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कांग्रेस राज में बेटियां असुरक्षित, राजस्थान की गहलोत सरकार में मंत्री रहे कांग्रेस नेता की बेटी का अपहरण, दो दिन बाद भी नहीं मिला कोई सुराग

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राजस्थान में कांग्रेस की अशोक गहोलत सरकार जब राज्य की राजधानी जयपुर में अपने नेता और पूर्व मंत्री की बेटी को सुरक्षा प्रदान नहीं कर सकती, तो आम लोगों की बेटियों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है। घूमंतु-अर्धघूमंतु कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष और कांग्रेस नेता गोपाल केसावत की बेटी सोमवार (21 नवंबर) की शाम से लापता है। इस मामले में गोपाल ने सोमवार देर रात प्रताप नगर थाने में बेटी अभिलाषा के अपहरण का मामला दर्ज कराया था। अभी तक पुलिस अभिलाषा का सुराग लगाने में नाकाम रही है।

अपनी ही सरकार में बेटी के अपहरण से फूट-फूट कर रोने लगे पूर्व मंत्री

बेटी के अपहरण के बाद गोपाल केसावत बेटी की फोटो लेकर पुलिस कमिश्नर के दफ्तर पहुंचे। बेटी की सुरक्षित वापसी की मांग को लेकर उनके ऑफिर के बाहर बैठकर धरना शुरू कर दिया। इस दौरान वह अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजय पाल लांबा के सामने फूट-फूट कर रोने लगे। पुलिस मामले में लगातार हाथ-पैर मार रही है, लेकिन उसका अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। 

चार लोगों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज

गोपाल केसवात ने कहा कि उनकी बेटी सोमवार शाम करीब पांच बजे सब्जी खरीदने गई हुई थी। शाम छह बजे उसका फोन आया कि पापा मेरे पीछे कुछ लड़के लगे हुए हैं। तुरंत गाड़ी लेकर आ जाओ। इसके बाद कांग्रेस नेता तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे लेकिन वहां न बेटी मिली और न उसकी स्कूटी। उनकी बेटी का मोबाइल भी बंद आ रहा है। इसके बाद गोपाल केसावत ने प्रताप नगर थाने में बेटी के अपहरण का मामला दर्ज करवाया। उन्होंने चार लोग जय सिंह, विजेंद्र, देवेन्द्र और राधा पर बेटी का अपहरण करने का आरोप लगाया। उन्होंने चारों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। गोपाल केसावत ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले ही इन चारों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी।

“मेरे परिवार पर खतरा बना हुआ था पर पुलिस ने सही कार्रवाई नहीं की”

कांग्रेस की सरकार में कांग्रेस के पूर्व मंत्री गोपाल केसावत किस तरह असुरक्षित है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनपर पहले भी कई बार निजी रंजिश के चलते हमला हो चुका है। गोपाल केसावत ने बताया कि उन्होंने 2014 में नशे के विरुद्ध अभियान चलाया था। उसके चलते कई लोगों से मेरी दुश्मनी हुई है। राजनीतिक द्वेष के चलते दो साल पहले भी पूरे परिवार को खतरा होने के कारण तत्कालीन डीजीपी से सुरक्षा देने की मांग की थी। तीन महीने पहले भी मेरे घर पर हमला हुआ था। मेरी गाड़ी के शीशे तोड़े गए थे। पुलिस को सूचना भी दी थी लेकिन इस मामले में कुछ नहीं हुआ। गोपाल केसावत ने कहा कि मुझ पर और मेरे परिवार पर खतरा बना हुआ था पर पुलिस ने सही कार्रवाई नहीं की। 

 

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