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वर्षांत विशेष : वर्ष 2020 में दुनिया भर में भारत के कद और सम्मान में हुई बढ़ोतरी

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वर्ष 2020 में वैश्विक महामारी कोरोना से लड़ाई के दौरान दुनिया के देशों की समय पर मदद करने और अपने देश को संभालने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का आज पूरा विश्व कायल है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी भारत की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने तो दुनिया के दूसरे देशों को भी भारत से सीख लेने की बात कही। मोदी सरकार द्वारा वर्ष 2020 में किए गए प्रयासों और उसकी उपलब्धियों पर गौर करें तो पता चलता है कि दुनिया भर में भारत का कद और सम्मान में बढ़ोतरी हुई है।

कोरोना संकट के समय प्रधानमंत्री मोदी एक वैश्विक नेता के रूप में पूरे विश्व का मार्गदर्शन किया। उन्होंने पड़ोसी देशों को दवाइयां और चिकित्सा सुविधाएं भेजने के लिए 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर के फंड की घोषणा की। अमेरिका और ब्राजील जैसे देशों को दवाइयां भेजकर मदद की। इससे विश्व में भारत का कद बढ़ा। आइए देखते हैं वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री मोदी की वजह से किस तरह भारत की धमक पूरी दुनिया में सुनाई दी।

  • विश्व स्वास्थ्य के COVID-19 के विशेष प्रतिनिधिन डेविड नबैरो ने भारत की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर विश्व के अन्य देशों ने जहां लापरवाही बरती,वहीं भारत ने कड़े कदम उठाए हैं और कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भारत अन्य देशों से आगे है।
  • 6 अक्टूबर 2020 को जापान की राजधानी टोक्यो में क्वैड देशों यानि अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत के विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक हुई। इस बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हिस्सा लिया।
  • चीन ने पूर्वी लद्दाख में जो आक्रामकता दिखाई उसने भारत को प्रोत्साहित किया कि वह क्वाड के रूप में चारों देशों के गठजोड़ को संस्थागत स्वरूप प्रदान करे। 
  • एशिया प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते असर को कम करने में भारत की भूमिका काफी बढ़ गई है। अमेरिका के साथ हस्ताक्षरित बीएसीए से भारत को अमेरिका से सटीक स्थानीय खुफिया आंकड़े मिलेंगे जो उसे अन्य बातों के अलावा मिसाइल से सटीक निशाना लगाने में सक्षम बनाएंगे।
  • अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एक फैक्ट शीट में कहा कि भारत के एक क्षेत्रीय और वैश्विक शक्ति बनकर उभरने का अमेरिका स्वागत करता है। 
  • 26-27 अक्टूबर, 2020 को अमेरिका के रक्षा मंत्री मार्क एस्पर और विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ नई दिल्ली में राजनाथ सिंह और एस. जयशंकर के साथ 2+2 मंत्रीस्तरीय बैठक की।
  • फरवरी 2020 में अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम में ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसे संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार प्रधानमंत्री मोदी का नाम लिया और भारत के साथ-साथ विश्व के विकास में उनके योगदान की सराहना की।
  • 17 दिसंबर, 2020 को भारत-बांग्लादेश के वर्चुअल समिट के दौरान पीएम मोदी और बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने संयुक्त रूप से भारत और बांग्लादेश के बीच चिलाहाटी-हल्दीबाड़ी रेल लिंक का उद्घाटन किया।
  • 9 नवंबर, 2020 को भारत और बंग्लादेश के बीच दोस्ती को और आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कोलकाता-खुलना के बीच नई ट्रेन ‘बंधन एक्सप्रेस’ को हरी झंडी दिखाई थी।

वर्ष 2020 अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की उपस्थिति की दृष्टि से सबसे खास रहा। 17 जून, 2020 को भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की 8वीं बार अस्थायी सदस्य चुना गया। इस दौरान 192 वोटों में से भारत के पक्ष में 184 वोट पड़े। भारत वर्ष 2021-22 के बीच सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य के तौर पर मौजूद रहेगा।

  • सिडनी स्थित लॉवी इंस्टीट्यूट ने 2020 के एशिया पावर इंडेक्स में 26 देशों और क्षेत्रों की सूची जारी की है। इसमें पहले स्थान पर अमेरिका, चीन दूसरे, जापान तीसरे और भारत चौथे स्थान पर है।
  • मोदी राज में अब भारत एशिया प्रशांत क्षेत्र को प्रभावित करने की क्षमता रखने वाला चौथा सबसे शक्तिशाली देश बन गया है।
  • संयुक्त राष्ट्र इजरायल और फिलिस्तीन को शांति समझौते के वास्ते राजी करने के लिए भारत की भूमिका चाहता है, क्योंकि नई दिल्ली का दोनों के साथ अच्‍छे संबंध है।
  • अमेरिका-ईरान तनाव के बीच भारत में ईरान के राजदूत अली चेगेनी ने कहा कि दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने के लिए अगर भारत की तरफ से कोई पहल होती है तो ईरान उसका स्वागत करेगा।

