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राज्य की इंटेलिजेंस फेल, NIA को उदयपुर के ‘तालिबानी मर्डर’ में मिला PAK कनेक्शन, दोनों ‘आतंकियों’ ने कराची में ली थी ट्रेनिंग, हिंदुओं की विरोधी गहलोत सरकार को चाहिए CM योगी जैसे तेवर और तत्काल एक्शन

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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी, आपने उदयपुर का ‘तालिबानी’ वीडियो देखा ही होगा और आप फिर भी इसे एक व्यक्ति-मात्र की हत्या मान रहे हैं तो माफ कीजिए !! आप सौ फीसदी गलत हैं। आंख, दिल-दिमाग तीनों को ही दुरुस्त करना होगा। क्योंकि यह सिर्फ हत्या नहीं है। टैरेरिज्म और टारगेट किलिंग है। आतंकवाद है। ऐसा आतंकवाद जो तालिबानी अपनी हुकूमत कायम करने के लिए बेकसूर लोगों का सर कलम कर वीडियो बनाकर दुनिया को दिखाते हैं, डराते हैं। वही तो उदयपुर की मालदास स्ट्रीट में दुकान में घुसकर दो ‘आतंकियों’ ने किया है। पूरी निर्ममता के साथ कन्हैया का सिर तन से जुदा कर बेखौफ होकर न सिर्फ वीडियो बनाया, बल्कि उसे शेयर भी किया। मानो इनके लिए राज्य कानून-व्यवस्था नाम की चिड़िया अंतिम सांसें गिन रही हो।

मुख्यमंत्री जी, यह सिर्फ हत्या नहीं, बल्कि टैरेरिज्म, टारगेट किलिंग और तालिबानी आतंकवाद है
मुख्यमंत्री जी, इसे राज्य में एक और हत्या करार देकर कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी से बचने की नाकाम कोशिश मत कीजिए। यह आपकी सरकार का बहुत ही बड़ा इंटेलिजेंस फेल्योर है। वही इंटेलिजेंस जो करौली में भी फेल हुई और आपके गृह जिले जोधपुर में भी। इसके परिणामस्वरूप दोनों जगहों पर सांप्रदायिक दंगों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया। लेकिन आप इंटेलिजेंस फेल्योर मानने को तैयार ही नहीं हुए। इनके खिलाफ न कोई एक्शन हुआ और न ही कोई रणनीति बनी। इसी का दुखद पहलू उदयपुर के जलजले के रूप में सबके सामने है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

‘आतंक के दूत’ ने 17 जून को वीडियो वायरल कर पूरी सरकारी मशीनरी को दिया चैलेंज
यदि अपराधियों, अराजक तत्वों और ऐसे आतंकियों के खिलाफ योगी सरकार की तरह बगैर किसी तुष्टीकरण के तेजतर्रार तेवर, आक्रामक रणनीति और अपराधियों पर धारदार प्रहार होते तो किसी ‘आतंक के दूत’ की मजाल नहीं थी कि वह 17 जून को बकायदा वीडियो वायरल करके पूरी सरकारी मशीनरी को चैलेंज करता कि वह कुछ ही दिन में कत्ल करने जा रहा है। पता नहीं रियाज के जिस चैलेंजिंग वीडियो को सोशल मीडिया पर हजारों लोगों ने देखा, उसके आपका सिस्टम, इंटेलिजेंस और पुलिस प्रशासन क्यों नहीं देख पाया ? देखा भी होगा तो शायद कांग्रेस की तुष्टीकरण की नीति ने कार्रवाई से रोक दिया होगा।राज्य की पुलिस और इंटेलिजेंस फेल, एनआईए को जांच में तत्काल मिला पाकिस्तानी कनेक्शन
यह आप भी जानते हैं कि हमेशा शांत रहने वाले राजस्थान के एक के बाद एक शहरों में पिछले महीनों में लगातार सांप्रदायिक दंगे हुए हैं। अफसोस और हैरानी की बात है कि ये सब सुनियोजित थे। पता नहीं इंटेलिजेंस एजेंसियां क्या इनपुट सरकार तक पहुंचाती हैं ? वह वाकई काम कर भी रही हैं ? और यदि वो खतरे के संकेत देती हैं तो सरकार में ऊपर बैठे आला अफसर क्या इनको रद्दी की टोकरी के हवाले कर दे रहे हैं ? कम से कम उदयपुर के बवाल से तो यही लगता है। अब जांच में सामने आया है कि उदयपुर में हुए तालिबानी मर्डर के तार पाकिस्तान से जुड़े हैं। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA ) ने 8 से 10 मोबाइल नंबर ट्रेस किए हैं। इनकी लोकेशन पाकिस्तान से लेकर भारत में आ रही है। इन्हीं नंबरों पर रियाज जब्बार और गौस मोहम्मद की लगातार बातचीत भी हो रही थी। इस इनपुट केंद्रीय एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। बड़ा सवाल यही है कि इससे पहले राज्य का पुलिस सिस्टम और इंटेलिजेंस क्या कर रही थी ?रियाज और गौस की पाकिस्तान के नंबरों पर खूब होती थी बातचीत, कराची में ली ट्रेनिंग
अब इस मामले में खुलासा हुआ है कि दोनों पाकिस्तान और अरब देशों के लोगों से कॉन्टैक्ट में थे। इनके मोबाइल में पाकिस्तान और अरब देशों के नंबर मिले हैं। रियाज और गौस की पाकिस्तान के नंबरों पर खूब बातचीत होती थी। अब राज्यमंत्री यादव ने इनके कराची में ट्रेनिंग लेने का भी दावा किया है। बताया गया कि दोनों ने करीब 15 दिन की ट्रेनिंग ली थी। पाकिस्तान के आका के बुलावे पर दोनों नेपाल के रास्ते वहां गए थे। उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या के बाद राजस्थान पुलिस में खलबली मची। क्योंकि जिस अंदाज में कन्हैयालाल को मारा गया, वह तालिबानी तरीका था। इसके बाद सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर आरोपियों ने अपने मंसूबे साफ कर दिए।

