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कोरोना महामारी: प्रधानमंत्री मोदी करेंगे मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार, 24 नवंबर को कोरोना महामारी को लेकर सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे। बताया जा रहा है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होने वाली ये बैठक दो चरणों में होगी। पहले चरण में सुबह 10 बजे सबसे ज्यादा कोरोना प्रभावित आठ राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक होगी। दूसरी बैठक दोपहर 12 बजे से बाकी बचे राज्यों के मुख्यमंत्री के साथ होगी। प्रधानमंत्री मोदी कोरोना की वर्तमान स्थिति की समीक्षा के साथ वैक्सीन वितरण की रणनीति पर भी चर्चा कर सकते हैं। कोरोना संकट पर ये उनकी नवीं बैठक होगी। प्रधानमंत्री मोदी कोरोना पर अब तक आठ बार मुख्यमंत्रियों के साथ संवाद कर चुके हैं।

अब आइए देखते हैं कोरोना संकट के दौरान कब-कब प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्यों के मुख्यमंत्रियों से सीधा संवाद किया।

प्रधानमंत्री मोदी 20 मार्च, 2020 से लेकर अब तक आठ बार मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर चुके हैं। इससे पहले 20 मार्च, 2 अप्रैल, 11 अप्रैल, 27 अप्रैल, 12 मई, 16 जून, 11 अगस्त और 23 सितंबर को उन्होंने कोरोना संकट पर बातचीत की थी।

20 मार्च, 2020 : पहली बार संवाद
प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार 20 मार्च को एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से देश के सभी मुख्यमंत्रियों से बात की, जिसमें उन्होंने साथ मिलकर इस चुनौती से निपटने का आह्वान किया था। प्रधानमंत्री ने इस वायरस के प्रसार को लेकर निरंतर सतर्कता और निगरानी बनाए रखने की अपील की और कहा कि इस महामारी से निपटने के लिए केंद्र और राज्यों को साथ मिलकर काम करना होगा।

 2 अप्रैल, 2020 : दूसरी बार संवाद
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना वायरस से निपटने के उपायों पर चर्चा करने के लिए 2 अप्रैल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ संवाद किया। इस वीडियो संवाद में प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ बीमारी को फैलने से रोकने के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने मुख्यमंत्रियों से कहा कि अगले कुछ हफ्तों में सभी का ध्यान कोरोना वायरस से जुड़ी जांचों, संक्रमितों का पता लगाने, उन्हें अलग-थलग रखने पर केंद्रित रहना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने लॉकडाउन के निर्णय का समर्थन करने के लिए राज्यों का धन्यवाद किया, जिसकी बदौलत भारत ने कोविड-19 के फैलाव को सीमित करने में कुछ हद तक सफलता हासिल की है। उन्‍होंने सराहना करते हुए कहा कि कैसे सभी राज्यों ने वायरस को फैलने से रोकने के लिए एक टीम के रूप में एक साथ मिलकर काम किया है।

11 अप्रैल, 2020 : तीसरी बार संवाद
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 11 अप्रैल, 2020 को तीसरी बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केंद्र और राज्यों के संयुक्त प्रयासों से कोविड-19 के प्रभाव को कम करने में निश्चित रूप से मदद मिली है, लेकिन चूंकि स्थिति तेजी से बदल रही है, इसलिए निरंतर सतर्कता सबसे जरूरी है। प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि वायरस को फैलने से रोकने के लिए अब तक उठाए गए कदमों के प्रभाव का पता लगाने के लिए अगले 3-4 सप्ताह काफी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस चुनौती का सामना करने के लिए टीम वर्क अत्‍यंत आवश्‍यक है।

27 अप्रैल, 2020 : चौथी बार संवाद
प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 27 अप्रैल को कोरोना संकट पर सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा की। मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री मोदी की यह चौथी चर्चा थी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लॉकडाउन के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, क्योंकि देश पिछले डेढ़ महीनों में हजारों लोगों की जान बचाने में कामयाब रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्रियों से यह भी आग्रह किया कि वे आगे की रणनीति तैयार करते समय मौसम में बदलाव यथा गर्मी एवं मानसून के आगमन और इस मौसम में आने वाली बीमारियों को अवश्‍य ही ध्‍यान में रखें। इस दौरान मुख्यमंत्रियों ने संकट की इस अवधि में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की।

12 मई, 2020 : पांचवीं बार संवाद
प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 12 मई को कोरोना वायरस संकट पर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा की। उन्होंने कहा कि अब संक्रमण के फैलाव को कम करने पर ध्यान देना चाहिए। यह सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि लोग सुरक्षित दूरी बनाए रखने सहित पूरी सावधानी बरतें। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 के फैलाव को रोकने का प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति से लेकर पूरी मानवता तक जीवन का नया तरीका ‘जन से लेकर जग तक’ के सिद्धांत पर आधारित होगा। उन्होंने कहा कि हम सभी को नई वास्तविकता की योजना बनानी चाहिए।

16 जून, 2020 : छठी बार संवाद
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 16 जून को कोरोना संकट पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत की। प्रधानमंत्री मोदी ने जीवन और आजीविका यानी जान और जहान दोनों पर ही फोकस किए जाने के विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर टेस्टिंग और मरीजों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने पर जोर देने के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधा को भी बढ़ावा देने की आवश्यकता है, वहीं दूसरी ओर आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि करनी होगी। उन्‍होंने कहा कि वर्तमान जरूरतों और भविष्य की आवश्यकताओं दोनों को ही ध्यान में रखते हुए निर्णय लिए जाने चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे इस तथ्य को हमेशा ध्‍यान में रखें कि वायरस का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है और इसके साथ ही अर्थव्यवस्था को खोलते समय निरंतर सतर्क रहने की जरूरत है।

11 अगस्त, 2020 : सातवीं बार संवाद
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 11 अगस्त को कोरोना संकट पर 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में उन्होंने आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, पंजाब, बिहार, गुजरात, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोना महामारी पर चर्चा की। कर्नाटक का प्रतिनिधित्व उप मुख्यमंत्री ने किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अगर हम शुरुआती 72 घंटों में मामलों की पहचान कर लेते हैं, तो वायरस के फैलने की गति धीमी हो सकती है। उन्होंने उन सभी लोगों का पता लगाने और परीक्षण करने की जरूरत पर जोर दिया जो 72 घंटे के भीतर एक संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए थे। उन्होंने कहा कि इस मंत्र का ठीक उसी तरह पालन किया जाना चाहिए, जैसे हाथ धोना, दो गज की दूरी बनाए रखना और मास्‍क पहनना आदि जरूरी है।

23 सितंबर, 2020: आठवीं बार संवाद
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 23 सितंबर को कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित 7 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक की। प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, दिल्ली, पंजाब, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोना महामारी से निपटने की रणनीति और इसके प्रबंधन पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि वायरस का मुकाबला करने के लिए स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे को और प्रभावी बनाए जाने की जरूरत है। मामलों का पता लगाने यानी ट्रैकिंग और ट्रेसिंग के लिए तंत्र बेहतर करने और अच्छी प्रशिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।

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