्ट गुजरात के विकास से भारत का विकास की प्रतिबद्धता को बल देने वाले हैं। इससे पहले पीएम मोदी ने पावागढ़ पहाड़ी पर पुनर्विकसित कालिका माता मंदिर का उद्घाटन किया।

पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री मातृशक्ति और पोषण सुधा योजनाओं का किया शुभारंभ
पीएम मोदी शनिवार को गुजरात में थे। आज (18 जून) को उनकी मां हीराबा का जन्मदिवस था। उन्होंने सबसे पहले उनकी चरणवंदना कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद अन्य कार्यक्रमों में शिरकत की। पीएम मोदी ने वडोदरा में गुजरात गौरव अभियान रैली को भी संबोधित किया। वह खुली जीप में बैठ कर सभा स्थल तक पहुंचे। इस मौके पर रेलवे परियोजनाओं के अलावा पीएम ने प्रधानमंत्री आवास योजना के 1.41 लाख घरो का भूमिपूजन और ई-लोकार्पण किया। मातृ और शिशु स्वास्थ्य में सुधार पर ध्यान देने के लिए ‘मुख्यमंत्री मातृशक्ति योजना’ की शुरुआत की। साथ ही पोषण सुधा योजना का प्रारंभ किया। प्रधानमंत्री ने डभोई के कुंडेला गांव में गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय का शिलान्यास भी किया।

महिलाओं की आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर बना रहे योजनाएं
पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी के भारत के विकास के लिए महिलाओं का तेज विकास और सशक्तिकरण जरूरी है। मैं अपना सौभाग्य मानता हूं कि मुझे माताओं-बहनों-बेटियों की इतनी सेवा करने का अवसर मिला है। आज भारत, महिलाओं की आवश्यकताओं, उनका आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बना रहा है, निर्णय ले रहा है। आज के प्रोजेक्ट्स में भी अधिकतर हमारी बहन-बेटियों के स्वास्थ्य, पोषण और सशक्तिकरण से जुड़े हैं। सेनाओं से लेकर खदानों तक, हमारी सरकार ने महिलाओं के लिए हर वो रास्ता खोला है, जिनके दरवाजे पहले उनके लिए बंद थे। हमने महिलाओं के जीवन चक्र के हर पड़ाव को ध्यान में रखते हुए नई योजनाएं बनाई हैं। महिलाओं का जीवन आसान बने, उनके जीवन से मुश्किलें कम हों, उन्हें आगे बढ़ने के ज्यादा से ज्यादा अवसर मिलें, ये हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है।

संस्कार नगरी वडोदरा ने कई महापुरुषों को भी किया है प्रेरित
पीएम मोदी ने कहा कि वडोदरा नगर मातृशक्ति के उत्सव के लिए एक उपयुक्त नगर है, क्योंकि यह मां की तरह संस्कार देने वाला शहर है, वडोदरा संस्कार की नगरी है। वडोदरा प्रेरणा का नगर है, जिसने स्वामी विवेकानंद, महर्षि अरविंद, विनोबा भावे और बाबासाहेब अम्बेडकर जैसे महापुरुषों को भी प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि वडोदरा ने मुझे भी मां की तरह स्नेह दिया, अपनापन दिया और मेरी विकास यात्रा में अहम योगदान दिया। 2014 में भी राष्ट्रसेवा के दायित्व के लिए मुझे वड़ोदरा के नवनाथ और काशी विश्वनाथ दोनों का आशीर्वाद मिला, ये मेरा सौभाग्य है।पीएम मोदी ने किया पावागढ़ पहाड़ी पर पुनर्विकसित कालिका माता मंदिर का उद्घाटन
इससे पहले पीएम मोदी ने पावागढ़ पहाड़ी पर पुनर्विकसित कालिका माता मंदिर का उद्घाटन किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा आज सदियों बाद पावागढ़ मंदिर में एक बार फिर से मंदिर के शिखर पर ध्वज फहरा रहा है। यह शिखर ध्वज केवल हमारी आस्था और आध्यात्म का ही प्रतीक नहीं है। यह शिखर ध्वज इस बात का भी प्रतीक है कि सदियां बदलती हैं, युग बदलते हैं लेकिन आस्था का शिखर शाश्वत रहता है। प्रधानमंत्री ने कहा, आज भारत के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गौरव फिर से स्थापित हो रहे हैं। आज नया भारत अपनी आधुनिक आकांक्षाओं के साथ-साथ अपनी प्राचीन धरोहर और प्राचीन पहचान को उसी उमंग और उत्साह के साथ जी रहा है। हर भारतीय उस पर गर्व कर रहा है।

देश की सेवा और माताओं-बहनों के कल्याण के लिए मां से मांगा आशीर्वाद
पीएम मोदी ने कहा कि आज मुझे कालिका मंदिर में ध्वजारोहण और पूजन-अर्चन करने का सौभाग्य मिला है। मां काली के दर्शन करते समय मैं सोच रहा था कि आज मां काली के चरणों में आकर क्या मांगूं? मां काली का आशीर्वाद लेकर विवेकानंद जी जनसेवा से प्रभुसेवा में लीन हो गए थे। उन्होंने कहा कि हे मां, मुझे भी आशीर्वाद दो कि मैं और अधिक ऊर्जा के साथ, और अधिक त्याग और समर्पण के साथ देश के जन-जन का सेवक बनकर उनकी सेवा करता रहूं। मेरा जो भी सामर्थ्य है, मेरे जीवन में जो कुछ भी पुण्य हैं, वो मैं देश की माताओं-बहनों के कल्याण के लिए, देश के लिए समर्पित करता रहूं।

सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण राष्ट्र के पुनर्निर्माण के संकल्प के रूप में हमारे सामने आया
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि सदियों के संघर्ष के बाद जब भारत आजाद हुआ तो हम गुलामी और अत्याचार के घावों से भरे हुए थे। हमारे सामने अपने उस अस्तित्व को फिर से खड़ा करने की चुनौती थी जिसके लिए हम लड़े थे। भारत के इस सांस्कृतिक आजादी की शुरुआत भी सरदार साहब के नेतृत्व में गुजरात से ही हुई थी। सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण राष्ट्र के पुनर्निर्माण के संकल्प के रूप में हमारे सामने आया। पीएम ने कहा पावागढ़ और पंचमहल आज सोमनाथ की उस परंपरा को आगे बढ़ा रहा है जिसने गुजरात को पूरे देश में पहचान दी थी। आज पावागढ़ और पंचमहल की तपस्या सिद्ध हुई है।

 

 

 

 

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