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पीएम मोदी के ‘न्यू इंडिया’ में अमेरिका की भी जगी आस, दोनों देशों में आएगी नौकरियों की बहार

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यू इंडिया के संकल्प के प्रति भारत ही नहीं अमेरिका भी आस लगाए बैठा है। अमेरिका को भरोसा है कि पीएम मोदी का ये विजन भारत के साथ-साथ अमेरिका में भी नौकरियों की बहार लाएगा। ये बातें किसी और ने नहीं स्वयं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रेस सचिव ने कही है। अमेरिका की इस उम्मीद से उन करोड़ों लोगों के हौंसले बुलंद होंगे जो अमेरिका के हालिया नीतियों से आशंकित हो गए थे। देश के लिए गौरव की बात है कि अब अमेरिका भी अपने यहां रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए पीएम मोदी की नीतियों की ओर टकटकी लगाए रहता है।

न्यू इंडिया में नौकरियां ही नौकरियां
‘Buy American, hire American’ की ट्रंप की नीतियों के उलट अमेरिका के ताजा रुख से भारत के प्रति उसकी सोच में परिवर्तन के संकेत मिल रहे हैं। अंग्रेजी समाचार पोर्टल इकॉनोमिक्स टाइम्स के अनुसार इस महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा की चर्चा करते हुए ट्रंप के प्रेस सचिव सीन स्पाइसर ने कहा है कि, अमेरिका दोनों देशों के 160 करोड़ लोगों के लिए साझा विजन की ओर देख रहा है। पीएम मोदी के न्यू इंडिया के विजन को पूरा करने में अमेरिका ऊर्जा और तकनीक के सहारे सहयोग कर रहा है और इस प्रक्रिया में अमेरिका में भी हजारों नौकरियों के अवसर पैदा होंगे। ये बयान ट्रंप के हाल के बयानों से थोड़ा अलग है, जिसमें बाहरियों के चलते अमेरिकियों के सामने रोजगार के संकट पैदा होने की बातें की जा रही थीं। उसके चलते भारतीय प्रोफेशनल्स और तकनीकी टैलेंट में अमेरिका में रोजगार और अमेरिकी वीजा को लेकर निराशा के भाव पैदा हो रहे थे। यही नहीं, उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था की 7% की दर से वृद्धि को सुखद संकेत बताया और दोनों देशों के लगातार मजबूत होते व्यापारिक संबंधों का भी जिक्र किया।

अमेरिकियों को भी अब पीएम मोदी से ही उम्मीद

अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रेस सचिव की बातों से एक बात और भी साफ है कि अमेरिकी जनता भी पूरी तरह से पीएम मोदी की नीतियों पर भरोसा कर रही है। उसे पता है कि उन्होंने भारत के लिए जो संकल्प लिया है, उसे पूरा करके रहेंगे। ग्लोबलाइजेशन के इस युग में सफल और सशक्त भारत, अमेरिका जैसे लोकतांत्रिक देश के भी हित में है। आतंकवाद का विरोध हो या आर्थिक विकास एवं सुधारों को बढ़ावा देने की बात या फिर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग का विस्तार, दोनों देशों की प्राथमिकताएं समान हैं। यही कारण है कि पीएम मोदी ने जो सपना भारत के लिए देखा है वो अब अमेरिका का भी सपना बन गया है और उसे पूरा करने के लिए वो भी पूरी शक्ति लगाने को तैयार है।

नौकरियों के लिए है ठोस विजन

पीएम मोदी ने न्यू इंडिया के संकल्प में युवाओं को रोजगार और उद्योगों को रोजगार सृजन के काबिल बनाने की दिशा में जो कदम उठाए हैं, जल्दी ही जमीन पर उसके परिणाम भी देखने को मिलने लगेंगे। एक आंकड़े बताते हैं कि रियल एस्टेट और रिटेल समेत देश के कम से कम 24 सेक्टरों में आने वाले पांच सालों में करीब 12 करोड़ स्किल्ड कामगारों की आवश्यकता होगी, जहां सरकार की योजनाओं के तहत प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के अवसर होंगे। 

दरअसल पिछले तीन साल में पीएम मोदी ने नौकरियों के अवसर पैदा करने के लिए जो निर्णय किए हैं, उसने अमेरिकी जनता की भी सोच बदल दी है। वो समझ गए हैं कि अगर एक राजनेता में देश के लिए कुछ कर दिखाने का हौंसला हो तो कठिन से कठिन कार्य भी बहुत आसान हो सकता है। दरअसल पीएम चाहते हैं कि देश के युवा job seeker के बजाय job creator बनें। उन्होंने इसी आधार पर रोजगार की नीति को बढ़ावा भी दिया है। 

