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कोरोना संकट : रोहिंग्या मुसलमानों की तस्वीरें शेयर कर सरकार को बदनाम करने की कोशिश में जुटे हैं कांग्रेसी

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आज भारत समेत पूरा विश्व कोरोना महामारी के संकट से जूझ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दूसरे देशों की तुलना में कोरोना को परास्त करने में ज्यादा सफल है लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस पार्टी और उसके नेता लगातार गलत तस्वीरें और वीडियो शेयर कर देश के लोगोें को दिगभ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के अलग-अलग संगठन  और नेता लगातार इस कोशिश में जुटे हैं कि मोदी सरकार को बदनाम किया जाए। आइए,आपको ऐसे ही कुछ फेक तस्वीरों और वीडियो के बारे में बताते हैं जिसे कांग्रेस और उसके नेताओं के हैंडल से ट्वीट किया गया है।

पहला-

‘दलित कांंग्रेस’ ट्विटर एकाउंट से एक तस्वीर शेयर की गई है, जिसमें एक व्यक्ति को अपनी पीठ पर बूढ़ी महिला को ले जाते हुए देखा जा सकता है। कांग्रेस के इस ट्विटर अकाउंट में बताया गया है कि यह कांग्रेस का SC विभाग है। लेकिन हकीकत ये है कि यह तस्वीर 2017 की है और रोहिंग्या मुसलमान की जुड़ी है लेकिन इस तस्वीर को अब लॉकडाउन से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।

इस तस्वीर को हिमाचल प्रदेश कांग्रेस सेवा दल द्वारा भी ट्वीट किया गया है। 

दूसरा-  

इसी तरह मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए कांग्रेस की नेता अलका लांबा द्वारा भी शेयर किया गया है। अलका लांबा ने अपने डीपी ने एक रोती हुई बच्ची की तस्वीर लगाई है। CNBC में छपी खबर के मुताबिक यह तस्वीर को 2017 की है और रोहिंग्या मुसलमान से संबंधित है। 

तीसरा- 

इसी तरह की एक और तस्वीर कांग्रेसी समर्थक मुनमुन साहनी द्वारा  लॉकडाउन की तस्वीर बताकर शेयर किया गया है लेकिन हकीकत में ये भी तस्वीर काफी पुरानी है। एक बांग्ला ट्विटर हैंडल से इस तस्वीर को फरवरी 2019 में शेयर किया जा चुका है और इस तस्वीर का लॉकडाउन से कोई लेना देना नहीं है।

चौथा-

कांग्रेस की नेता अलका लांबा ने अपने ट्विटर हैंडल से एक वीडियो साझा किया जिसे बाद बाद में डिलिट किया गया है। इस वीडियो में बॉनपुरा, रंगामती (बांग्लादेश) लिखा हुआ है और इस वीडियो का लॉकडाउन से कोई लेना देना नहीं है।  

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