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दिल्ली संभल नहीं रही, केजरीवाल गंभीर जल संकट का सामना कर रही जनता को छोड़ चले गुजरात

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद जरीवाल झूठे दावे कर मुख्यमंत्री बन गए और सत्ता की मलाई खा रहे हैं। लेकिन अब दिल्लीवासियों को अपनी गलती का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। उन्हें ऑक्सीजन और राशन के बाद अब पानी को लेकर तड़पना पड़ रहा है। दिल्ली में एक बार फिर से पानी का संकट गहरा गया है। पानी के लिए लोगों को खासी मारामारी करनी पड़ रही है। चाणक्यपुरी इलाके के विवेकानंद कैंप में पानी के लिए आए वाटर टैंकर पर चढ़कर स्थानीय लोगों को पानी निकालते देखा गया। पानी के टैंकर के आसपास लोगों की खासी भीड़ जमा हो गई। इस दौरान कोरोना महामारी के बावजूद लोगों को बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करते देखा गया।

हालत यह है कि महिलाओं को पानी के बर्तन के साथ फुटपाथ पर पानी के टैंकर के इंतजार में घंटों खड़ा रहना पड़ता है। इस तरह दिल्ली के कई इलाकों में लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ ही केजरीवाल सरकार ने लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है। उधर सीएम अरविंद केजरीवाल आज यानि 14 जून, 2021 को पानी के लिए बेहाल जनता को छोड़कर गुजरात के अहमदाबाद पहुंच गए। केजरीवाल से दिल्ली संभल नहीं रही है, लेकिन परेशान जनता की अनदेखी कर अपना पूरा ध्यान सियासी जमीन तलाशने पर लगा रहे हैं।

पानी को लेकर केजरीवाल के झूठे दावे

2014 : पांच साल के अंदर पूरी दिल्ली में पानी की पाइप लाइन बिछायेंगे।

2015 : दिल्ली के लिए शर्म की बात है कि देश की राजधानी के हर घर में पानी नहीं आता। पांच साल में पाइप लाइन बिछायेंगे। हर घर की टोटी में पानी आएगा।

2016 : दिसंबर 2017 तक यानि 22 महीने के अंदर दिल्ली की हर कॉलोनी के सभी घरों के अंदर पाइप से पानी पहुंच जाएगा। जो पानी आएगा वो पीने वाला होगा। आप सीधे जल बोर्ड का पानी पी सकते हैं। आरो से ज्यादा अच्छा पानी आएगा।

2019 : हमें उम्मीद है कि 2024 तक दिल्ली के हर नागरिक को 24 घंटे पानी उनकी टोटी में मुहैया कराने में कामयाब होंगे।

पानी को लेकर स्थानीय लोगों की व्यथा

  • महिलाओं को पानी के लिए 5 घंटे तक इंतजार करना पड़ता है।
  • पानी का टैंकर आने का कोई एक निश्चित समय नहीं है।
  • 5 मिनट भी लेट होने का मतलब है कि उन्हें पानी नहीं मिलेगा।
  • 15,000 की आबादी के लिए केवल 4-5 पानी के टैंकर ही आते हैं।
  • स्थानीय लोगों का कहना है कि वाटर टैंकर दिन में दो बार आता हैं।

 

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