स्किल इंडिया

देश में पहली बार मोदी सरकार ने ही स्किल डेवलपमेंट यानी कौशल विकास को लेकर एक समग्र और राष्ट्रीय नीति तैयार की। इसके लिए 21 मंत्रालयों और 50 विभागों में फैले कौशल विकास के कार्य को विशेष तौर पर गठित हुए कौशल विकास मंत्रालय के अधीन लाया गया। 12,000 करोड़ रुपये के बजट के साथ शुरू हुई प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत चार साल में एक करोड़ युवकों को प्रशिक्षित करना है। कौशल विकास के तहत अब तक 56 लाख से ज्यादा युवा प्रशिक्षित किये जा चुके हैं जिनमें से करीब 24 लाख अपने हुनर से जुड़े क्षेत्र में रोजगार पा चुके हैं।

स्टार्ट अप

देश में स्टार्ट अप के लिए अपनी तरह की पहली नीति लॉन्च की गई। यह योजना उन लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है जो अपना खुद का कारोबार शुरू करना चाहते हैं। इसके तहत कारोबार शुरू करने की इच्छा रखने वाले लोगों को आर्थिक मदद दी जाती है, साथ ही पहले तीन साल तक टैक्स में छूट भी मिलती है। इसकी शर्तों में ये भी शामिल किया जा रहा है कि किसी स्टार्ट अप से कितने लोगों को रोजगार मिलेगा।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लघु-मंझोले कारोबार के क्षेत्र में अब तक करीब 4.5 करोड़ लोग लाभान्वित हो चुके हैं। इनमें वो लोग भी शामिल हैं जिन्होंने इस योजना का फायदा उठाते हुए अपने कारोबार की शुरुआत की। सब्जी विक्रेता, सैलून और खोमचे वालों को भी इस योजना के तहत मामूली ब्याज दरों पर ऋण दिए जाते हैं। रोजगार को गति देने वाली इस योजना का लाभ लेने वालों में 70 फीसदी से ज्यादा महिलाएं हैं। इस योजना के तहत 50 हजार रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक के लोन दिए जाते हैं और पहली कैटेगरी के लोन पर किसी गारंटी की भी जरूरत नहीं। इससे रोजगार सृजन करने और देने वालों की संख्या में भारी बढ़ोत्तरी हुई है।

डिजिटल इंडिया
डिजिटल इंडिया की योजना से युवाओं के लिए रोजगार के नये अवसर पैदा हुए हैं। सरकार के हर क्षेत्र में ई- क्रांति के कदम से स्वास्थ्य के क्षेत्र में गांवों और गैर महानगरीय शहरों को नये उत्पाद और सेवा देने वाले युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे है। ऑनलाइन रीसेल के कारोबार में भी भारी तेजी देखी गई है और महिलाओं में घर बैठे इस बिजनेस को अपनाने का चलन बढ़ा है।

सरकारी योजनाओं से नौकरियों के खुले द्वार

मोदी सरकार की पहल से ऐसे ढेर सारे और काम भी चल रहे हैं, जिनके चलते रोजगार के अवसरों में लगातार बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है। सड़क, आवास, रेल, परिवहन, कृषि क्षेत्र की तमाम योजनाओं ने रोजगार के अवसरों को बढ़ाया ही नहीं है, बल्कि उसे लाभप्रद भी बनाया है। 2016-17 में देश में शुरू होने वाले औद्योगिक प्रोजेक्ट्स में 29% की बढ़ोतरी हुई है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रोजगार के कितने सारे मौके निकल रहे हैं।

युवाओं को भा रहा है नौकरी सृजन का आइडिया  

मोदी सरकार रोजगार को लेकर कांग्रेस शासन में दिखी घिसी-पिटी सोच से अलग और आधुनिक ढर्रे पर काम कर रही है। वो सिर्फ रोजगार के लिए रोजगार पैदा करने की खानापूर्ति पर काम नहीं कर रही, बल्कि एक ऐसा वातावरण बना रही है जिससे रोजगार पाने वाले और रोजगार पैदा करने वाले दोनों का विकास हो। सरकार ने एक करोड़ रोजगार मुहैया कराने का वादा किया था, लेकिन स्किल डेवलपमेंट और स्टार्टअप इंडिया जैसे कदम बता रहे हैं कि आने वाले पांच सालों में इस लक्ष्य से भी कहीं ऊपर का आंकड़ा हासिल किया जा सकता है। इसकी सबसे बड़ी वजह है कि सरकार की नई नीतियों के बाद देश में पहली बार ऐसा माहौल बना है कि jobseekers भी job creators बनना चाहते हैं।   

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