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कोरोना टाइमलाइन: महामारी से निपटने में जी-जान से जुटा है मोदी सरकार का स्वास्थ्य मंत्रालय

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कोरोना से निपटने को लेकर दुनिया भर में मोदी सरकार की तारीफ हो रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि पीएम मोदी ने न सिर्फ लॉकडाउन जैसा फैसला सही समय पर लिया, बल्कि सभी संबंधित मंत्रालयों के बीच बेहतरीन सामंजस्य और सहभागिता की स्थिति बनाई। कोरोना टाइमलाइन में देखिए कोविड के खिलाफ मोदी सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के कामकाज का लेखाजोखा।

7 जनवरी
चीन ने अपने देश में हो रही अज्ञात मौतों के कारण के तौर पर कोरोना वायरस की पहचान की।
8 जनवरी
स्वास्थ्य मंत्रालय की पहली संयुक्त मॉनिटरिंग मिशन की बैठक।
25 जनवरी
प्रधानमंत्री के मुख्य सचिव ने समीक्षा बैठक की, हवाई अड्डों के निरीक्षण का फैसला।
7 हवाई अड्डों पर 115 हवाई जहाजों से आने वाले 20,000 यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई।
कोरोना वायरस की जांच के लिए देश भर के National Institute of Virology labs को सभी सुविधाओं से लैस किया गया।
27 जनवरी
स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों के प्रधान स्वास्थ्य सचिवों और 5 राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ बैठक की। स्वास्थ्यकर्मियों के जरिए कम्यूनिटी स्तर पर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।
137 एयरलाइंस के 29,707 यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें 12 को NIV पुणे भेजा गया, लेकिन अभी तक कोई भी कोरोना पॉजिटिव का मामला सामने नहीं आया।
29 जनवरी
राज्यों की सहभागिता के साथ 8 केंद्रीय टीमें बनाई गईं। ये टीमें नेपाल से लगने वाले राज्यों के 21 जिलों में आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं के कामकाज या आचरण को मॉनिटर करने के लिए बनाई गईं।
N95 और PPE के निर्यात पर रोक लगा दी गई।
30 जनवरी
WHO ने कोरोना वायरस को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया।
कोरोना वायरस की जांच के लिए 6 लैब तैयार।
चीन से लौटने वाले लोगों के लिए 14 दिन तक होम आइसोलेशन में रहने के निर्देश जारी किए गए।
अब तक 234 विमानों के 43,346 यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें 49 सैम्पल NIV भेजा गया, 48 सैम्पल निगेटिव आए।
कोरोना का पहला मामला सामने आया।
31 जनवरी
वुहान से लौटने वाले यात्रियों के लिए मानेसर और चावला में क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए। सफदरजंग अस्पताल में 50 बेड की क्रिटिकल केयर फैसिलिटी सुविधा उपलब्ध कराई गई।
3 फरवरी
पीएम मोदी ने कोविड पर GoM का गठन किया
21 हवाई अड्डों पर 539 विमानों के साथ ही विभिन्न बंदरगाहों और नेपाल से लगी सीमाओं पर कुल 72, 353 यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई।
29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 2815 लोग कम्यूनिटी सर्विलांस के तहत निगरानी मंं रखे गए।
7 फरवरी
संसद में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन का बयान-
1275 विमानों के कुल 1,39,539 यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें से 150 यात्रियों में कोरोना के लक्ष्ण पाए गए, जिन्हें आइसोलेशन में भेज दिया गया।
1305 सैंपल की जांच की गई, जिनमें 1282 सैंपल निगेटिव पाए गए। 20 सैंपल की प्रोसेसिंग चल रही है। 3 सैंपल पॉजिटिव पाए गए।
इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस नेटवर्क के जरिए 29 राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों में 6599 यात्रियों पर निगरानी रखी जा रही है।
13 फरवरी
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने पूरे मामले की स्थिति, राज्यों और विभिन्न मंत्रालयों की तैयारी और अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी के साथ मीडिया को संबोधित किया।
21 फरवरी
केंद्र ने राज्यों को स्क्रीनिंग और सर्विलांस से जुड़े सभी जानकारियों को समय पर वेब पोर्टल पर जारी करने के लिए कहा। इस वेब पोर्टल को राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना के मामलों को मॉनिटर करने के इरादे से स्पेशल सर्विलांस वेब टूल के रूप में बनाया गया।
22 फरवरी
काठमांडू, इंडोनेशिया, वियतनाम और मलेशिया से आने वाले सभी विमानों की स्क्रीनिंग का काम शुरू।
21,805 यात्रियों को कम्यूनिटी सर्विलांस के दायरे में लाया गया। इसके साथ ही, 3,97,152 विमान यात्रियों और विभिन्न बंदरगाहों पर 9, 695 यात्रियों की स्क्रीनिंग।
24 फरवरी
21 हवाई अड्डों, 12 बड़े और 65 छोटे बंदरगाहों और सीमावर्ती इलाकों में यात्रियों की स्क्रीनिंग।
अब तक 4, 214 विमान और 4, 48, 449 यात्रियों की स्क्रीनिंग।
अब तक 2707 सैंपल की जांच की गई, जिनमें केरल के सिर्फ 3 सैंपल पॉजिटिव पाए गए।
कुल 34 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम- आईडीएसपी- नेटवर्क के जरिए 23259 लोगों को कम्यूनिटी सर्विलांस पर रखा गया।
3 मार्च
किसी भी अंतरराष्ट्रीय विमान के भारत पहुंचने पर सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू।
प्रधानमंत्री ने राज्यों और विभिन्न मंत्रालयों में कोरोना वायरस को लेकर हो रही तैयारियों का जायजा लिया।
7 मार्च
चीन, हांगकांग, कोरिया गणराज्य, जापान, इटली, थाइलैंड, सिंगापुर, ईरान, मलेशिया, फ्रांस, स्पेन और जर्मनी जैसे देशों से आने वाले यात्रियों को 14 दिनों के सेल्फ इम्पोज्ड क्वारंटाइन में रहने को कहा गया।
प्रधानमंत्री ने COVID-19 के संदर्भ में सभी संबंधित मंत्रियों के साथ स्थिति की समीक्षा की।
11 मार्च
15 फरवरी के बाद चीन, इटली, ईरान, कोरिया, फ्रांस, स्पेन और जर्मनी से भारत आ रहे सभी देशी-विदेशी यात्रियों को कम से कम 14 दिनों के क्वारंटाइन में भेजा जाएगा। यह आदेश 13 मार्च से लागू होगा।
14 मार्च
COVID-19 की जांच के लिए लैब के नेटवर्क की संख्या बढ़ाकर 52 की गई।

