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वर्षांत विशेष : वर्ष 2020 में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने आपदा को अवसर में बदला

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फाइल फोटो

वर्ष 2020 में कोरोना महामारी की वजह से देश को नई चुनौतियों और समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिनकी किसी ने कभी कल्पना नहीं की थी। हालांकि, इसने एक मजबूत संदेश के साथ एक बहुत अच्छा सबक भी सिखाया। इसने हमें सिखाया कि हमें आत्मनिर्भर और स्‍वावलंबी बनना होगा। भारतीय कंपनियों और संस्थानों ने इससे सबक लेते हुए चुनौतियों को अवसर में बदल दिया। मास्क, पोर्टेबल वेंटिलेटर और अन्य उपकरणों के निर्माण में देश ने बड़ी छलांग लगाई। पीपीई के निर्माण में फिलहाल भारत चीन के बाद दुनिया में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है।

आइए एक नजर डालते हैं प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत किस तरह कोरोना के प्रभाव को कम करने में सफल रहा। 

  • कोरोना संकट के समय प्रधानमंत्री मोदी एक वैश्विक नेता के रूप में पूरे विश्व का मार्गदर्शन किया।
  • पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वैश्विक नेताओं को महामारी से निपटने में एकजुट करने की कोशिश की। 
  • सार्क और जी-20 देशों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बैठकें कीं और कोरोना वायरस से मिलकर लड़ने की पहल की।
  • 17 वर्चुअल सम्मेलनों में हिस्सा लेने के साथ 90 बार वैश्विक नेताओं से फोन पर बात की।
  • उन्होंने पड़ोसी देशों को दवाइयां और चिकित्सा सुविधाएं भेजने के लिए 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर के फंड की घोषणा की। 
  • कोरोना के खिलाफ लड़ाई में पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन के साथ राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ संवाद कर उनका मार्गदर्शन किया।
  • पीएम मोदी ने जनता कर्फ्यू के बाद देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की और लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग के पालन की अपील की।
  • मोदी सरकार हर व्यक्ति को करोना वैक्सीन सुनिश्चित करने के लिए टीका की आपूर्ति, वितरण और टीकाकरण की व्यवस्था पर ध्यान दे रही है।
  • कोरोना वैक्सीन के रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए 900 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।
  • मोदी सरकार ने कोरोना वायरस से लोगों की सुरक्षा और बचाव के लिए आरोग्य सेतु नाम का मोबाइल एप लॉन्च किया।
  •  एससीटीआईएमएसटी ने कोरोना संकट का सामना करने के लिए आटोमेटेड वेंटीलेटर का विकास किया।
  •  भारत पीपीई किट और एन-95 मास्क के उत्पादन में विश्व में दूसरे स्थान पर पहुंच गया।
  • कोविड-19 की चुनौती से निपटने के लिए भारतीय रेलवे के ट्रेन कोचों को क्वारंटीन/आइशोलेशन सुविधाओं में परिवर्तित किया गया।
  •  पीएम मोदी की अपील पर कोरोना वॉरियर्स के सम्मान में 22 मार्च, 2020 की शाम 5 बजे घर-घर तालियां और थालियां बजीं।
  • कोरोना के खिलाफ जंग में एकजुटता दिखाने के लिए 5 अप्रैल की रात 9 बजे घर की बत्तियां बुझाकर दीये, कैंडिल और टार्च से रौशनी की गई।
  • कोरोना वॉरियर्स के सम्मान और हौसला बढ़ाने के लिए सेना के तीनों अंगों के जवानों ने सलामी दी। वायु सेना ने अस्पतालों पर फूल बरसाए।

लोकप्रियता के मामले में सबसे आगे पीएम मोदी

अप्रैल से नवंबर 2020 के बीच राष्ट्राध्यक्षों की अप्रूवल रेटिंग

ब्रिटेन के पीएमबोरिस जॉनसन – 39 प्रतिशत

अमेरिकी राष्ट्रपति – डोनाल्ड ट्रम्प – 41 प्रतिशत

ब्राजील के राष्ट्रपति – बोल्सोनारो – 46 प्रतिशत

भारत के पीएम – नरेन्द्र मोदी – 74 प्रतिशत

  • स्विट्जरलैंट के पोलिंग संगठन गैलअप इंटरनेशनल एसोसिएशन के अप्रैल में जारी सर्वे के मुताबिक भारत की 91 प्रतिशत जनता ने माना कि मोदी सरकार कोरोना महामारी में बहुत अच्छा काम कर रही है।
  •  12 सितंबर, 2020 को आईएएनएस सीवोटर कोविड-19 ट्रैकर के सर्वे में पीएम मोदी की रणनीति को 75.8 प्रतिशत लोगों ने समर्थन दिया।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रोस अदानोम गेब्रिएसस ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में आरोग्य सेतु एप की सराहना की है। WHO प्रमुख ने कहा कि भारत में आरोग्य सेतु एप को 15 करोड़ लोगों ने डाउनलोड किया है। 

बेहतर स्थिति में भारत

  • 29 दिसंबर, 2020 को देश में कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्‍या 1 करोड़ के करीब पहुंच गई।
  • कुल ठीक हुए मामलों की संख्‍या बढ़कर 98 लाख से अधिक 98,07,569 हो गई। 
  • ठीक हुए मामलों और सक्रिय मामलों के बीच अंतर लगातार बढ़ रहा है और 29 दिसंबर को यह अंतर बढ़कर 95,38,988 हो गया।  
  • देश में सक्रिय मामलों की संख्‍या घटकर 2,68,581 हो गई। कुल पॉजिटिव मामलों में सक्रिय मामलों की हिस्सेदारी घटकर 2.63 प्रतिशत हो गई।
  • देश में 23 दिसंबर, 2020 तक कोरोना वायरस के लिए कुल 16 करोड़ 53 लाख सैंपल टेस्ट किए गए।
  • विश्व में सबसे ज्यादा रिकवरी भारत में हुई है और रिकवरी रेट लगातार बढ़ रही है। रिकवरी रेट बढ़कर 95.75 प्रतिशत हो गई है।

वर्ष 2020 की उपलब्धियां

  • स्वदेशी तकनीक से विकसित आरोग्य सेतु एप को 16.69 करोड़ लोगों ने डाउनलोड किया।
  • भारत आज पीपीई किट का विश्व का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक बन गया।
  • सीएसआईआर-एनएएल ने 35 दिनों के भीतर बाईपैप वेंटिलेटर का विकास किया।
  • 30 जनवरी, 2020 को कोरोना वायरस की जांच के लिए 6 लैब्स बनाए गए थे। आज उनकी संख्या बढ़कर 2000 से अधिक हो गई है।
  • कोरोना का संकट आया तो एक दिन में सिर्फ 300 टेस्‍ट हो पाते थे। आज हर दिन 7 लाख से ज्‍यादा टेस्‍ट हो रहे हैं।
  •  कोविड अस्पतालों को 50,000 ‘मेड इन इंडिया’ वेंटीलेटर की आपूर्ति की गई।
  • कोरोना से लड़ने के लिए पीएम मोदी ने 28 मार्च को पीएम केयर्स फंड बनाया। सरकारी और निजी संस्थाओं से करोड़ों रुपये दान में मिले। 

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