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काशी का कायाकल्प देख दंग रह गया तमिल सिनेमा का मशहूर एक्टर, पीएम मोदी को किया सलाम, भगवान से की भले की कामना

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्र में आठ साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है। इस दौरान उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के विकास का पूरा ध्यन रखा। व्यस्तता के बावजूद लगातार अपने संसदीय क्षेत्र का दौरा कर योजनाओं और परियोजनाओं की खूब सौगातें दीं।। उनके व्यक्तिगत प्रयास का परिणाम है कि आज वाराणसी का कायाकल्प हो चुका है। इसे देख कर हर कोई प्रधानमंत्री मोदी का मुरीद हो जाता है। तमिल सिनेमा के जाने माने एक्टर विशाल भी वाराणसी का कायाकल्प देख कर खुशी से गदगद हो गए और ट्वीट कर प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया। इसके जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, “खुशी हुई कि आपका काशी में शानदार अनुभव रहा।”

प्रधानमंत्री मोदी के जवाब से उत्साहित तमिल एक्टर विशाल की फिल्म प्रोडक्शन कंपनी Vishal Film Factory ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया है। कंपनी के ट्वीटर हैंडल से ट्वीट किया गया, जिसमें लखा गया है-Special thanks to PM Modi Ji.” इस ट्वीट में प्रधानमंत्री मोदी, प्रधानमंत्री कार्यालय और एक्टर विशाल को भी टैक किया गया है।

दरअसल तमिल सिनेमा के मशहूर एक्टर विशाल हाल ही में अपने परिवार के साथ प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी आए थे। प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए तमिल एक्टर विशाल ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, ‘प्यारे मोदी जी, मैंने काशी का दौरा किया। वहां पर दर्शन/पूजा शानदार रही। गंगा नदी के पवित्र पानी को छुआ। वहां के मंदिरों को रेनोवेट कर आपने जो ट्रांसफॉर्मेशन किया है, उसके लिए भगवान आपका भला करे। अब वे पहले से ज्यादा अद्भुत दिखते हैं। हर किसी के लिए काशी घूमना आसान हो गया है। इसके लिए आपको सलाम!” उन्होंने अपने इस ट्वीट में प्रधानमंत्री मोदी को भी टैग किया।

काशी की आध्यात्मिक यात्रा के दौरान विशाल ने काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान शिव के दर्शन कर पूजा अर्चना की और पूरा शहर घूमा। इस दौरान उन्होंने वाराणसी की एक वीडियो भी शेयर की, जिसमें परिवार के साथ नजर आए। वह सुबह 5 बजे काशी की सड़कों पर चाय पीते हुए दिखाई दे रहे थे। साथ ही वीडियो क्लिप में अभिनेता और उनके परिवार के सदस्यों को रविवार सुबह करीब 9 बजे बनारस की सड़कों पर दर्शन के लिए मंदिर जाते हुए दिखाया गया। अभिनेता नंदा, जो विशाल के करीबी दोस्त हैं और उनकी आने वाली फिल्मों के निर्माताओं में से एक हैं, वो भी इस यात्रा पर उनके साथ थे।

गौरतलब है कि विशाल तमिल सिनेमा के सुपरस्टार स्टार हैं। उनका पूरा नाम विशाल कृष्णा रेड्डी है। उनकी तगड़ी फैन फॉलोइंग है और उनकी फिल्मों को लेकर लोगों में काफी दिवानगी है। एक्टर बनने से पहले विशाल ने बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर अपना करियर स्टार्ट किया था। उनकी एक्शन फिल्मों को जमकर पसंद किया जाता है। वर्कफ्रंट की बात करें तो विशाल की कई फिल्में पाइपलाइन में है। उनकी अपकमिंग फिल्म ‘लट्ठी’ और ‘मार्क एंटनी’ का फैंस को बेसब्री से इंतजार है। विशाल का खुद का प्रोडक्शन स्टूडियो भी है। 45 साल के विशाल काफी फिट और मास एंटरटेनर हैं। फिल्मों में ही नहीं टीवी पर भी विशाल का दम दिखा। उन्होंने अक्टूबर 2018 को बतौर होस्ट टीवी डेब्यू किया था। ये टॉक शो था। 

आइए देखते हैं प्रधानमंत्री मोदी के प्रयास से काशी का किस तरह कायाकल्प हो रहा है…

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर ने भक्तों को किया आकर्षित

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट रहे काशी विश्वनाथ कॉरिडोर ने बाबा के भक्तों को आकर्षित किया है। इसलिए देश-विदेश से लोग बाबा का जलाभिषेक करने पहुंच रहे हैं। क्योंकि इसके निर्माण में प्रधानमंत्री मोदी ने व्यक्तिगत रूप से दिलचस्पी ली थी और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा था। इस कॉरिडोर की सबसे बड़ी बात यह है कि मंदिर परिसर में भीड़ से मुक्ति और बाबा के सुगम दर्शन-पूजन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। कॉरिडोर में चार विशालकाय दरवाजे लगाए गए हैं, जो कॉरिडोर में अंदर जाने या बाहर निकलने वाले रास्तों पर हैं। श्रद्धालु अब गंगा स्नान करने के बाद सीधे बाबा दरबार में मत्था टेकने आ रहे हैं।