आइए एक नजर डालते हैं पिछले 6 साल की उपलब्धियों पर…

  • प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पहले कार्यकाल में 50 से ज्यादा देशों का दौरा किया और दूसरे कार्यकाल में 13 देशों का दौरा किया है।
  •  पीएम मोदी ने अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ ह्यूस्टन में ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में करीब 50 हजार लोगों को संबोधित किया।
  • इस्लामिक देशों के साथ भारत के संबंध मजबूत हुए, जिसका नतीजा है कि कश्मीर मसले पर दुनिया भर के देशों ने भारत का साथ दिया था।
  • मोदी सरकार की स्पष्ट और दूरदर्शी विदेश नीति के प्रभाव से पाकिस्तान विश्व बिरादरी में अलग-थलग पड़ गया। 
  • जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद यूएन में चीन और पाकिस्तानी की साजिशें नाकाम हो गईं। कई बार कोशिश के बाद पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय समर्थन नहीं मिला।
  • इस्लामिक देशों के संगठन में भी पाकिस्तान को पूरा समर्थन नहीं मिला। यहां तक कि पाकिस्तान को सऊदी अरब से अपेक्षित समर्थन नहीं मिला और उससे रिश्ते खराब हो गए। 
  • 26 फरवरी, 2019 को बालाकोट हवाई हमला और 29 सितम्बर, 2016 को सर्जिकल स्ट्राइक कर पाकिस्तान के आतंकवादी ठिकानों और लॉन्चपैड को तबाह किया तो विश्व समुदाय भारत के साथ खड़ा रहा।
  • जर्मनी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को शामिल किए जाने की जोरदार वकालत की। भारत में जर्मनी के राजदूत वाल्टर लिंडनर ने कहा कि ये अचरज की बात है कि 140 करोड़ की आबादी वाला भारत सुरक्षा परिषद का हिस्सा नहीं है।
  • जापान ने साफ कहा है कि अगर भारत रीजनल कॉम्प्रिहेंसिव इकनॉमिक पार्टनरशिप यानि RCEP का सदस्य नहीं बनता है तो जापान भी इसमें शामिल नहीं होगा।
  • विदेश नीति के तौर पर प्रधानमंत्री मोदी की उपलब्धियां आंकी जाए तो इस बात से अंदाजा लग जाएगा कि किस तरह उन्होंने इजरायल और फिलीस्तीन जैसे आपस में दुश्मन देशों के बीच संतुलन स्थापित किया। विशेष यह कि प्रधानमंत्री ने बारी-बारी दोनों ही देशों का दौरा किया और भारत की विदेश नीति के अपने स्टैंड पर कायम रहे। दोनों ही देशों ने भारत के बारे में सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
  • अमेरिका और रुस की अदावत सभी जानते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी की के कूटनीतिक कौशल के कारण आज दोनों ही देश भारत के साथ खड़े दिखते हैं।
  • 26 जनवरी, 2018 को नई दिल्ली के राजपथ पर विश्व ने एक और अनोखा दृश्य तब देखा जब आसियान देशों के 10 राष्ट्राध्यक्ष भारत की जमीन पर एक साथ दिखे।
  • प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व मंच पर अपनी ताकतवर उपस्थिति दर्ज करा दी। प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर ही इंटरनेशनल सोलर एलायंस (ISA) का गठन हुआ जिसमें 121 देश शामिल हैं।
  • जी-20 हो या हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन, एससीओ हो, ब्रिक्स हो या सार्क समिट सभी में पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से अपनी बात रखी और आतंकवाद को मानवता का दुश्मन बताते हुए दुनिया को इसके खिलाफ एक होने का आह्वान किया।
  • अंतर्राष्ट्रीय जगत में भारत की बात पहले अनसुनी रह जाती थी, लेकिन अब भारत की बातों को दुनिया मानने लगी है और एक सुर में आतंक की निंदा कर रही है। आतंक के खिलाफ आज अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, रूस, नार्वे, कनाडा, ईरान जैसे देश हमारे साथ खड़े हैं।
  • प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत को एक और कामयाबी मिली है। भारत ने अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन का चुनाव जीत लिया। कुल 10 सदस्यों वाले इस संगठन का भारत 1959 से सदस्य है।
  • 5 मई, 2017 को दक्षिण एशिया संचार उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया गया, जो प्रधानमंत्री मोदी की उम्दा कूटनीति की मिसाल है। इसकी पेशकश उन्होंने 2014 में काठमांडू में हुए सार्क सम्मेलन में की थी। यह उपग्रह सार्क देशों को भारत का तोहफा है।
  • ‘अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई पहल का परिणाम है और इसकी घोषणा भारत और फ्रांस द्वारा 30 नवंबर, 2015 को पेरिस में की गई थी। आईएसए के गठन का लक्ष्य सौर संसाधन समृद्ध देशों में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाना और इसे बढ़ावा देना है। 
  •  26 जनवरी, 2016 को गुरुग्राम में प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने ‘इंटरनेशनल सोलर अलायंस’ (आईएसए) के अंतरिम सचिवालय का उद्घाटन किया।
  •  प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिवर्ष 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मनाने की स्वीकृति दी। पीएम मोदी की पहल को 192 देशों का समर्थन मिला। 

 

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