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गंगा सफाई के मिशन में जुटे ‘चाचा चौधरी’: ‘नमामि गंगे’ योजना में बनाया गया शुभंकर

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गंगा और उसकी सहायक नदियों की सफाई का मिशन तेजी से आगे बढ़ रहा है। पीएम मोदी ‘नमामि गंगे’ से जुड़ी परियोजनाओं को वक्त पर पूरा करने और गंगा सफाई के मिशन को रफ्तार देने के लिए पूरी कोशिश कर रहे है। मोदी सरकार ने इसे लेकर एक अनोखी पहल की है।

‘चाचा चौधरी’ बने ‘नमामि गंगे’ के शुभंकर 

जिसका दिमाग कंप्यूटर से भी तेज है….जो हर चुनौती का हल चुटकियों में निकाल लेते हैं ..चाचा चौधरी बच्चों के सबसे प्यारे कॉमिक कैरेक्टर , अब गंगा की सफाई के महा अभियान में जुटे दिखाई देंगे। गंगा में प्रदूषण के स्तर को कम करने और नदी को पुनर्जीवित करने के लक्ष्य के साथ शुरू की गई नमामि गंगे योजना में चाचा चौधरी को शुभंकर बनाया गया है।

मोदी सरकार के जल संसाधन मंत्रालय ने कॉमिक कैरेक्टर चाचा चौधरी को शुभंकर बनाने का फैसला किया है। अब चाचा चौधरी स्वच्छ गंगा के राष्ट्रीय अभियान में लोगों को जागरूक करेंगे । सरकार की योजना के तहत कॉमिक्स, ई-कॉमिक्स और कार्टून कैरेक्टर वाले एनिमेडेट वीडियो तैयार किए जाएंगे, जिन्हें देश के कोने-कोने तक पहुंचाया जाएगा।

 

बच्चों को मिलेगी नदियों के संरक्षण की सीख 

इससे बच्चों को नदियों के संरक्षण की सीख मिलेगी। इस परियोजना के लिए सरकार ने अनुमानित बजट 2.26 करोड़ रुपये रखा है। चाचा चौधरी का कैरेक्टर कई दशकों से बच्चों में बेहद लोकप्रिय है। बेहद तेज दिमाग वाले चाचा चौधरी की रचना प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट प्राण ने की थी। डायमंड बुक्स के साथ ‘नमामि गंगे’ मिशन ने करार किया है।

गंगा सफाई की योजना ‘नमामि गंगे’ को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए मोदी सरकार लगातार प्रयासों में जुटी है। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मिले तोहफों और स्मृति चिह्नों की ई-नीलामी भी कर रहा है। इससे मिले पैसों का भी ‘नमामि गंगे’ योजना के तहत गंगा सफाई के काम में इस्तेमाल किया जाएगा।

गंगा सफाई के काम आ रहे पीएम मोदी को मिले स्मृति चिह्न

पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मिले तोहफों व स्मृति चिह्नों की ई-नीलामी 17 अक्टूबर तक चलनी थी, लेकिन अब सरकार ने इसे 3 अक्बटूर तक जारी रखने का फैसला किया है। मंत्रालय की तरफ से 27 सितंबर को चालू की गई नीलामी में प्रधानमंत्री को मिले 2700 से ज्यादा तोहफों व स्मृति चिह्नों के लिए ऑनलाइन बोली मांगी जा रही है। नीलामी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को तोहफे में मिली पेंटिंगों, मूर्तियों, शॉलों, जैकेटों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों समेत बहुत सारी वस्तुएं शामिल हैं।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 13 मई 2015 को गंगा और इसकी सहायक नदियों के संरक्षण के लिए ‘नमामि गंगे’ परियोजना को मंजूरी दी थी। वहीं गंगा नदी की स्वच्छता के लिए शुरू किए गए ‘नमामि गंगे’ अभियान के तहत पिछले छह साल में मंजूर की गईं 347 परियोजनाओं में काम तेजी से चल रहा है।

तेजी से आगे बढ़ रहा ‘नमामि गंगे’ का मिशन

‘नमामि गंगे’ परियोजना के तहत अब तक 11,842 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) से प्राप्त 31 अगस्त 2021 तक परियोजनाओं के प्रगति संबंधी आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है। एनएमसीजी के आंकड़ों के अनुसार 31 अगस्त 2021 तक गंगा की स्वच्छता एवं निर्मलता से जुड़ी

• 347 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
• इसके लिए 30,255 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।
• अगस्त माह तक 167 परियोजनाओं पर काम पूरा हो गया है।
• 145 परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है।
• 28 परियोजनाओं पर निविदा की प्रक्रिया चल रही है।

‘नमामि गंगे’ परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट के मुताबिक गंगा सफाई की इस योजना के लिए अब तक मंजूर 30,255 करोड़ रुपये में से 11,842 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं, इसमें रखरखाव पर खर्च भी शामिल है। मोदी सरकार की कोशिश जल्द से जल्द ‘नमानि गंगे’ से जुड़ी परियोजनों को पूरा करने पर है। ताकि गंगा और इसकी सहायक नदियों के संरक्षण के काम को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके।

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