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तानाशाह ममता की बीजेपी नेताओं को धमकी, कहा- हमारी सरकार बनी तो हम इनको देख लेंगे, सेंट्रल फोर्स को जाने दो उसके बाद सब हाथ जोड़ोंगे

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आजादी के बाद पश्चिम बंगाल राज्य की सत्ता में बैठने वालों के चेहरे तो बदले, पर सियासी रक्त चरित्र नहीं बदला। पहले कांग्रेस और वाम दलों ने लोगों को डरा-धमका कर शासन किया। इसका शिकार खुद ममता बनर्जी भी रहीं। उन्होंने जिस तनाशाही के खिलाफ लड़कर सत्ता पाईं, अपनी सत्ता को बनाये रखने के लिए उसी को अपना हथियार बना लिया। जहां टीएमसी के गुंडे लगातार बीजेपी कार्यकर्ताओं को अपना शिकार बना रहे हैं, वहीं ममता बनर्जी खुलेआम बीजेपी के नेताओं को चुनाव बाद देख लेने की धमकी दे रही है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नंदीग्राम की जनसभा में बीजेपी के लोगों को खुलेआम धमकी दी। ममता ने कहा, ‘चुनाव के बाद केंद्र सरकार के भेजे गए सुरक्षाकर्मी तो वापस चले जाएंगे लेकिन हमारी सरकार बनी तो हम इनको देख लेंगे और तब बीजेपी के लोग कहेंगे कि यहां कुछ और दिनों तक केंद्रीय सुरक्षा बलों को रहने दो। ताकि वो हमें बचा सकें।’

बीजेपी से मिल रही कड़ी चुनौती से ममता बनर्जी काफी परेशान है। उन्होंने कहा कि इंच इंच की खबर रखती हूं। सेंट्रल पुलिस को जाने दो। हम ही रहेंगे यहां पर उसके बाद क्या होगा हाथ जोड़ोगे कि सेंट्रल पुलिस को कुछ और दिन छोड़ दो। ममता की सभा के दौरान जनता ने जोर जोर से खेला होबे-खेला होबे का नारा लगाया।

इस समय ममता बनर्जी का अहंकर सर चढ़कर बोल रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी गलती ये भी रही कि उनके नीचे कई गद्दार और मीरजाफर काम कर रहे थे। टीएमसी छोड़कर बीजेपी में शामिल शुवेंदु को लेकर उन्होंने कहा कि आज जिस अमित शाह को खुश करने की कोशिश कर रहे हो उसी से तुम्हे बड़ा झटका मिलेगा। तुमने मेरे लोगों के हाथ-पैर तोड़े हैं लेकिन ये गुंडागर्दी नंदीग्राम में नहीं चलेगी।

आइए देखते  है इससे पहले ममता बनर्जी ने कब-कब अपना तानाशाही चेहरा दिखाया है…

  • बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा पर हमले के मामले में केंद्रीय गृहमंत्रालय ने राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी को तलब किया था, लेकिन ममता बनर्जी के निर्देश पर अधिकारियों ने दिल्ली जाने से इनकार कर दिया।
  • फरवरी 2019 में पूर्व पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से पूछताछ के लिए सीबीआई की टीम कोलकाता पहुंची तो ममता बनर्जी ने सीबीआई टीम को अरेस्ट करने का आदेश दे दिया। राज्य पुलिस ने सीबीआई के दफ्तर पर भी कब्जा कर लिया।
  • ममता बनर्जी ने 13 मई, 2019 को अमित शाह की जाधवपुर रैली को मंजूरी देने से इनकार कर दिया। शाह के हेलिकॉप्‍टर को उतरने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद बीजेपी ने रैली को रद्द कर दिया।
  • बीजेपी के नेता और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बंगाल में रैली करने के लिए उनके हेलिकाफ्टर को उतरने की इजाजत नहीं दी गई।
  • 20 मई, 2020 को कलकत्ता न्यूज के खिलाफ सच दिखाने पर कार्रवाई की गई। बकायदा केबल ऑपरेटर द्वारा इस न्यूज चैनल का प्रसारण बंद करा दिया गया।
  • 30 अप्रैल, 2020 को ममता बनर्जी ने पत्रकारों को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर वे सही से बर्ताव नहीं करते, तो उन पर वे आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत केस कर सकती हैं।
  • एनआरसी और नागरिकता कानून पर मोदी सरकार को चुनौती देते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि इन्हें उनकी लाश पर ही प. बंगाल में लागू किया जा सकता है।
  • 28 जनवरी, 2020 को कलकत्ता यूनिवर्सिटी में होने वाले दीक्षांत समारोह में तृणमूल कांग्रेस और नजरुल मंच के छात्रों ने राज्यपाल धनखड़ को मंच पर जाने से रोक दिया।
  • ममता बनर्जी सरकार ने साल 2018 में राज्य की कानून-व्यवस्था संबंधित खर्च और अन्य चीजों का ऑडिट करने से कैग (CAG) को मना कर दिया था।
  • 17 जुलाई, 2018 को मिदनापुर में पीएम मोदी की रैली के दौरान ‘ब्लू बुक’ फॉलो नहीं किया गया। SPG को संसाधन नहीं दिए गए। 5 किलोमीटर तक कोई पुलिसवाला भी नहीं था।

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