दोनों आतंकियों के दावत-ए-इस्लामी नाम के पाकिस्तानी संगठन से जुड़े होने के सुबूत मिले
एनआईए की जांच में गौस और रियाज के पाकिस्तानी कनेक्शन के पुख्ता सबूत मिले हैं। यह दोनों दावत-ए-इस्लामी नाम के पाकिस्तानी संगठन से जुड़े हैं। रियाज पाकिस्तान में कराची के एक मौलाना के संपर्क में था। यह भी आशंका जताई जा रही है कि कन्हैयालाल का मर्डर पूरी तरह से प्री-प्लान्ड था। दोनों मिलकर दहशत फैलाना चाहते थे। इन दोनों ने कराची से लौटने के बाद उदयपुर में युवाओं को भड़काना शुरू कर दिया था। उनके मन में नफरत की आग को भड़का रहे थे। कराची से लौटने के बाद रियाज और गौस मौहम्मद ने वॉट्सऐप ग्रुप बनाए थे। इस ग्रुप के जरिए ही रियाज भड़काऊ वीडियो भेजकर युवाओं का ब्रेन वॉश कर रहा था। दोनों मिलकर उदयपुर और आसपास के इलाकों में कट्‌टर समर्थक तैयार कर रहे थे। इन लोगों ने अपने साथ बड़ी संख्या में युवाओं को जोड़ा था।

 

करौली के शुरू हिंसा का तांडव अलवर, जोधपुर, भीलवाड़ा, हनुमानगढ़ के बाद उदयपुर तक जा पहुंचा
लाख टके का सवाल यही है कि इतने दिऩों से इतना सारा गड़बड़झाला होने के बावजूद राज्य की एजेंसियां आंख-कान बंद किये क्यों बैठी रहीं? यदि ये एक्टिव रहतीं तो राजस्थान के एक के बाद एक शहरों में सांप्रदायिक हिंसा के चलते हालात नहीं होते। राजस्थान में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।  पिछले कुछ माह में  राज्य के 5 जिलों में सांप्रदायिक घटनाएं हो चुकी हैं। करौली के शुरू हुआ हिंसा का तांडव अलवर, जोधपुर, भीलवाड़ा के बाद अब हनुमानगढ़ तक जा पहुंचा। गहलोत सरकार है कि इनको रोकने के बजाए यह मानने के लिए ही तैयार नहीं है कि राज्य में कई जगह सांप्रदायिक हिंसा, आगजनी, पत्थरबाजी, चाकूबाजी आदि की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन सीएम अशोक गहलोत की नजर में यह सिर्फ ‘छुट-पुट’ झड़प हैं। ऐसे में सवाल ये उठ रहा है कि आखिर राजस्थान में शहर दर शहर सांप्रदायिक हिंसा का जहर क्यों फैल रहा है? क्योंकर यहां उत्तर प्रदेश की तरह दंगाइयों में कानून-व्यवस्था का भय नहीं है ?

