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विश्व धरोहर दिवस पर कोरोना के खात्मे के लिए स्मारकों में जलेंगे दीप

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वैश्विक महामारी कोरोना को हराने और उसे देश से भगाने को लेकर केंद्र सरकार किस प्रकार प्रयासरत है इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार एक भी अवसर को हाथ से जाने नहीं देना चाहती है। कोरोना को परास्त करने के लिए इस बार विश्व धरोहर दिवस पर केंद्र सरकार वैश्विक धरोहर घोषित देश के स्मारकों पर दीप जलाने का निर्देश जारी किया है। यानि 18 अप्रैल को विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर देश से कोरोना के खात्मे के लिए वैश्विक धरोहर घोषित स्मारकों में दीप जलाए जाएंगे।

कोरोना को भगाने और धरोहरों के संरक्षण का लेंगे शपथ

इस विश्व विरासत दिवस के मौके पर दिल्ली स्थित ऐतिहासिक स्मारकों से संदेश देकर कोविड-19 के खात्मे की अपील जारी की जाएगी। इसके लिए सभी स्मारकों में दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। इसके साथ ही ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित कर वैश्विक धरोहरों के साथ देसी स्मारकों के संरक्षण की शपथ भी दिलाई जाएगी।

लाल किला और कुतुब मीनार में भी जलेंगे दीप

भारतीय पुरातत्व विभाग के अधिकारी ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि इस बार दिल्ली स्थित तीन वैश्विक धरोहर लाल किला, कुतुब मिनार और हुमायूं का मकबरा में दीप जलाए जाएंगे। मालूम हो कि भारत में दुनिया के 36 वैश्विक धरोहर हैं। इनमें से तीन दिल्ली में स्थित है। वैसे तो ये तीनों स्मारक पहले से ही रोशनी से जगमगाते रहते हैं, लेकिन इस वार विश्व धरोहर दिवस पर विशेष रूप से दीप जलाने का प्रबंध किया गया है। ऐसा कोरोना को हराने के लिए किया गया है।

कोरोना के कारण 17 मार्च से ही बंद हैं ये स्मारक

कोरोना के प्रसार की वजह से वैसे तो देश के सभी वैश्विक विरासत और ऐतिहासिक स्मारकों को 17 मार्च से बंद कर दिया गया है। इसी के तहत दिल्ली के लाल किला, कुतुब मीनार और हुमायूं का मकबरा को भी बंद कर दिया गया है। दिल्ली के यही तीन  ऐतिहासिक धरोहर हैं जो यूनेस्को द्वारा जारी विश्व धरोहर सूची में शामिल है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि जब विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर इन स्मारकों में पर्यटकों की चहल-पहल नहीं होगी।

दिल्ली के 174 स्मारक एएसआई के अधीन

वैसे तो दिल्ली में 174 स्मारक हैं जो भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधीन है। विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर पुरातत्व विभाग देश-विदेश से आए पर्यटकों को इन स्मारकों को देखने के लिए निशुल्क प्रवेश देता है। लेकिन विश्व में मचे कोरोना के कहर के कारण इस बार इन स्मारकों को बंद कर दिया गया है। मालूम हो कि दिल्ली स्थित 174 स्मारकों में से 11 में ही प्रवेश के लिए शुल्क की व्यवस्था है। जबकि शेष स्मारकों को देखने का कोई शुल्क नहीं है।

कोरोना को खत्म करने का दिया जाएगा संदेश

इस बार के विश्व धरोहर दिवस पर कोरोना के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने का संदेश जारी किया जाएगा। मालूम हो कि वैश्वक पर्यटकों के लिए ये स्मारक बंद हैं, इसलिए कोरोना के खिलाफ संदेश ऑनलाइन दिया जाएगा। वैश्विक महामारी कोरोना के खिलाफ जागरूकता बढाने के लिए ही इस बार विश्व धरोहर दिवस पर देश के वैश्विक धरोहरों में दीप जलाकर अंधकार पर प्रकाश की जीत का संदेश देंगे।

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