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राजस्थान के रण में जीत के लिए बीजेपी की रणनीति, PM Modi सहित दिग्गज लगाएंगे विशाल जनसभाओं और रोड शो का अर्द्धशतक, 40 स्टार प्रचारक कांग्रेस के छुड़ाएंगे छक्के

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भाजपा थिंक टैंक राजस्थान में जीत की पटकथा लिखने के लिए नित-नई रणनीति बना रहा है। एक ओर कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाने और वोट बैंक की राजनीति में पैठ बनाने के लिए कांग्रेस के दिग्गजों को ही भाजपा में शामिल किया जा रहा है। दूसरी ओर राजस्थान के रण में विजय पताका फहराने के लिए पीएम मोदी समेत बीजेपी की त्रिमूर्ति तूफानी चुनाव प्रचार में विशाल जनसभाओं और रोड शो का करीब-करीब अर्धशतक लगाने वाली है। वीर-वीरांगनाओं की इस भूमि पर पीएम मोदी पहले भी एक साल में 11 दौरे करके सवा सौ से ज्यादा विधानसभा सीटों को कवर कर चुके हैं। कद्दावर नेताओं वाली और कड़े मुकाबले वाली कुछ सीटों पर पीएम मोदी एक बार फिर आ सकते हैं। इस बीच बीजेपी ने अपने 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट भी जारी कर दी है। वे मिलकर राजस्थान में सरकार बदलने के रिवाज को कायम रखने के लिए जनता-जनार्दन में जोश और ऊर्जा का संचार करेंगे।

तीन दशक से राजस्थान की जनता विपक्षी दल को सौंप रही है सत्ता का सिंहासन
भाजपा अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जनसभा से कराने की तैयारी कर रही है। भाजपा के प्रचार में मोदी के अलावा अमित शाह और जेपी नड्डा मुख्य भूमिका में होंगे। राजस्थान में बीजेपी ने विधानसभा चुनाव के प्रचार को धार देने के लिए स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी कर दी है। इसमें पीएम मोदी, जेपी नड्डा, अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, योगी आदित्यनाथ, शिवराज सिंह चौहान, हिमंत बिस्वा सरमा और वसुंधरा राजे समेत कई नेताओं के नाम शामिल हैं। राजस्थान में बीजेपी विपक्ष में है। तीन दशक से राजस्थान की जनता विपक्षी दल को सत्ता का सिंहासन सौंपती चली आ रही है। इसलिए भी बीजेपी नेताओं से लेकर कार्यकर्ताओं तक सब जोश और ऊर्जा से भरे हुए नजर आ रहे हैं। और सत्ता में वापसी के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं।बीजेपी ने बड़े नेताओं के लिए चार्टर प्लेन और हेलीकॉप्टर बुक कराए
विधानसभा चुनाव में भाजपा ने केन्द्रीय नेताओं पीएम मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह की विशाल जनसभाएं और रोड शो कराने की रणनीति बना ली है। इसके अलावा पड़ोसी राज्यों के सीएम और बड़े नेताओं की जनसभाएं भी कराई जाएंगी। इनमें सबसे ऊपर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम है। भाजपा का फोकस जयपुर संभाग के अलावा मारवाड़, मेवाड़ और पूरब में रहेगा। हालांकि इन नेताओं की सभाएं इस तरह से प्लान की जा रही हैं कि राजस्थान के सभी जिले और विधानसभा कवर हो जाएं। इसके लिए चार्टर प्लेन और हेलीकॉप्टर बुक करा लिए गए है। केन्द्रीय नेताओं के सभा स्थलों के पास दो से तीन हेलीपेड बनेंगे। पीएम मोदी समेत कुछ बड़े नेताओं की सभाएं एक दिन में दो स्थानों पर भी हो सकती हैं।

