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कोरोना संकट के समय श्रमिकों का मददगार बनी मोदी सरकार, आर्थिक हितों का रखा ध्यान

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आज अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस है। इस अवसर पर कोरोना संकट के बावजूद पूरा विश्व मजदूरों के परिश्रम और उनके योगदान को याद कर रहा है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के श्रमिकों का पूरा ध्यान रखा है। उनकी आर्थिक परेशानियों को दूर करने के लिए हरसंभव कदम उठाया है। साथ ही देश के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने उच्च वर्ग और व्यापारी जगत से एक खास अपील की। उन्होंने कहा कि संकट के इस समय में देश के व्यापारी जगत, उच्च आय वर्ग से भी आग्रह है कि अगर संभव है तो आप जिन-जिन लोगों से सेवाएं लेते हैं, उनके आर्थिक हितों का ध्यान रखें। हो सकता है कि आने वाले कुछ दिनों में वे आपके घर और दफ्तर न आ पाएं तो उनका वेतन न काटें। वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की। इस दौरान दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मज़दूरों को उनके अपने राज्यों में भेजने का मुद्दा उठाया गया। जिसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सड़क मार्ग से मजदूरों के अंतर-राज्य स्थानांतरण की अनुमति दी। इस फैसले से लाखों मजदूरों का अब अपने राज्य वापस आने का रास्ता साफ हो गया है।

आइए एक नजर डालते हैं कोरोना महामारी के समय मोदी सरकार ने मजदूरों के हित में क्या कदम उठाया है-

  • पीएम मोदी ने सभी नियोक्ताओं से कर्मचारियों और मजदूरों का वेतन नहीं काटने और उन्हें नहीं हटाने की अपील की।
  • मोदी सरकार ने फंसे हुए प्रवासी मज़दूरों को सड़क मार्ग से अंतर-राज्य स्थानांतरण की अनुमति दी है।
  • मोदी सरकार ने 2.17 करोड़ निर्माण श्रमिकों को 3,497 करोड़ रुपये वित्तीय सहायता दी।
  • कोरोना महामारी के समय पीएमजीकेवाई के तहत ईपीएफ योजना से विशेष निकासी का प्रावधान किया गया।
  • प्रति माह 15,000 रुपये से कम वेतन पाने वालों के पीएफ खातों में अगले 3 महीनों तक मासिक वेतन का 24% भुगतान मोदी सरकार करेगी।
  • ईपीएफओ ने पीएमजीकेवाई पैकेज के तहत 40 लाख कोविड-19 दावों सहित कुल 12.91 लाख दावों का निपटान किया।
  • देश में 13 ईएसआईसी अस्पताल 1,861 आइसोलेशन बिस्तरों के साथ कोविड-19 समर्पित अस्पतालों में तब्दील किए गए हैं।
  • सनथनगर के ईएसआईसी हॉस्पिटल द्वारा “मोबाइल बीएसएल-3 वीआरडीएल लैब” का उपयोग किया जा रहा है।
  • छूट प्राप्त पीएफ ट्रस्टों द्वारा अग्रिम के तौर पर 40,826 पीएफ सदस्यों को 63 करोड़ रुपये दिए गए।
  • श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए मुख्य श्रम आयुक्तों की अध्यक्षता में 20 नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं।
  • नियंत्रण कक्षों के साथ समन्वय करने के लिए नोडल अधिकारियों को नामित किया गया है।
  • ईएसआईसी ने लॉकडाउन अवधि के दौरान लाभार्थियों को निजी दवा दुकानों से दवाओं की खरीद की अनुमति दी है।
  • मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों के लिए 7,300 करोड़ रुपये जारी किए गए है।

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