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शत्रुता समाप्त कर संवाद शुरू करें रूस-यूक्रेन- नीदरलैंड के पीएम के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी

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रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को समाप्त करवाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुरू से ही प्रयासरत हैं। प्रधानमंत्री मोदी रूस-यूक्रेन के बीच शांति स्थापित करने के लिए दुनिया के तमाम बड़े नेताओं के साथ संपर्क में हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार, 8 मार्च को नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री मार्क रुट से फोन पर बात की। दोनों राजनेताओं ने यूक्रेन की वर्तमान परिस्थितियों पर चर्चा की और वहां जारी मानवीय संकट पर अपनी चिंताओं का साझा किया। प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा कि रूस और यूक्रेन को शत्रुता समाप्त करके संवाद और कूटनीति के मार्ग पर आना ही होगा।

प्रधानमंत्री ने रूस और युक्रेन के बीच चल रही बातचीत का स्वागत किया और आशा व्यक्त की कि इसका जल्द समाधान निकल आएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने इसके साथ ही प्रधानमंत्री रुट को यूक्रेन के युद्धग्रस्त इलाकों से भारतीय नागरिकों को बाहर निकालने, प्रभावित आबादी के लिए दवाओं सहित अन्य आपद राहत सामग्री के रूप में भारत की ओर से दी गई सहायता के बारे में भी जानकारी दी।

पुतिन से तीन और जेलेंस्की से दो बार हुई बात
इसके पहले सोमवार, 7 मार्च को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच करीब 50 मिनट तक बात हुई। राष्ट्रपति पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को यूक्रेन संकट की ताजा स्थिति और वार्ता के बारे में बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान युद्धविराम के लिए रूस की सराहना की। प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों नेताओं के बीच सीधी बातचीत का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री मोदी की रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ अच्छी दोस्ती है और राष्ट्रपति जेलेंस्की चाहते हैं कि प्रधानमंत्री युद्ध समाप्त कराने में अहम भूमिका निभाएं। इसी को लेकर यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भी सोमवार को मौजूदा संकट काल में दूसरी बार प्रधानमंत्री मोदी से बात की। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने प्रधानमंत्री को संघर्ष की स्थिति के साथ यूक्रेन और रूस के बीच चल रही बातचीत के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

प्रधानमंत्री मोदी ने संघर्ष जारी रहने और इससे पैदा मानवीय संकट के बारे में गहरी चिंता व्यक्त की। प्रधानमंत्री मोदी ने हिंसा को तत्काल समाप्त करने के अपने आह्वान को दोहराया और कहा कि भारत हमेशा से मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान और दोनों पक्षों के बीच सीधी बातचीत का समर्थन करता रहा है। प्रधानमंत्री ने रूस और यूक्रेन के बीच जारी सीधी बातचीत की सराहना की।

इससे पहले रूस के साथ 24 फरवरी से जारी युद्ध के बीच राष्ट्रपति जेलेंस्की ने 26 फरवरी को भी प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बात की थी। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इस दौरान भारत के राजनीतिक समर्थन की मांग की। इस संकट में भारत ने किसी पक्ष का समर्थन नहीं किया है। भारत शुरू से कहता रहा है कि कूटनीति और बातचीत से ही संकट का हल निकाला जा सकता है। यूक्रेन संकट के बाद से प्रधानमंत्री मोदी रूस के राष्ट्रपति पुतिन से तीन बार बात कर चुके हैं। रूस और यूक्रेन के साथ दुनिया के तमाम बड़े नेताओं को विश्वास है कि प्रधानमंत्री मोदी युद्ध को खत्म कराने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

यूक्रेन संकट पर कई यूरोपीय नेताओं ने की बात
यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के बाद से प्रधानमंत्री मोदी ने कई यूरोपीय नेताओं से बात की। प्रधानमंत्री मोदी ने संकट के दौरान जेलेंस्की और पुतिन के साथ वैश्विक नेताओं से की 11 बार बातचीत की। 2 मार्च को उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों, पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रजेज डूडा और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल से बातचीत की। राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की ओर से युद्ध प्रभावित क्षेत्र से अपने नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने और वहां प्रभावित लोगों के लिए दवाइयों के साथ ही जरूरी राहत सामग्री भेजने के बारे में भी बताया। प्रधानमंत्री ने दोनों पक्षों के बीच बातचीत का स्वागत किया।

पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रजेज डुडा से बात में प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन से भारतीय नागरिकों को निकालने में मदद देने के लिए आभार जताया। इसके साथ ही यूक्रेन से पोलैंड की सीमा में प्रवेश करने के लिए वीजा की जरूरत में ढील देने के लिए भी उन्हें धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने दूसरे विश्व युद्ध के समय पोलैंड के कई परिवारों और अनाथ हो चुके बच्चों को बचाने में जामनगर के महाराज की भूमिका को भी याद किया।

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल से बातचीत में प्रधानमंत्री ने रूस और यूक्रेन की बीच बातचीत का स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने यूक्रेन में बिगड़ती स्थिति और मानवीय संकट पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने युद्ध समाप्त करने और वार्ता की ओर लौटने की भारत की अपील को दोहराया। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि समकालीन वैश्विक व्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और सभी देशों की क्षेत्रीय अखंडता एवं संप्रभुता के सम्मान पर आधारित है। चार्ल्स मिशेल ने कहा कि यूरोपीय देश भारतीय नागरिकों को यूक्रेन से निकालने में पूरी मदद कर रहे हैं।

हंगरी के पीएम विक्टर ओबानो ने भी प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर यूक्रेन के हालातों पर बात की। इसके पहले श्री मोदी ने 28 फरवरी को स्लोवाक गणराज्य के प्रधानमंत्री एडुअर्ड हेगर से बातचीत की। प्रधानमंत्री ने यूक्रेन से भारतीय नागरिकों को बाहर निकालने और उन्हें वापस लाने के वास्ते भारत से विशेष उड़ानों को अनुमति प्रदान करने में स्लोवाक गणराज्य की सहायता के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने आग्रह किया कि स्लोवाक गणराज्य इसी तरह अगले कुछ दिनों तक सहायता जारी रखे, ताकि भारत संघर्ष वाले इलाकों से अपने नागरिकों को बाहर निकाल सके।

प्रधानमंत्री मोदी ने 28 फरवरी को ही रोमानिया के प्रधानमंत्री निकोलाई जोनेल च्युका के साथ टेलीफोन पर बात की। प्रधानमंत्री ने पिछले कुछ दिनों के दौरान यूक्रेन से भारतवासियों को बाहर निकालने में रोमानिया द्वारा दी गई सहायता के लिए निकोलाई जोनेल च्युका को धन्यवाद दिया। उन्होंने रोमानिया की सद्भावना की विशेष प्रशंसा की कि उसने भारतीय नागरिकों को बिना वीसा के रोमानिया में प्रवेश करने दिया और उनकी देशवापसी के लिए भारत से विशेष उड़ानों को अनुमति दी।

इसके पहले 26 फरवरी को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलडोमेर जेलेंस्‍की के साथ हुई बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने जारी संघर्ष के कारण लोगों की मौत और सम्पत्ति के नुकसान पर गहरा दु:ख व्यक्त किया। उन्होंने हिंसा की तत्काल समाप्ति और संवाद को फिर से शुरू करने के अपने आह्वान को दोहराने के साथ शांति प्रयासों में किसी भी तरह का योगदान देने की भारत की इच्छा व्यक्त की।

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