 

 

 

 

 

 

 

 

करौली : हिंदू नव संवत्सर पर बाइक रैली पर पथराव, आगजनी और हिंसा
हिंदू नव संवत्सर के अवसर पर 2 अप्रैल को करौली में हिंसा हुई थी जब कुछ लोगों ने एक बाइक रैली पर पथराव कर दिया। इसके वीडियो वायरल हुए कि लोगों ने कैसे घरों के ऊपर पहले ही साजिशन पत्थर जमा किए हुए थे। कई वाहनों और दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया था। हिंसा में 35 से अधिक लोग घायल हुए थे। बिगड़ते हालात को देखते हुए शहर में पहले धारा 144, कर्फ्यू और फिर इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी। मामले में पुलिस ने वीडियो फुटेज, कॉल, लोकेशन आदि के आधार पर अब तक लगभग 144 आरोपियों को चिंहित किया था।

जोधपुर : पुलिस को जालोरी गेट पर बिजी कर दंगाइयों से शहर में आतंक मचाया
जोधपुर की ग्राउंड जीरो की रिपोर्ट में जो सच सामने आया वो सिर्फ हैरान करने वाला नहीं, होश उड़ाने वाला था। दंगाइयों ने पहले से प्लान कर रखा था कि पुलिस मौके पर पहुंचे तो क्या करना है। यही वजह थी कि भारी पुलिस फोर्स होने के बावजूद पुलिस को हालात को कंट्रोल करने में कई घंटे लग गए। जालोरी गेट चौराहे पर जब सैकड़ों की तादाद में लोग प्रदर्शन कर रहे थे तो पुलिस के कई बड़े अफसरों सहित 200 से ज्यादा का अमला भीड़ को कंट्रोल करने की कोशिश कर रहा था। पुलिस लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ रही थी। दंगाइयों को इसी मौके का इंतजार था। पुलिस जालोरी गेट चौराहे पर बिजी थी और दंगाई शहर के भीतरी इलाकों की तरफ निकल गए। दंगाइयों ने कबूतरों का चौक, सोनारो का बास, ईदगाह मस्जिद, जालोरी गेट, शनिचरजी का थान, ईशाकिया आदि मोहल्लें में 3-4 घंटे तक जमकर आतंक मचाया।

नागौर: जोधपुर की तपिश ठंडी होने से पहले ही दो गुटों ने मचाया बवाल
जोधपुर में ईद के दिन हुई हिंसा का मामले की तपिश अभी ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि अब राज्य के नागौर से बवाल की खबर सामने आ रही है। यहां दो गुट आपस में ही भिड़ गए, बताया जा रहा है कि नागौर में ईद मनाने को लेकर कहासुनी के बाद दो पक्ष आपस में भिड़ गए । मामूली कहासुनी से शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ा कि दोनों गुट आपस में लड़ने मरने-मारने पर उतारू हो गए। नागौर स्थित किदवई कॉलोनी में मुस्लिम समुदाय के दो पक्षों में किसी बात को लेकर विवाद छिड़ गया, और दोनों पक्ष के लोगों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग उग्र हो गए और एक दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया। दोनों ओर से जमकर पत्थर चलाए गए वहीं उपद्रवियों ने कुछ बाइकें तोड़ दी इस पत्थरबाजी में आधा दर्जन लोगों के घायल होने की खबर सामने आ रही है।

भीलवाड़ा: एक दर्जन से ज्यादा नकाबपोशों ने मारपीट करके बाइक जलाईं
राजस्थान में जोधपुर-नागौर के बाद अब भीलवाड़ा सुलग रहा है। यहां सांगानेर में बुधवार रात को यहां दो युवकों के साथ एक दर्जन से ज्यादा नकाबपोशों ने मारपीट करके उनकी बाइक जला दी। इसके बाद लोगों ने हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर घायलों को अस्‍पताल ले जाने का विरोध किया। हालांकि, पुलिस-प्रशासन की समझाइश के बाद घायलों को जिला अस्‍पताल में भर्ती करा दिया गया। घायलों को इलाज के लिए ले जाने के बाद भी शहर में तनाव कम नहीं हुआ। हालात को देखते हुए सांगानेर इलाके में 33 थानों के 150 से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है।

