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यूक्रेन से रेस्क्यू में सबसे आगे भारत, सफल रहा ‘ऑपरेशन गंगा’,पीएम मोदी बोले- सहायता मांगने वाले पड़ोसी देशों के नागरिकों की भी करेंगे मदद

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रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग के बीच दूसरे देशों के नागरिक वहां से जान बचाकर अपने वतन जाने को आतुर हैं। वहीं युद्धग्रस्त यूक्रेन से अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के मामले में भारत सबसे आगे दिखाई दे रहा है। मोदी सरकार द्वारा शुरू किया गया ‘ऑपरेशन गंगा’ काफी सफल रहा है। अब तक 1500 भारतीय छात्रों सहित 6 हजार से अधिक नागरिकों को वतन वापस लाया जा चुका है। वहीं ब्रिटेन, जर्मनी और अमेरिका ने अपने-अपने नागरिकों को निकालने में परोक्ष रूप से असमर्थता जता दी है।

रेस्क्यू में अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, चीन से आगे भारत

अमेरिका ने कहा है कि वह अपने नागरिकों को निकालने में सक्षम नहीं है, उनके नागरिक सीमा पार कर दूसरे पड़ोसी देशों में पहुंचे। ब्रिटेन ने अपने नागरिकों से वापस लाने में असमर्थता जताते हुए उन्हें स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। जर्मनी ने तो अपना दूतावास ही अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है। चीन ने अपने नागरिकों को निकालने का ऑपरेशन स्थगित कर दिया है। मिस्त्र, नाइजीरिया और मोरक्को जैसे देशों ने अपने छात्रों को निकालने के लिए अब तक कोई ऑपरेशन शुरू नहीं किया है। वहीं कीव में भारतीय दूतावास पूरी तरह से काम कर रहा है और छात्रों व नागरिकों को हर संभव मदद उपलब्ध करा रहा है। गौरतलब है कि यूक्रेन में 80 हजार से अधिक विदेशी छात्र पढ़ रहे हैं, जिनमें भारतीय छात्रों की संख्या सर्वाधिक है।

‘ऑपरेशन गंगा’ को तेज करने पर जोर

यूक्रेन संकट पर प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने सोमवार (28 फरवरी, 2022) शाम को एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इसमें ‘ऑपरेशन गंगा’ को तेज करने पर जोर दिया गया। बैठक के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि ‘वसुधैव कुटुंबकम’ भारत का आदर्श वाक्य है। इससे प्रेरित होकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत विकासशील और पड़ोसी देशों के पीड़ि‍त ना‍गरिकों की भी मदद करेगा जो यूक्रेन में फंसे हुए हैं और सहायता मांग सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि भारत ने हमेशा ही विदेशी धरती पर मुश्किल परिस्थितियों में घिरे अपने नागरिकों की मदद की है और उन्‍हें सुरक्ष‍ित भारत लाने का काम किया है। मौजूदा वक्‍त में भारतीयों की सुरक्षित वापसी सरकार की पहली प्राथमिकता है।

भारतीयों के रेस्क्यू के लिए मोदी सरकार की पहल

  • पीएम मोदी ने यूक्रेन के राष्‍ट्रपति जेलेंस्की और रूसी राष्‍ट्रपति पुतिन से बात करके भारतीयों की सुरक्ष‍ित वापसी की अपील की।
  • मोदी सरकार ने यूक्रेन से भारतीय छात्रों को सकुशल वापस लाने के लिए ‘ऑपरेशन गंगा’ चलाया।
  • यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने की प्रक्रिया में समन्वय के लिए चार मंत्रियों को यूक्रेन के पड़ोसी देशों में तैनात किया गया है।
  • ‘ऑपरेशन गंगा’ से एयर इंडिया एक्सप्रेस को भी जोड़ा गया है। एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान IX 1201 मुंबई-बुखारेस्ट रवाना हुआ।
  • पीएम मोदी ने ‘ऑपरेशन गंगा’ में भारतीय वायुसेना के शामिल करने का निर्देश दिया। एयरलिफ्ट के लिए सी-17 विमान का इस्तेमाल होगा।
  • यूक्रेन से भारत आने पर कोरोना टेस्ट, टीकाकरण और एयर सुविधा पोर्टल पर पूर्व पंजीकरण की अनिवार्यता को हटा दिया गया है।
  • यूक्रेन की सीमाओं पर मानवीय मदद के तहत राहत आपूर्ति की पहली खेप भेजी जा रही है।
  • पोलैंड, रोमानिया, हंगरी और स्लोवाक गणराज्य के साथ मिलकर भारतीयों को निकालने के लिए नियंत्रण केंद्र स्थापित किए गए हैं।
  • विदेश मंत्रालय ने यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्र और नागरिक की मदद के लिए समर्पित हेल्पलाइन और ट्विटर हैंडल भी बनाया है।

विदेश में फंसे भारतीयों की संकटमोचक मोदी सरकार

  • 2022 में युद्धग्रस्त यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए ‘ऑपरेशन गंगा’ चलाया।
  • 2021 में अफगानिस्तान में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए ‘ऑपरेशन एयरलिफ्ट काबुल’ चलाया।
  • मई 2020 में लॉकडाउन के कारण विदेश में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए ‘वंदे भारत’ मिशन चलाया।
  • 2016 में साउथ सूडान में ‘ऑपरेशन संकट मोचन’ चलाया। वहां फंसे हुए 600 भारतीयों को निकाला।
  • 2015 के यमन संकट के दौरान ‘ऑपरेशन राहत’ के तहत 41 देशों के नागरिकों के साथ 4640 भारतीय नागरिकों को निकाला।
  • 2015 में नेपाल भूकंप के दौरान भारतीयों को बाहर निकालने के लिए ‘ऑपरेशन मैत्री’ चलाया।

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