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Rajasthan में खनन माफिया की मौज, मंत्री से सिस्टम तक अवैध खनन में लिप्त, खनन कारोबारी का आरोप- पैसा देना बंद किया तो Congress MLA ने धमकाया, पांच करोड़ की मानहानि का दावा

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राजस्थान में खनन माफिया मौज कर रहे हैं। मंत्री पर खनन माफिया बनने के आरोप लग रहे हैं। सरकार पर खान मंत्री को बचाने आरोप लग रहे हैं। कांग्रेस विधायक पर खनन कारोबारी को हफ्ता वसूली के लिए धमकाने के आरोप लग रहे हैं और वास्तव में जो अवैध खनन कर रहे हैं, वो पुलिस की सरपरस्ती में मस्त हैं। क्योंकि उनकी ओर किसी का ध्यान ही नहीं है। गहलोत सरकार के खान मंत्री प्रमोद जैन भाया को सबसे बड़ा खनन माफिया बताने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब नदवई के कांग्रेस विधायक पर क्रेशर कारोबारी ने आरोप जड़ा है कि हफ्ता-वसूली देने बंद कर दिया तो विधायक उसके धमका रहे हैं। कारोबारी ने कांग्रेस विधायक पर पांच करोड़ का मानहानि दावा भी ठोक दिया है।खान मंत्री प्रमोद भाया को खनन माफिया बताने पर सीएम ने नहीं की कार्रवाई
प्रदेशभर में अवैध खनन धड़ल्ले से हो रहा है। सरकार, नेता, पुलिस और अधिकारियों के मजबूत गठजोड़ के चलते खनन माफिया के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। हैरानी की बात है कि खनन में खुद खान मंत्री प्रमोद जैन भाया का इलाका नंबर वन है। कांग्रेस विधायक भरत सिंह पिछले दिनों सीएम अशोक गहलोत को चिठ्ठी लिखकर खनन मंत्री भाया पर ही गंभीर आरोप लगा चुके हैं। हाईवे पर खनन मंत्री प्रमोद जैन भाया के खिलाफ लगे बड़े-बड़े होर्डिंग्स (खाया रे खाया भाया ने खाया) की तस्वीरें भी फिर से वायरल हो रही हैं। इसके बावजूद भाया के खिलाफ कार्रवाई की सीएम गहलोत हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। न ही संगीन आरोप लगाने वाले कांग्रेस विधायक को कुछ कह पा रहे हैं।

अवैध खनन से आस्था स्थल को बचाने के लिए साधु को देनी पड़ी अपनी जान
राजस्थान में अवैध खनन सुर्खियों में रहने, सुप्रीम कोर्ट के द्वारा भी खनन पर टिप्पणी करने के बावजूद गहलोत सरकार की आंखें इस ओर से बिल्कुल बंद हैं। इस बीच भरतपुर में अवैध खनन के खिलाफ साधु विजयदास बाबा का आत्मदाह बताता है कि अवैध खनन के लोगों को कितनी परेशानी हो रही है। 551 दिन के धरना-प्रदर्शन के बावजूद सरकार की कुंभकर्णी नींद नहीं टूटी और अंतत: साधु को जान देकर बताना पड़ा कि आस्था स्थलों पर अवैध खनन को हर हाल में रोका जाए।

फेसबुक लाइव में भ्रष्टाचारी बताया, 15 दिन में जेल में डालने की धमकी दी
अब भरतपुर जिले के क्रेशर कारोबारी ने आरोप लगाया कि नदबई के विधायक जोगिंदर सिंह अवाना को जब अनुचित पैसा देना (एक तरह से हफ्ता वसूली) बंद किया तो विधायक न सिर्फ उन्हें धमका रहे हैं, बल्कि उनकी एक खान को भी हड़पने को कुचक्र रच रहे हैं। जिले के उच्चैन में गांव नंगला छीतर के निवासी स्टोन क्रेशर कारोबारी दौलत सिंह के मुताबिक 17 जुलाई को विधायक ने उच्चैन में पंचायत बुलाई और फेसबुक लाइव कर सार्वजनिक तौर पर मुझे बेईमान व भ्रष्टाचारी कहा। विधायक ने कहा, “भ्रष्टाचार के कारण मेरी पुलिस की नौकरी गई थी और मैं एसीबी से दो बार बचा। मैंने ब़ड़ी-बड़ी अटैचियों से कई अधिकारियों का पेट भरा। मुझे 15 दिन में जेल में डालने की धमकी दी। मुझे मास्टर माइंड बताया।“ फेसबुक पर अवाना के 55 हजार फॉलोवर हैं। मुझे मानसिक पीड़ा हुई है। इसकी क्षतिपूर्ति नहीं हो सकती।