19 मार्च
राष्ट्र के नाम संबोधन में जनता कर्फ्यू की घोषणा- 19 मार्च को राष्ट्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने देशवासियों से 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात के 9 बजे तक स्वैच्छिक ढंग से जनता कर्फ्यू का पालन करने का आग्रह किया।
वेंटिलेटर्स के निर्यात पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई।
21 मार्च
प्रधानमंत्री ने फार्मा सेक्टर के प्रतिनिधियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बातचीत की और उनसे कोविड-19 के लिए RNA टेस्टिंग किट्स बनाने को लेकर युद्ध स्तर पर काम करने को कहा।
22 मार्च
कोराना के सोशल चेन को तोड़ने के लिए जनता कर्फ्यू के दौरान देश भर में संपूर्ण लॉकडाउन का पालन।
22 मार्च तक देश के सरकारी लैब में प्रति सप्ताह 50 से 70 हजार तक टेस्ट की क्षमता।
जबकि, फ्रांस, ब्रिटेन, अमेरिका, जर्मनी और इटली के पास क्रमशः 10, 16, 26, 42 और 52 हजार टेस्ट की क्षमता।
24 मार्च
राष्ट्र के नाम संबोधन में पीएम मोदी ने की 21 दिनों के पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा
ऑक्सीजन थिरेपी के सभी आर्टिफिशियल रेस्पिरेटरी एपरेटस और सेनेटाइजर के निर्यात पर रोक।
26 मार्च
स्वास्थ्यकर्मियों के लिए विशेष बीमा स्कीम की घोषणा की गई।
27 मार्च
पीएम नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयुष सेक्टर के डॉक्टरों के साथ बातचीत की।
29 मार्च
पीपीई, मास्क और वेंटिलेटर की मांग को देखते हुए इनका उत्पादन बढ़ाने का कहा गया।
31 मार्च
मेडिकल एयर कार्गो से जुड़ा एक खास वेबसाइट 1 अप्रैल 2020 से लांच किया जाएगा।
2 अप्रैल
भारत सरकार ने कोविड से लड़ने और इसके संबंध में लोगों को जागरूक करने के लिए आरोग्य सेतु मोबाइल ऐप लॉन्च किया।
3 अप्रैल
पीएम मोदी ने सुबह नौ बजे देशवासियों के साथ एक वीडियो सन्देश साझा करते हुए लोगों से 5 अप्रैल को रात्रि 9 बजे 9 मिनट तक अपने घरों की बत्तियां बुझाकर दीपक, मोमबत्ती या मोबाइल की टॉर्च जलाने का आह्वान किया।
4 अप्रैल
प्रधानमंत्री ने GoM के साथ समीक्षा बैठक की।
मेडिकल एअर कार्गो से जुड़े ‘लाइफलाइन उड़ान’ वेबसाइट लॉन्च किया गया।
5 अप्रैल
पीएम मोदी के आह्वान पर कोरोना महामारी से लड़ने की इच्छाशक्ति के प्रतीक के रूप में देश भर के घर-घर में दीप-प्रज्वलन संपन्न हुआ।
6 अप्रैल
अमेरिका और ब्राजील जैसे कोविड-19 से लड़ रहे देशों के लिए पारासिटामोल और HCQ जैसी दवाओं के निर्यात के प्रतिबंध पर रोक को आंशिक तौर पर हटाया गया।
8 अप्रैल
HCQ के निर्यात पर भारत के फैसले का अमेरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वागत किया, पीएम मोदी का धन्यवाद किया।
12 अप्रैल
देश भर में एक लाख कोविड-बेड तैयार
कोविड से लड़ने की तैयारियों के रूप में देश भर में एक लाख बेड की व्यवस्था पूरी कर ली गई।
14 अप्रैल
राष्ट्र के नाम संदेश में पीएम मोदी ने लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ाने का एलान किया।
19 अप्रैल
G-20 के स्वास्थ्य मंत्रियों की सऊदी अरब में संपन्न हुई बैठक में कोरोना को रोकने के तरीकों पर विचार हुआ। बैठक में कोरोना से लड़ने के भारत के तरीकों पर सबकी नजर रही।
20 अप्रैल
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने कोविड पर देशवासियों से विचार-विमर्श पर आधारित एक प्लेटफॉर्म COVID India Seva को लॉन्च किया।

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