बीजेपी के 40 स्टार प्रचारक राजस्थान में कांग्रेस से छक्के छुड़ाने के लिए तैयार
बीजेपी की कुल 40 स्टार प्रचारों की लिस्ट में पीयूष गोयल, प्रह्लाद जोशी, धर्मेन्द्र प्रधान, स्मृति ईरानी, गजेंद्र सिंह शेखावत, भूपेन्द्र यादव, अनुराग ठाकुर, अर्जुन राम मेघवाल, परषोत्तम रूपाला, अर्जुन मुंडा, कैलाश चौधरी, कृष्णपाल गुर्जर, संजीव कुमार बालियान, अरुण सिंह, सी.पी. जोशी, राजेंद्र राठौड़, सतीश पूनिया, ओम प्रकाश माथुर, केशव प्रसाद मौर्य, नितिन पटेल, कुलदीप बिश्नोई, चन्द्रशेखर, अलका गुजर, किरोड़ी लाल मीना, मनोज तिवारी, घनश्याम तिवाड़ी, राजेंद्र गहलोत, अरुण चतुवेर्दी, कनकमल कटारा, पी.पी. चौधरी और रंजीता कोली का नाम शामिल है। राजस्थान की 200 विधानसभा सीटों पर 25 नवंबर को चुनाव होंगे। पहले मतदान की तारीख 23 नवबंर तय की गई थी जिसे बाद में बदलकर 25 नवबंर कर दिया गया। नतीजे 3 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।

सीएम गहलोत और पायलट के खिलाफ बीजेपी ने उतारे दमदार प्रत्याशी
बीजेपी ने गुरुवार (2 नवंबर) को ही राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए 58 उम्मीदवारों की तीसरी सूची जारी कर दी। इस सूची में पार्टी ने सरदारपुरा (जोधपुर) सीट से महेंद्र सिंह राठौड़ को उम्मीदवार बनाया है। इस सीट से कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत चुनाव लड़ रहे हैं। मजबूत प्रत्याशी राठौड़ के मैदान में आने से यहां गहलोत को कड़ी टक्कर मिलेगी। पार्टी की ओर से दिल्ली में जारी इस सूची के अनुसार, टोंक सीट पर अजीत सिंह मेहता को उम्मीदवार बनाया है। यहां से कांग्रेस के उम्मीदवार पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट है। पार्टी ने पहली दो सूचियों में क्रमश: 83 और 41 उम्‍मीदवार घोषित किए थे। तीन सूचियों में वह अब कुल 182 प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। कांग्रेस प्रत्याशियों की सूची जारी करने में लगातार पिछड़ रही है।

पीएम को वीरभूमि राजस्थान पसंद, एक साल में कर चुके हैं 11 दौरे
बीजेपी थिंक टैंक अब ऐसी रणनीति बना रहा है, जिससे आगामी राज्यों में जीत हासिल करके उसका वर्चस्व बरकरारा रहे। राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे बड़े राज्यों में हर हाल में चुनाव जीतने की कोशिशों में पार्टी निरंतर जुटी है। खासतौर पर राजस्थान में कांग्रेस की सरकार से सत्ता छीनने पर पूरा जोर है। खुद पीएम नरेन्द्र मोदी अपना दमखम दिखाते हुए लगातार जनता-जनार्दन के साथ बीजेपी कार्यकर्ताओं में जीत का जोश फूंक रहे हैं। प्रधानमंत्री बीते एक साल में 11 दौरे मरुधरा के अलग-अलग हिस्सों में कर चुके हैं। उन्होंने इन दौरों में न सिर्फ कांग्रेस सरकार के करप्शन और कुशासन को उजागर किया है, बल्कि काली कमाई वाली लाल डायरी और नेताओं के आपसी झगड़ों का जिक्र कर कांग्रेस की दुखती रग पर भी हाथ रखा है।वर्ष 2014 के बाद से पीएम नरेन्द्र मोदी बने बीजेपी के ब्रांड एम्बेसडर
राजस्थान में बीजेपी को मजबूत करने और केन्द्र सरकार की उपलब्धियों के बलबूते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बार-बार राजस्थान दौरे पर आ रहे हैं। वर्ष 2014 के बाद में मोदी बीजेपी के ब्रांड बन गए हैं। यह ब्रांड देश में इतना पोपुलर हुआ कि केवल उनके नाम से बीजेपी केन्द्र की सत्ता में काबिज हुई और एक के बाद एक राज्यों में चुनाव जीतती रही। पीएम मोदी के दौरों से प्रदेश में पार्टी मजबूत होने के साथ कार्यकर्ताओं में जोश भरता है। उत्साहित कार्यकर्ता दोगुनी मेहनत से काम करेंगे तो इसका सीधा फायदा पार्टी को मिलेगा। पीएम के अलावा राजस्थान में राष्ट्रीय नेता भी दौरे कर रहे हैं। इनमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जेपी नड्ढा, नितिन गडकरी और राजनाथ सिंह सहित कई केन्द्रीय मंत्री राजस्थान के विभिन्न दौरे कर चुके हैं।

