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2018 की मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना से खुलासा, अयोध्या को हिन्दुओं का प्रमुख तीर्थ स्थल नहीं मानती है केजरीवाल सरकार

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दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना में अयोध्या को भी शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने मंगलवार (26 अक्टूबर, 2021) को रामलला के दर्शन के बाद ये बात कही थी कि अयोध्या दर्शन को मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के साथ जोड़ा जाएगा। हालांकि केजरीवाल ने  24 घंटे बाद अपने वादे को पूरा कर दिया, लेकिन सवाल उठ रहा है कि अगर आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ती, तो क्या केजरीवाल सरकार अयोध्या को हिन्दू तीर्थ स्थान का दर्जा दे पाती ?

ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं कि तीन साल बाद केजरीवाल सरकार को भगवान राम और उनकी अयोध्या नगरी की याद आई है। जनवरी 2018 में मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना को मंजूरी दी गई थी। इसमें अयोध्या को शामिल नहीं किया गया था। इसमें जगन्नाथपुरी, शिर्डी, अमृतसर, जम्मू, द्वारका, तिरुपति रामेश्वरम, हरिद्वार, मथुरा, बोधगया ये स्थान शामिल थे। इस योजना पर अमल जून 2019 में शुरू हुआ। इस फैसले से पता चलता है कि केजरीवाल सरकार अयोध्या को हिन्दुओं के प्रमुख तीर्थ स्थान के रूप में दर्जा नहीं देती है। लेकिन चुनाव की मजबूरी और वोटों की चाहत ने भगवान राम और उनकी अयोध्या नगरी को मान्यता देने के लिए विवश किया।

हालांकि आम आदमी पार्टी इसे केजरीवाल की भगवान राम में आस्था और विश्वास से जोड़ रही है। लेकिन दूसरे राजनैतिक दल केजरीवाल के इस कदम और अयोध्या दौरे को सियासी बता रहे हैं। अयोध्या की मुफ्त यात्रा के अरविंद केजरीवाल के ऐलान पर तंज कसते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि कोरोना काल में उत्तर प्रदेश और बिहार के श्रमिकों को दिल्ली से भगाने वाले मुख्यमंत्री को चुनाव के समय भगवान राम और यूपी के लोग याद आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग पहले राम को गाली देने से भी नहीं चूकते थे मगर आज जब लग रहा है कि राम के बगैर नैया पार होने वाली नहीं है तो राम के दर्शन के लिए अयोध्या आ रहे हैं। अच्छी बात है, कम से कम राम के महत्व और अस्तत्वि को इन्होंने स्वीकार तो किया।

गौरतलब है कि मार्च 2014 में कानपुर की एक रैली में दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने कहा था, “जब बाबरी मस्जिद का ध्वंस हुआ तब मैंने अपनी नानी से पूछा कि नानी आप तो अब बहुत खुश होंगी? अब तो आपके भगवान राम का मंदिर बनेगा। नानी ने जवाब दिया – ना बेटा, मेरा राम किसी की मस्जिद तोड़ कर ऐसे मंदिर में नहीं बस सकता।” एक अन्य बयान में उन्होंने ‘मंदिर वहीं बनाएँगे, पर तारीख़ नहीं बताएँगे’ वाले नैरेटिव को आगे बढ़ाया था।

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