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लोकसभा में वित्त मंत्री सीतारमण ने खोली राहुल-गहलोत की पोल, कथनी-करनी में इतना अंतर कि राहुल मना कर रहे और अदाणी से राजस्थान में एमओयू कर रहे गहलोत

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी या तो कई मुद्दों पर अपनी अल्प जानकारी के कारण घिर जाते हैं, या फिर कांग्रेसी मुख्यमंत्री ही उनकी बात नहीं सुनते तो उन्हें भरी सभा में शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी और सीएम अशोक गहलोत की पोल खोलकर रख दी। सीतारमण ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस अक्सर आरोप लगाते रहते हैं कि मोदी सरकार अडाणी-अंबानी के लिए काम करती है। जबकि वास्तविकता यह है कि राहुल गांधी एक दिन राजस्थान में अडाणी के खिलाफ बोलते हैं और दो  दिन बाद ही सीएम अशोक गहलोत जमीनें देने के लिए अडाणी से एमओयू कर लेते हैं।

सीतारमण ने सप्रमाण गहलोत और अडाणी के गठजोड़ को कर दिया उजागर
केंद्रीय वित्त मंत्री ने गहलोत सरकार का अडाणी से गठजोड़ बताते हुए कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी को जमकर घेरा है। लोकसभा में सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस की दोगली नीति के सिर्फ दो उदाहरण देना ही काफी होगा। इन्हीं से कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी, सीएम गहलोत की कथनी और करनी में अंतर स्पष्ट तौर पर सामने आ जाएगा। लोकसभा में सोमवार रात उनके इस वक्तव्य के बाद पूरे सदन में सन्नाटा पसर गया। केंद्रीय वित्त मंत्री ने सप्रमाण गहलोत और अडाणी के गठजोड़ की पोल खोलकर रख दी।अपने नेता राहुल के स्टेटमेंट के अगले दिन गहलोत कर रहे थे एग्रीमेंट
वित्त मंत्री ने उदाहरण देते हुए बताया कि 15 दिसम्बर 2021 में अडाणी के रिन्यूएबल एनर्जी पार्क राजस्थान लिमिटेड के साथ MOU भी साइन हुआ। 1500 मेगावाट कैपेसिटी सोलर पार्क के लिए राजस्थान के जॉइंट पार्टनरशिप में यह करार हुआ। वित्त मंत्री ने कहा कि ये इसलिए ज्यादा महत्वपूर्ण है कि इस एग्रीमेंट से पहले ही राहुल गांधी ने जयपुर में जाकर कहा था, मोदी सरकार अडाणी और अंबानी का फेवर करती है। ऐसा पब्लिक मीटिंग में कहकर निकल गए। अपने नेता की बात को अनसुना करके अगले ही दिन अडाणी के साथ गहलोत एग्रीमेंट कर रहे थे।‘पूंजापति’ अडानी की आलोचना करते भूले,  गहलोत ने अडाणी से किए हैं एमओयू

दरअसल, कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी 12 दिसंबर को जयपुर में आए थे। यह रैली एक बार फिर लोगों के मनोरंजन का माध्यम बनी। इसमें राहुल ने न सिर्फ ढेरों शाब्दिक गलतियां की, बल्कि राहुल गांधी ने अपनी ही कांग्रेस सरकार को कठघरे में भी खड़ा कर दिया। दरअसल, पूंजापति (राहुल ने यही बोला था) अडानी की आलोचना करते हुए राहुल भूल गए कि जिस राजधानी में खड़े होकर और जिस मुख्यमंत्री के सामने वह यह बोल रहे हैं, उन्हीं गहलोत सरकार ने अडाणी के साथ एमओयू कर रखे हैं। राजस्थान में 1500 मेगावाट का सोलर प्लांट की स्थापना के लिए के लिए 20 हजार करोड़ रुपए के एमओयू कर रखे हैं।जयपुर रैली से पहले ही अडाणी की कंपनी से गहलोत सरकार का एमओयू
राहुल गांधी ने तब कहा था कि देश को अडानी समेत तीन-चार पूंजीपति चला रहे हैं। राहुल गांधी भूल गए कि जहां से वे बोल रहे हैं, उसी राजस्थान सरकार ने अडानी से 1500 मेगावाट का सोलर प्लांट की स्थापना के लिए एमओयू किए हुए हैं। राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए हुई इंवेस्टर मीट में अडानी की कंपनी अडानी रिन्युवेबल एनर्जी पार्क राजस्थान लिमिटेड से राहुल की रैली के कुछ दिन पहले नवंबर-दिसंबर में ही एमओयू किए गए। इसके तहत अडानी की कंपनी को जैसलमेर की तहसील पोकरण और फतेहगढ़ के ग्राम क्रमश माधोपुरा सरदासर और भीमसर में सोलर पार्क के लिए चार हजार हैक्टेयर के ज्यादा जमीन का आवंटन किया गया है।

अडानी के खिलाफ इतनी बातें तो फिर एमओयू क्यों
बीजेपी के वरिष्ठ नेता और उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ कहते हैं कि ने कहा कि राहुल गांधी ने अपने भाषण में अडानी-अंबानी की बहुत बातें कही थीं, मगर उन्हीं की अशोक गहलोत सरकार ने एक सप्ताह पहले मुंबई में अडानी के साथ राजस्थान में सोलर प्लांट के लिए 20 हजार करोड़ रुपए का एमओयू किया है। अडानी ग्रुप के साथ 40 हजार करोड़ की एलओआई जारी कर चुकी हैं। अगर अडानी से इतनी नफरत है तो ये एमओयू और एलओआई क्यों जारी किए गए ? क्यों अडानी के 5200 करोड़ रुपए चुकाने के लिए जजिया कर के रुपए 1.52 करोड़ उपभोक्ताओं पर 5 पैसे प्रति यूनिट का भार क्यों लगा रखा है।

राहुल के भाषण के सोशल मीडिया पर तब खूब बने थे मीम्स 
ऐसा लगता है कि राहुल गांधी को सार्वजनिक भाषण से पहले या तो उनके सलाहकार कोई अपडेट नहीं देते हैं…या फिर राहुल खुद को सर्वज्ञ मानते हुए इस बारे में किसी से बात करने की जरूरत नहीं समझते। यही वजह है कि ज्यादातर मौकों पर राहुल अपने भाषण में ऐसी गलतियां कर जाते हैं, जो लोगों के मनोरंजन का माध्यम बनती हैं और सोशल मीडिया और ट्वीटर पर उनके भाषण के बाद मीम्स की बाढ़ आ जाती है।कई बार उनके भाषण की गलतियों की भरपाई करना कांग्रेसियों के लिए भारी पड़ जाता है। जयपुर में रैली के बाद भी राहुल पर खूब मीम्स बने थे।

 

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