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26 साल बाद भारतीय पीएम का मिस्र का द्विपक्षीय दौरा, ‘ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे…’ से हुआ पीएम मोदी का स्वागत, हुए चार अहम समझौते

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अमेरिका यात्रा के बाद 24 जून 2023 को मिस्त्र पहुंचे जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। काहिरा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचने पर पीएम मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। साथ ही मिस्र के प्रधानमंत्री मुस्तफा मैडबौली ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद पीएम मोदी के होटल पहुंचने पर वहां भारतीय समुदाय ने वन्दे मातरम् और मोदी-मोदी के नारे से उनका स्वागत किया। इस दौरान वह प्रवासी भारतीयों से मिले। यहां मिस्त्र की एक युवती ने पीएम मोदी को फिल्म शोले का ‘ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे’ गाना सुनाया। इसे सुनकर सभी मंत्रमुग्ध हो गए। खास बात ये है कि 1997 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा किया जाने वाला मिस्र का यह पहला द्विपक्षीय दौरा है। यह यात्रा काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि मिस्र पारंपरिक रूप से अफ्रीकी महाद्वीप में भारत के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक भागीदारों में से एक रहा है। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी ने पीएम मोदी को मिस्र के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया। इस दौरान चार अहम समझौते के साथ ही कई अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। पीएम मोदी 25 जून 2023 को स्वदेश लौट आए।

‘ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे’ गाने से हुआ पीएम मोदी का स्वागत
मिस्र (Egypt ) की महिला ने काहिरा में पीएम मोदी के स्वागत में हिंदी गाना गाया। इस महिला का नाम जेना है। जेना ने भारत की प्रसिद्ध फिल्म ‘शोले’ का ‘ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे’ गाना गाया। जेना ने बताया कि पीएम मोदी से उनकी मुलाकात बेहद अच्छी रही। जेना के इस गाने की काफी चर्चा हो रही है। उनकी आवाज को लोग बेहद सुरीला बता रहे हैं। युवती ने बताया कि पीएम मोदी ने उससे कहा कि वो एक भारतीय लगती हैं। इसे सुनकर युवती भी बेहद खुद हुई। पीएम मोदी ने युवती का गाना सुन तालियां बजाकर हौसला बढ़ाया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “किसी को पता भी नहीं चलेगा कि आप मिस्र की बेटी हो या हिंदुस्तान की बेटी हो।”

भारतीय प्रवासियों से मिले पीएम मोदी
मिस्र पहुंचने के बाद पीएम मोदी का काहिरा के एक होटल में जोरदार स्वागत और ‘वंदे मातरम’ और ‘मोदी-मोदी’ के नारों के बीच हुआ। पीएम मोदी के स्वागत के लिए रिट्ज कार्लटन होटल में भारतीय समुदाय के कई सदस्य मौजूद थे। भारतीय प्रवासियों ने तिरंगा लहराकर और ‘मोदी-मोदी’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए। प्रवासी भारतीयों में कई बच्चे भी मौजूद थे। पीएम मोदी के स्वागत में कई लोगों ने भारतीय गीत भी गाए और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किए। प्रधानमंत्री मोदी ने उनके स्वागत के लिए खड़े भारतीय समुदाय के लोगों का भी अभिनंदन किया और उनसे बातचीत की।

पीएम मोदी मिस्त्र के सर्वोच्च राजकीय सम्मान से सम्मानित
राष्ट्रपति अल-सीसी ने पीएम मोदी को मिस्र के सर्वोच्च राजकीय सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द नाइल’ पुरस्कार से सम्मानित किया। यह प्रधानमंत्री मोदी को मिला 13वां सर्वोच्च राजकीय सम्मान है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय बैठक से पहले प्रधानमंत्री को यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया। मिस्र में पीएम मोदी को दिया गया ‘ऑर्डर ऑफ द नाइल’ सम्मान हर देशवासी को गौरवान्वित करने वाला है।

मिस्त्र की मेरी यात्रा ऐतिहासिक रहीः पीएम मोदी
मिस्त्र की यात्रा को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि मिस्त्र की मेरी यात्रा ऐतिहासिक रही। इससे भारत-मिस्त्र संबंधों में नई ऊर्जा आएगी और हमारे देशों के लोगों को फायदा होगा। मैं राष्ट्रपति अल-सीसी, सरकार और मिस्त्र के लोगों को उनके स्नेह के लिए धन्यवाद देता हूं।

भारत-मिस्र के बीच चार अहम समझौते
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी ने दोनों देशों के बीच एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किया। विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के मिस्र दौरे के दौरान 4 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अलावा कृषि क्षेत्र, स्मारकों की सुरक्षा एवं संरक्षण को लेकर भी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए।

काहिरा और नई दिल्ली के बीच सीधी उड़ान पर चर्चा
मिस्र के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता अहमद फहमी ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच बैठक में काहिरा और नई दिल्ली के बीच सीधी उड़ानों के माध्यम से पर्यटन और संस्कृति के अलावा कई क्षेत्रों, मुख्य रूप से संचार और सूचना प्रौद्योगिकी, औषधि उद्योग, टीके, उच्च शिक्षा, हरित हाइड्रोजन सहित नवीकरणीय ऊर्जा में द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई। यह दोनों देशों के बीच व्यापार और रणनीतिक वस्तुओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के साथ-साथ आने वाले समय में मिस्र में भारतीय निवेश को विकसित करने के अतिरिक्त है।

