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नटवर की खरी-खरी से कांग्रेस की किरकिरी; सोनिया गांधी, राहुल और प्रियंका को बताया तीसमारखां

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पंजाब में जारी सियासी कलह के बीच कांग्रेस अब अपनों के हमले का भी शिकार हो रही है। नवजोत सिंह सिद्धू की राजनीति को भांपने में हाईकमान की नाकामी ने कांग्रेस के शीर्ष संगठन में घमासान को फिर से हवा दे दी है। कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं के समूह जी 23 ने इस नाकामी को लेकर सीधे-सीधे नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया है। पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने राहुल समेत पूरे गांधी परिवार पर हमला करते हुए कहा कि, कांग्रेस की वर्तमान स्थिति ठीक नहीं है। इसके लिए केवल  सोनिया गांधी, राहुल और प्रियंका जिम्मेवार हैं। पार्टी की हो रही फजीहत से अहत होकर नटवर सिंह ने तो यहां तक कह दिया कि तीनों खुद को तीसमार खां समझते हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता द्वारा इस प्रकार खरी-खरी सुनाने से पार्टी की काफी किरकिरी हो रही है और सभी लोग अब हाईकमान की निर्णय क्षमता पर ही सवाल उठा रहे हैं। सभी कह रहे हैं कि ऐसा तो कभी हुआ ही नहीं, जैसी आज कांग्रेस की हालत है। यह पहला मौका है, जब किसी सीनियर नेता ने इस तरह से राहुल गांधी का नाम लेकर निशाना साधा है। इससे पहले कपिल सिब्बल ने भी पार्टी में बड़े बदलावों की मांग करते हुए कहा था कि अब एक नियमित अध्यक्ष जल्दी ही चुना जाना चाहिए। उधर, कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए जितिन प्रसाद ने तो साफ साफ कह दिया, कि यह स्पष्ट है कि कांग्रेस के दिग्गजों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। जबकि जो लोग देश को विभाजित करने की बात करते हैं और कहते हैं कि कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं है, वे सलाहकार बन रहे हैं। तो आप समझ सकते हैं कि कांग्रेस में क्या हो रहा है।

पार्टी में राहुल के पास कोई पद नहीं, लेकिन सभी मामलों में वही लेते हैं फैसले, केवल मुहर लगातीं हैं सोनिया गांधी
अब न वर्किंग कमिटी की मीटिंग होती है, न ही राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक। पार्टी में भले ही राहुल गांधी के पास कोई पद नहीं है, लेकिन सभी मामलों में फैसले वे ही लेते हैं। राहुल और प्रियंका गांधी ने मिलकर कैप्टन अमरिंदर सिंह, जिनका 52 साल का लंबा अनुभव रहा है, को हटाने का फैसला ले लिया और सोनिया गांधी ने मुहर लगा दी। कांग्रेस ने उस सिद्धू को पंजाब की जिम्मेदारी दे दी, जो कभी भी कुछ भी फैसला ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि एक बार सिद्धू ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था और फिर उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी से मुलाकात कर कहा था कि क्या मैं उसे वापस ले सकता हूं। इस पर हामिद अंसारी ने कहा कि अब तो इस्तीफा वापस नहीं लिया जा सकता है।

कैप्टन अमरिंदर से माफी मांगे गांधी परिवार, पार्टी में लौटने के लिए मनाएं
नटवर सिंह ने पार्टी की मौजूदा हालत के लिए सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि गांधी परिवार को कैप्टन अमरिंदर सिंह के सामने अपनी गलती मानकर उन्हें मनाना चाहिए कि हम आपकी हम इज्जत करते हैं वापस आइए। लेकिन वो ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि इसके लिए बड़प्पन चाहिए और तीनों खुद को तीस मार खां समझते हैं। उन्होंने कहा, ”सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के अलावा कोई नेता नजर आता है जो इनके खिलाफ आवाज उठाता है। कोई नहीं उठाता वर्किंग कमेटी की बैठक में कोई आवाज नहीं उठाता। कपिल सिब्बल और गुलाम नबी बोल गए, लेकिन उसका कोई असर नहीं होगा। उन्होंने कहा, मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा कि आप 10 जनपथ पर किसी से मिल नहीं रहे। यहां इतना बड़ा संकट हो गया है और इनके साहबजादे (राहुल गांधी) केरल और साहबजादी (प्रियंका गांधी) उत्तर प्रदेश गई हैं।”
सिंह ने आगे कहा, ”कांग्रेस में संकट के समय इन नेताओं को यहां होना चाहिए और अमरिंदर सिंह को मनाना चाहिए कि हमसे गलती हो गई है, आपकी हम इज्जत करते हैं वापस आइए। इसके लिए बड़प्पन चाहिए। गांधी परिवार का कोई सलाहकार नहीं है, जो बेचारे एंटनी थे वो बीमार हैं। वो कहते इनको कि मैडम ये ठीक नहीं है। मनमोहन सिंह चुप बैठे हैं वो दबी जुबान में कह सकते हैं लेकिन नहीं कहेंगे। कोई इनको सलाह देने के लिए नहीं है, इनको ये लग रहा है कि हम तीसमार खां हैं।’

नटवर सिंह ने पीएम मोदी को जमकर सराहा, कहा- राहुल क्या, कांग्रेस में कोई नेता नहीं कर सकता उनका मुकाबला
दिग्गज नेता नवटर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि, कांग्रेस में राहुल गांधी समेत कोई नेता नहीं है, जो उनको चुनौती दे सके। उन्होंने कहा कि, अगर आपको दोनों के बीच का अंतर देखना हो तो पीएम मोदी और राहुल गांधी के बीच बहस करवाकर देख लीजिए। आपने टीवी चैनल पर राहुल गांधी का साक्षात्कार भी देखा होगा। पीएम मोदी एक अच्छे वक्ता हैं। वह निडर और साहसी हैं। राहुल गांधी पीएम मोदी के खिलाफ कुछ नहीं कर सकते। कांग्रेस में कोई भी नहीं है, जो पीएम मोदी को चुनौती दे सकता है, क्योंकि वह एक महान वक्ता हैं।’


हरियाणा के पूर्व सीएम हुड्डा ने भी उठाए सवाल, कहा- बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था पंजाब, स्थायी अध्यक्ष जरूरी

कांग्रेस नेता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने  कहा, “पंजाब को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था।” कपिल सिब्बल के घर पर यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन पर भी सवाल उठाते हुए हुड्डा ने कहा कि  ये सही नहीं है। पार्टी से कई नेताओं के मोहभंग पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को इन मामलों पर मंथन करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को एक पूर्णकालिक अध्यक्ष की जरूरत है। मालूम हो कि हुड्डा भी उस जी-23 समूह का हिस्सा हैं, जिसने पिछले साल पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव की मांग की थी।  पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के पार्टी छोड़ने को उनका निजी फैसला बताते हुए हुड्डा ने कहा कि ऐसा सिर्फ पंजाब में नहीं हो रहा है, अन्य प्रदेशों का भी यही हाल है। गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री फलेरियो ने भी पार्टी को छोड़कर बीजेपी ज्वाइन की है।

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