हर जिले, संभाग और विधानसभा क्षेत्र में पार्टी को कर रहे हैं मजूबत
पिछले कुछ महीनों से पीएम मोदी का विशेष फोकस राजस्थान पर है। वे राजस्थान के हर कोने में जाकर पार्टी को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। खास बात यह भी है कि हर बार वे अलग अलग संभागों में जाते हैं, जिससे कि अलग अलग संभाग-जिलों में पार्टी को मजबूत किया जा सके। पहले उन्होंने गुजरात से सटे सिरोही और बांसवाड़ा जिलों में दौरे किए। इसके बाद वे दक्षिण राजस्थान को साधने के लिए भीलवाड़ा दौरे पर आए। फिर पूर्व राजस्थान को साधने के लिए दौसा का दौरा किया और विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर सियासी हमले किए। 10 मई को फिर से सिरोही और राजसमंद का दौरा किया। केन्द्र की सत्ता में पीएम मोदी के 9 साल का कार्यकाल पूरा होने के उपलक्ष 30 मई को अजमेर में ऐतिहासिक जनसभा का आयोजन किया गया। इसमें भी पीएम मोदी ने संबोधित किया था।

विधानसभा चुनाव के लिए सभी वर्गों को पार्टी में तवज्जो देने की रणनीति
अलग अलग जिलों में दौरा करके पीएम मोदी हर वर्ग को साधना चाहते हैं। 1 नवंबर को बांसवाड़ा के मानगढ़ धाम में आदिवासी समुदाय को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी वंचित वर्ग की हितैषी पार्टी है और खासतौर पर आदीवासियों की विशेष ध्यान रखते हुए उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देती है। बीजेपी ने द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाकर स्वयं को आदीवासी की हितैषी पार्टी होना बता रही है। 28 जनवरी को पीएम मोदी गुर्जर समाज के आराध्य देव देवनारायण की जयन्ती समारोह में शामिल होने के लिए भीलवाड़ा दौरे पर आए थे। पीएम मोदी ने गुर्जर समाज के त्याग और बलिदान को याद करते हुए आजादी की जंग में गुर्जर समाज के बलिदान को याद किया। इस तरह से गुर्जर समाज को साधने का प्रयास किया गया। 12 फरवरी पीएम मोदी दौसा दौरे पर आए जहां उन्होंने दिल्ली मुम्बई एक्सप्रेस वे का शुभारम्भ किया। इसी दिन पीएम मोदी ने मीणा बाहुल्य क्षेत्र दौसा में विशाल सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर सियासी हमले किए। इस दौरान मीणा समाज के कई नेता और प्रतिनिधियों को मंच पर जगह दी गई थी। अजमेर की सभा के दौरान मध्य राजस्थान के कई जिलों को एक साथ साधने की कोशिश की गई। अब बीकानेर की धरती से उत्तरी राजस्थान को साधने के प्रयास किए जा रहे हैं। बीकानेर में पीएम मोदी का कार्यक्रम है और इसी जिले के तीनों कांग्रेसी विधायक गहलोत सरकार में मंत्री हैं। बीकानेर में बड़ी सभा करके बीजेपी कांग्रेस का वर्चस्व खत्म करने की कोशिश कर रही है।

 

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