बीस साल पुलिस में नौकरी की, कभी एक पैसे के भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा
काबिले गौर है कि खनन कारोबारी दौलत सिंह 1999 से 2019 तक राजस्थान पुलिस में कॉन्स्टेबल थे। इसके बाद पुलिस सेवा छोड़ खनन कारोबार के पुश्तैनी काम में जुट गए। दौलत की पत्नी और पिता भी खनन, क्रेशर के काम से जुड़े हैं। कारोबारी के अनुसार कई साल पुलिस की सेवा की है और नौकरी में कभी एक पैसे के भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा। अब विधायक ने जानबूझकर मेरी छवि धूमिल की है। पीड़ित कारोबारी का कहना है कि विधायक अवाना वॉट्सअप कॉल करते थे। मेरी पत्नी बृजेश और पिता राजेंद्र भी विधायक का काफी पैसा देते रहे, उनकी आर्थिक मदद करते रहे। जब विधायक ने अवांछित मांगें करना शुरू कर दिया तो असमर्थता जाहिर की। इस पर विधायक गुस्सा हो गए। बर्बाद करने की धमकियां दीं।

बंशी पहाड़पुर की माइंस हड़पने के लिए धमका रहे हैं कांग्रेस के विधायक अवाना
खनन कारोबारी के अनुसार उसने जिले के बंशी पहाड़पुर में ऑक्शन के जरिए एक माइंस खरीदी है। विधायक अवाना उस खान हड़पना चाहते हैं। मैंने कई मौकों पर उनकी आर्थिक मदद की है। रैलियों में गाड़ियां भेजी हैं। अब आर्थिक मदद करना बंद दिया तो धमका रहे हैं। खनन कारोबारी ने नदबई (भरतपुर) विधायक जोगिंदर सिंह अवाना पर गंभीर आरोप लगाते हुए 5 करोड़ की मानहानि का दावा किया है। जयपुर के जिला एवं सेशन महानगर कोर्ट में इसको लेकर अर्जी भी लगाई है। आरोप है कि पैसा देना बंद किया तो विधायक ने धमकाना शुरू कर दिया। विधायक कारोबारी की माइंस तक हड़पना चाहते हैं।

अवैध खनन पर खान मंत्री, पुलिस और प्रशासन के अधिकारी कठघरे में आए
अवैध खनन के खिलाफ पुरजोर आवाज उठाने वाले बाबा विजयदास की मौत के बाद भले ही भरतपुर में अवैध खनन के खिलाफ 551 दिन चला साधु संतों का आंदोलन तो समाप्त हो गया हो, लेकिन अब एक बार फिर गहलोत सरकार, उसके खान मंत्री, पुलिस और प्रशासन के अधिकारी कठघरे में आ गए हैं। बीजेपी बाबा विजयदास के मौत के लिए सीधे-सीधे गहलोत सरकार को दोषी ठहरा रही है। बीजेपी नेताओं के तर्क हैं कि सवा साल से भी ज्यादा समय से साधु-संत अवैध खनन के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए गहलोत सरकार उनकी आस्था के केंद्रों पर गहलोत सरकार बुलडोजर चलवा रही है।