हनुमानगढ़ : यहां चोरी और सीनाजोरी, लड़कियों को छेड़ने से रोका तो वीएचपी नेता पर हमला
राजस्थान में हालात इतने बिगड़ गए हैं कि गत 11 मई को हनुमानगढ़ में बेखौफ लोगो ने विश्व हिंदू परिषद के स्थानीय नेता पर हमला कर दिया। इसके बाद माहौल गर्मा गया। हमले के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सड़क को जाम कर दिया था। दरअसल, विश्व हिंदू परिषद नेता सतवीर सहारण से एक महिला ने शिकायत की थी कि मंदिर के पास कुछ लड़के बैठते हैं और छेड़छाड़ करते हैं। इसी के बाद पूरा विवाद शुरू हुआ था। आक्रोशित लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मामले में दो लोग पुलिस की गिरफ्त में आए हैं। शहर में शांति बहाल रखने के लिए पुलिस को फ्लैग मार्च करना पड़ा।सीएम के ‘घर’ में हिंसा महज संयोग नहीं, बल्कि पूरी तरह से सुनियोजित थी
राजस्थान में अजीब हालात इसलिए भी बने हुए हैं कि प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कहीं भी हिंसा या दंगों की बात स्वीकार ही नहीं रहे हैं। हिंसा के वीडियो वायरल होने के बावजूद उनके लिए यह छुट-पुट घटनाएं हैं। दूसरी ओर पड़ताल में यह शीशे की तरह साफ हो गया है कि जोधपुर में हिंसा महज एक इतेफाक नहीं था कि ईद, अक्षय तृतीया के दिन ही जोधपुर में दंगे भड़क उठे। सामान्यत: घरों और दुकानों में न मिलने वाली तेजाब की बोतलें, उस दिन दर्जनों दंगाइयों के हाथों में थीं। एक गली से शुरू हुआ उपद्रव देखते-देखते ही जोधपुर के कई इलाकों में पहुंच गया। सब कुछ पहले से प्लांड था और जिस तरह से घटनाएं घटी, ये भी तय है कि ये प्लानिंग काफी समय से की जा रही थी।जोधपुर जल रहा था, तब मुख्यमंत्री जन्मदिन के गुलदस्ते लेने में व्यस्त थे- शेखावत
केंद्रीय मंत्री जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने गहलोत पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि जोधपुर जल रहा था और मुख्यमंत्री जन्मदिन के गुलदस्ते लेने में व्यस्त थे । समुदाय विशेष के लोगों ने घरों में घुसकर महिलाओं से बदतमीजी की, लोगों के घरों पर हमला किया। इसके बाद एक राय होकर चौक में धर्म विशेष के नारे लगाए। पुलिस कार्रवाई करने की जगह खड़ी होकर देखती रही। ऐसा लगता है कि पुलिस-प्रशासन किसी के दबाव में काम कर रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि देशभर में करौली दंगों के वीडियो वायरल होने और सरकार को कठघरे में खड़ा करने के बावजूद सीएम अशोक गहलोत कह रहे हैं, “हम लोगों ने कहीं दंगा कहीं होने नहीं दिया। न करौली में, न राजगढ़, न जोधपुर में। इसलिए कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ, कोई बड़ी घटना नहीं हुई।” करौली में हुए दंगों के लिए तो सीएम गहलोत ने बीजेपी अध्यक्ष नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह के दौरों को दोषी ठहरा दिया था, लेकिन अब सीएम किसे दोष देंगे?

शहरों में फैल रहा सांप्रदायिक हिंसा का जहर और विधायक-मंत्री के पुत्र कर रहे रेप
प्रदेश में इन दिनों ऐसा लग रहा है कि यहां कानून-व्यवस्था के बजाए गुंडों का राज चल रहा है। रेप में नंबर वन राजस्थान में अब विधायक-मंत्री पुत्रों पर अबलाओं से दुष्कर्म के आरोप लग रहे हैं। लेकिन यूपी में रेप की छोटी सी घटना पर भी हायतौबा मचाने वाली कांग्रेस की महासचिव को राजस्थान के ये कांड नजर ही नहीं आ रहे हैं। न ही राहुल-सोनिया गांधी को यहां की हिंसा, आगजनी और दंगों की घटनाएं दिख पा रही हैं। प्रदेश में अभी करौली हिंसा की आग अभी ठंडी ही नहीं पड़ी थी कि पूरे सुनियोजित तरीके से सीएम का घर जोधपुर सुलग उठा। जोधपुर के जख्म भी नहीं भरे हैं कि नागौर और भीलवाड़ा से पथराव और हिंसा की चिंगारियां फूटने लगी हैं। अब हनुमानगढ़ और भरतपुर में हिंसा हो गई है। मानो राजस्थान में कांग्रेस का नहीं पोपाबाई का राज चल रहा हो !! राजस्थान में तो गाहे-बगाहे इस जुमले का प्रयोग होता ही रहता है। खास तौर पर जहां अव्यवस्था हो, अराजकता हो या लगे कि कानून का राज नहीं है। मतलब जहां किसी तरह की कोई व्यवस्था नजर नहीं आए, उसको ‘पोपाबाई का राज’ कहा जाता है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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