पीएम ने मिस्र की प्रमुख हस्तियों से मुलाकात की
प्रधानमंत्री मोदी ने मिस्र में प्रसिद्ध विचारक एवं पेट्रोलियम रणनीतिकार तारेक हेग्गी सहित प्रमुख हस्तियों से मुलाकात की और वैश्विक भू-राजनीति, ऊर्जा सुरक्षा, कट्टरवाद और विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों के साथ घनिष्ठ सहयोग को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने हसन अल्लाम होल्डिंग कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हसन अल्लाम से भी मुलाकात की। उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, बुनियादी ढांचे और निर्माण क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों के साथ घनिष्ठ सहयोग बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की। हसन अल्लाम पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका क्षेत्र में काम करने वाली मिस्र की प्रमुख कंपनी है।

पीएम मोदी ने अल-हाकिम मस्जिद का किया दौरा
पीएम मोदी ने मिस्त्र की 11वीं सदी की ऐतिहासिक अल-हाकिम मस्जिद का दौरा किया। जिसका दाऊदी बोहरा समुदाय की मदद से जीर्णोद्धार किया गया। दाऊदी बोहरा समुदाय का भारत, विशेष रूप से प्रधानमंत्री के गृह राज्य गुजरात के साथ मजबूत संबंध है। पीएम मोदी के दौरे के दौरान दाऊदी बोहरा समुदाय के लोगों ने तिरंगा लेकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया।

गीजा के पिरामिड देखने गए प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मिस्र के समकक्ष मुस्तफा मैडबौली के साथ काहिरा के बाहरी क्षेत्र में गीज़ा के पिरामिडों को भी देखा। मोदी ने कहा, ‘मैं पिरामिड देखने के वास्ते मेरे साथ आने के लिए प्रधानमंत्री मुस्तफा मैडबौली को धन्यवाद देता हूं। हमने अपने राष्ट्रों के सांस्कृतिक इतिहास और आने वाले समय में इन संबंधों को कैसे गहरा किया जाए, इस पर गहन चर्चा की।’

भारत मिस्र का पांचवां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार
पीएम मोदी का दौरा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मिस्र पारंपरिक रूप से अफ्रीकी महाद्वीप में भारत के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक भागीदारों में से एक रहा है। इजिप्टियन सेंट्रल एजेंसी फॉर पब्लिक मोबिलाइजेशन एंड स्टैटिस्टिक्स (CAPMAS) के अनुसार, भारत-मिस्र द्विपक्षीय व्यापार समझौता मार्च 1978 से लागू है और यह मोस्ट फेवर्ड नेशन क्लॉज पर आधारित है। अप्रैल 2022-दिसंबर 2022 की अवधि में भारत मिस्र का पांचवां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था।

सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि
पीएम मोदी ने अपने पहले मिस्र दौरे के दौरान प्रथम विश्व युद्ध के दौरान मिस्र के लिए लड़ते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए हेलियोपोलिस वॉर ग्रेव कब्रिस्तान पहुंचे। यह स्मारक राष्ट्रमंडल द्वारा बनाया गया था। यह उन 3,799 भारतीय सैनिकों को समर्पित है जिन्होंने मिस्र में प्रथम विश्व युद्ध के विभिन्न संघर्षों में अपनी जान गंवा दी।

स्वेज़ नहर भारतीय व्यापार के लिए काफी महत्वपूर्ण
मिस्र अपने स्वेज नहर ज़ोन को भारतीय व्यवसायों के लिए एक प्रमुख निवेश संभावना के रूप में देख रहा है। स्वेज़ नहर भूमध्य सागर को लाल सागर और हिंद महासागर से जोड़ने वाले दुनिया के प्रमुख स्ट्रैटजिक चोक प्वॉइंट में से एक है। स्वेज़ नहर को मिस्र द्वारा नियंत्रित किया जाता है, जिसका वैश्विक कंटेनर व्यापार में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है। स्वेज़ नहर भारतीय व्यापार के लिए भी काफी महत्व रखती है। इसके माध्यम से प्रतिदिन ट्रांसपोर्ट किए जाने वाले कुल 4.8 मिलियन बैरल कच्चे तेल में से प्रतिदिन 500,000 बैरल कच्चा तेल भारत भेजा जाता है। स्वेज़ नहर ज़ोन (SCZONE) के डेवलपमेंट एक्सिस में कई इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक सेक्टर शामिल हैं।

जानें कब-कब भारत के पीएम ने किया मिस्त्र का दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मिस्त्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह -सिसी के निमंत्रण पर मिस्र पहुंचे थे। यह 1997 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा थी। इससे पहले राजीव गांधी ने 1985 में, पीवी नरसिम्हा राव ने 1995 में, आईके गुजराल ने 1997 में मिस्र का दौरा किया था। हालांकि इसके बाद मनमोहन सिंह ने 2009 में इस देश का दौरा किया था लेकिन वह द्विपक्षीय यात्रा नहीं थी। वहीं, मिस्र की ओर से राष्ट्रपति होस्नी मुबारक ने 1982 में, 1983 में (एनएएम शिखर सम्मेलन) और फिर 2008 में भारत का दौरा किया था। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने 2023 में गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि के तौर पर हिस्सा लिया था। मिस्र के राष्ट्रपति ने इससे पहले अक्टूबर 2015 में तीसरे भारत अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन में भाग लिया था। इसके साथ ही उन्होंने 2016 के सितंबर में भारत का राजकीय दौरा भी किया था। मिस्र और भारत इस साल राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 वर्ष मना रहे हैं।

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