विशेष सुविधाओं से बाबा का दर्शन हुआ आसान

बाबा विश्‍वनाथ के दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं को गंगा स्‍नान के बाद धाम के चौक तक पहुंचने के लिए 80 सीढ़‍ियां चढ़नी होती है। जो सीढ़‍ियां नहीं चढ़ सकते, उनके लिए एस्‍केलेटेर और लिफ्ट की व्‍यवस्‍था की गई है। गंगा घाट से मंदिर परिसर तक रैंप बनाए गए हैं। इससे बुजुर्ग और दिव्यांग भक्त आसानी से महादेव का आशीर्वाद ले रहे हैं और अभिषेक कर रहे हैं। काशी विश्‍वनाथ धाम का चौक मां गंगा की लहरों से 22 मीटर की ऊंचाई पर बना है।

कॉरिडोर में श्रद्धालुओं के लिए अनके व्यवस्थाएं

नवनिर्मित इस कॉरिडोर में श्रद्धालुओं के लिए अनके व्यवस्थाएं की गई हैं, जिनमें म्यूजियम, स्प्रिचुअल बुक सेंटर, आभासी म्यूजियम, गंगा व्यू गैलरी, धरोहर केंद्र, फूड कोर्ट, वैदिक केंद्र, सांस्कृतिक केंद्र, भोगशाला, ओडीओपी प्रोडॅक्ट शॉप और मुमुक्षु भवन के लिए सुरक्षा संबंधी इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल रूम शामिल है।

प्रधानमंत्री मोदी ने पेश किया विकास का ‘काशी मॉडल’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ने काशी पहुंचे, तो अपने साथ गुजरात का विकास मॉडल लेकर आए थे। लेकिन उन्होंने अध्यात्म, धर्म और सांस्कृतिक नगरी काशी में विकास एक नया मॉडल पेश किया, जिसे ‘काशी मॉडल’ के नाम से जाना जाता है। इस मॉडल में परंपरा और आधुनिकता का बेहतरीन तालमेल देखने को मिलता है। देश की बागड़ोर संभालने के बाद प्रधानमंत्री मोदी जब भी अपने संसदीय क्षेत्र आए, तो करोड़ों की सौगात देकर गए। इसके अलावा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी विकास कार्यों को गति देते रहे। 2017 में उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार आने के बाद विकास की रफ़्तार तीव्र हो गई।

पिछले 8 सालों में काशी की बदली सूरत

प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों का नतीजा है कि पिछले 8 सालों में काशी की सूरत बदल गई है। आज हर तरफ बदलाव देखने को मिल रहा है। शहर की परंपरागत पहचान को ध्यान में रखते हुए काशी विश्वनाथ धाम, स्वास्थ्य, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल, पर्यटन, यातायात, गंगा घाट, रिंग रोड, राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण, फ्लाईओवर, आवास, शौचालय जैसे कई काम हुए हैं, जिससे वाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल के लोगों का जीवन सरल और सुगम हुआ है। आज काशी दूसरे नेताओं और पूरे देश के लिए एक रोडमैप बन गयी है। काशी की तुलना में सोनिया गांधी का संसदीय क्षेत्र रायबरेली, राहुल गांधी का संसदीय क्षेत्र रहे अमेठी और अखिलेश यादव का संसदीय क्षेत्र प्रतापगढ़ काफी पिछड़े हुए नजर आ रहे हैं।

पूर्वांचल का बिजनेस हब बनी काशी

प्रधानमंत्री मोदी के काशी का सांसद बनने के बाद पूर्वांचल के 28 जिलों के विकास पर खास ध्यान दिया गया। बेहतर कनेक्टिवटी के लिए काशी में रिंग रोड फेज-1 और फेज-2 की सौगात मिली। इसके साथ ही फेज-3 का काम अब पूरा होने के कगार पर है। यह शहर धीरे धीरे पूर्वांचल का बिजनेस हब भी बनता जा रहा है। तेजी से बढ़ते शहर की जरूरत के हिसाब से आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने बनारस के कपड़ा उद्योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलायी। वाराणसी का यह हस्तशिल्प, कुटीर उद्योग के रूप में फैला है। जिसमें बनारसी रेशमी साड़ी, कपड़ा उद्योग, कालीन उद्योग प्रमुख हैं। 43 लाख से अधिक हथकरघा बुनकर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर वाराणसी में बुनकरों के लिए योजनाएं शुरू हुईं। काशी में व्यापार केंद्र खुलने से बुनकरों के दिन लौटने शुरू हुए।

पीएम मोदी का ‘काशी मॉडल’

प्रधानमंत्री मोदी के ‘काशी मॉडल’ में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, घाटों का पुनर्निर्माण, बेनियबाग जैसे इलाकों में अंडरग्राउंड पार्किंग, गोदौलिया जैसे इलाकों में मल्टीलेवल पार्किंग, खिड़किया घाट जैसे विकास कार्य शामिल हैं। काशी की परंपरा, संस्कृति और आधुनिकता के प्रतीक रूप में रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर का उद्घाटन किया गया। ग्रामीण लिंक रोड के पुनर्निमाण के लिए 119 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू की गई। स्मार्ट निगरानी के लिए शहर के 720 महत्वपूर्ण स्थानों पर 3000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। काशी के लोगों और पर्यटकों को रो-रो और क्रूज की सुविधा मिली। कैंट और मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन का सौंदर्यीकरण किया गया। महाकाल एक्सप्रेस और वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की सौगात मिली।

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