कांग्रेस विधायक ने भरतपुर की घटना पर CM को सुनाई थी खरी-खरी 
विपक्ष ही नहीं अवैध खनन को लेकर कांग्रेस विधायक तक अपनी सरकार के खिलाफ आ गए हैं। कांग्रेस विधायक भरत सिंह ने सीएम अशोक गहलोत को पत्र लिखकर सूबे के खनिज मंत्री प्रमोद जैन भाया पर निशाना साधा है। यही नहीं उन्होंने भरतपुर की घटना पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को खरी-खरी सुनाई है। उन्होंने पत्र में लिखा, ‘प्रदेश का सबसे बड़ा खनन माफिया तो खनिज मंत्री हैं। अगर खनन माफिया पर नियंत्रण करना चाहते हैं तो तत्काल उन्हें बर्खास्त करें।’राजस्थान में खनिज मंत्री के क्षेत्र बारां में बहती है अवैध खनन के भ्रष्टाचार की नदी
हाड़ौती के कांग्रेस विधायक भरत सिंह के इस पत्र के सामने आते ही फिर चर्चा शुरू हो गई कि राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। पार्टी के विधायक ब्यूरोक्रेसी से ही नहीं, मंत्रियों के रवैये से भी नाराज दिख रहे हैं। यही नहीं वो मुख्यमंत्री से भी खफा हैं। भरत सिंह पूर्व में खनिज मंत्री के लिए कह चुके हैं कि राजस्थान में कहीं अवैध खनन के भ्रष्टाचार की नदी बहती है तो वो बारां है। उनका आरोप है कि सरकार, माफिया और पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के गठजोड़ और लेन-देन के बिना अवैध खनन संभव नहीं है।यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के गृह जिले कोटा में नदियों किनारे होता है अवैध खनन
खनिज मंत्री प्रमोद जैन भाया के गृह जिले बारां में अवैध खनन पत्थर, मिट्टी, रेत का कालीसिंध नदी पार्वती नदी परवन नदी और इन नदियों के आसपास के वनक्षेत्र में होता हैं। ऐसे ही यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के गृह जिले कोटा में घड़ियाल सेंचुरी चंबल नदी, परवन, कालीसिंध, पार्वती नदी व पठारी वन क्षेत्र में बड़ी मात्रा में अवैध खनन होता है। पूर्व मंत्री व कांग्रेस विधायक भरत सिंह के निशाने पर प्रदेश के खनिज मंत्री प्रमोद जैन भाया है।खनन मंत्री के इलाके में ही सर्वाधिक अवैध खनन, टॉप-10 जिलों में सबसे ऊपर
प्रदेश में होने वाला अवैध खनन के सर्वाधिक मामले हाड़ौती में दर्ज हैं। प्रदेश के टॉप-10 अवैध खनन वाले जिलों में सबसे ऊपर बारां और कोटा जिले हैं। खनन मंत्री भी बारां जिले से ही नाता रखते हैं। वहीं दूसरे नंबर रहे कोटा जिले से सरकार के यूडीएच मंत्री आते हैं। अवैध खनन को लेकर बारां जिले में 493 और कोटा जिले में 456 मामले दर्ज हुए। यह मामले खान विभाग और वन विभाग की ओर से दर्ज किए गए हैं।आदिबद्री-कनकांचल पर्वत को लेकर लोगों में इसलिए है इतनी आस्था
नंद बाबा और यशोदा मां ने जताई थी तीर्थ की इच्छा बाबा सुनील दास ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक भगवान कृष्ण के माता-पिता नंद बाबा और मां यशोदा मैया जब बूढ़े हुए तो उन्होंने बेटे से चार धाम की तीर्थ यात्रा करने की इच्छा जाहिर की। तब भगवान कृष्ण ने बुजुर्ग माता-पिता की दशा देखते हुए चारों धाम और सभी तीर्थ से आह्वान किया कि वे ब्रज की धरती पर आ जाएं। भगवान के आह्वान पर सभी तीर्थ ब्रज मंडल में आ गए। माता यशोदा और नंद बाबा ने चौरासी कोस की यात्रा कर सभी धामों की तीर्थ यात्रा का पुण्य पा लिया। तब से ब्रज मंडल के चौरासी कोस की परिक्रमा की जाती है।प्रियंका गांधी और अशोक गहलोत से गुहार के बाद भी नहीं रुका अवैध खनन
काबिले गौर है कि राजस्थान की ब्रज 84 कोस परिक्रमा मार्ग में आदिबद्री और कनकाचल पर्वतों में हो रहे अवैध खनन की जानकारी के बावजूद गहलोत सरकार 551 दिन तक सोती रही। अवैध खनन को रुकवाने के लिए यूपी के चुनाव के दौरान साधु-संत कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी से मिले थे। गहलोत-प्रियंका से गुहार लगाने के सिर्फ कोरे आश्वासन ही मिले, लेकिन अवैध खनन नहीं रुका। न ही कनकाचल और आदि बद्री क्षेत्र को वन क्षेत्र में शामिल करने का मार्ग प्रशस्त हुआ। आखिरकार 551 दिन से धरना दे रहे साधु-संतों के सब्र का बांध टूट गया। पशुपति नाथ मंदिर के महंत विजयदास बाबा (60) ने विरोध-स्वरूप खुद को आग लगा ली। वे राधे-राधे कहते हुए दौड़ने लगे। पुलिस ने जब तक आग बुझाई, तब तक बाबा 80% झुलस गए और बाद में उनकी इलाज के दौरान दिल्ली में मौत हो गई।

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