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पीएम मोदी ने वाराणसी के किसानों और दुग्ध उत्पादकों को दी बड़ी सौगात, 2100 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास

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पूरा देश आज यानि 23 दिसंबर को किसान दिवस मना रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को याद करने के साथ ही उत्तर प्रदेश खासकर वाराणसी के किसानों और दुग्ध उत्पादकों को बड़ी सौगत दी। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने 870.16 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 22 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया और 1225.51 करोड़ की पांच परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। प्रधानमंत्री ने सबसे पहले करखियांव में बनास डेयरी संयंत्र (अमूल प्लांट) का शिलान्यास किया। करीब 30 एकड़ क्षेत्र में यह डेयरी 475 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जाएगी और इसमें पांच लाख लीटर प्रतिदिन दूध तैयार किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने बनास डेरी से जुड़े 1.7 लाख से अधिक दुग्ध उत्पादकों को करीब 35 करोड़ रुपये का बोनस डिजिटल माध्यम से उनके बैंक खातों में अंतरित किया।

इसके अलावा उन्होंने वाराणसी के रामनगर में ‘मिल्क प्रोड्यूसर्स कोऑपरेटिव यूनियन’ की बायो गैस आधारित बिजली उत्पादन संयंत्र की आधारशिला भी रखी। दुग्ध उत्पादकों के लिए ‘कनफॉरमेटी एसेसमेंट स्कीम’ से संबंधित एक पोर्टल को लॉन्च करने के साथ उसका लोगो भी जारी किया। इस दौरान बनास काशी संकुल के माध्यम से सहकारिता क्षेत्र में अहम भूमिका निभाने वाली बनास डेयरी और पशुपालकों के बीच एक नई साझेदारी शुरू हुई। इससे सिर्फ पिंडरा ही नहीं, बल्कि पूर्वांचल के करीब 6 जिलों को लाभ होगा। आसपास के गांवों में दूध खराब होने की चिंता से भी मुक्ति मिलेगी। अच्छे किस्म के पशुओं को पाला जाएगा। इससे महिलाओं को भी आग बढ़ने और सक्षम होने में मदद मिलेगी।

छोटी जोत वाले 10 करोड़ किसानों पर फोकस

प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी में किसानों के हित के लिए उठाए गए कदमों को चौधरी चरण सिंह के सपनों से जोड़ने का प्रयास किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसानों की आय को बढ़ाने के लिए जो कदम उठा रहे हैं, उसका फायदा बड़ी जोत के साथ ही छोटी जोत वाले 10 करोड़ किसानों को भी मिलेगा। उन्होंने किसानों की बात कर पूर्वांचल से लेकर पश्चिम यूपी तक के किसानों को अपने साथ लाने का प्रयास किया। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने करीब एक लाख किसानों को संबोधित किया। किसान आंदोलन खत्म होने के बाद पहली बार किसानों के साथ सीधा संवाद का यह सबसे बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया।

विवादों से छुटकारा,लोन मिलने में आसानी

प्रधानमंत्री मोदी ने मंच पर अपने हाथ से छह परिवारों को स्वामित्व योजना (घरौनी) का भी प्रमाण पत्र दिया। इसमें वाराणसी के तीनों तहसील यानि सदर, पिंडरा व राजातालाब के दो-दो परिवार शामिल रहे। इसके बाद राज्य भर के 20 लाख परिवारों को आनलाइन घरौनी भी जारी किया। इसमें 35 हजार परिवार वाराणसी जिले के शामिल रहे। सभी लाभार्थियों के मोबाइल पर लिंक भेजा गया। स्वामित्व योजना के तहत गांवों में खतौनी की तर्ज पर घरौनी बनेगी। इससे घर और खेती की जमीन से अलग भूखंडों पर होने वाले छोटे-छोटे विवादों से भी छुटकारा मिलने की उम्मीद है। साथ ही इसके आधार पर ग्रामीण बैंकों से लोन मिलने में आसानी होगी।

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