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कोरोना को मात देने में सफल हुआ भाजपा शासित गोवा

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देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां देश की 130 करोड़ जनता के साथ मिलकर कोरोना को परास्त करने के अपने संकल्प को पूरा करने में जुटे हैं, वहीं कुछ विरोधी विचारधारा के लोग देश को बदनाम करने के अपने पुराने खेल में शामिल हैं। भारतीय जनता पार्टी शासित राज्य गोवा ने पीएम मोदी के संकल्प को सच्च साबित कर दिखाया है। गोवा एक ऐसा राज्य है जिसने कोरोना को मॉत देने में सफल हुआ है। पिछले 16 दिनों में वहां कोई मामला सामने नहीं आया है। इतना ही नहीं कोरोना संक्रमण के जो 7 पॉजिटिव केस सामने आए थे, वे सब के सब ठीक हो चुके हैं, और अभी गोवा में एक भी एक्टिव केस नहीं है। इस प्रकार देश में गोवा को मॉत देने का एक सफल मॉडल ’गोवा मॉडल’ के रूप में सामने आया है।

कोरोना के सभी सात मरीज ठीक होकर गए घर

ऐसा नहीं कि गोवा में कोरोना संक्रमण ने दस्तक नहीं दी हो, लेकिन वहां की प्रमोद सावंत सरकार ने तत्परता दिखाते हुए कोरोना को मात देने में सफल हो गई। मालूम हो कि गोवा में कोरोना वायरस के कुल 7 मामले आए थे। लेकिन सरकार की तत्परता की वजह से वहां कोई अनहोनी नहीं हो पाई। बल्कि सातों के सात कोरोना संक्रमित ठीक होकर अपने-अपने घर जा चुके हैं। जबकि केरल में कोरोना वायरस के अब तक कुल 402 मामले सामने आ चुके हैं। यह भी सच है कि अभी तक वहां 270 लोग ठीक हो चुके है, साथ यह भी सच है कि वहां तीन संक्रमितों की मौत भी हो चुकी है। अभी भी केरल में 129 एक्टिव मामले हैं, जिनका इलाज जारी है। महाराष्ट्र तो पूरे देश में सबसे ऊपर चल रहा है, वह चाहे संक्रमितों की संख्या हो या फिर मृतकों की संख्या।

मुख्यमंत्री ने मेडिकल कर्मचारियों को दी बधाई

गोवा की इस उपलब्धि के लिए वहां के मुख्यमंत्री डॉक्टर प्रमोद सावंत ने कहा कि यह प्रदेश की जनता के लिए न सिर्फ राहत की बात है बल्कि संतोष की बात है। उन्होंने प्रदेश की इस उपलब्धि के लिए वहां के डॉक्टर और मेडिकल कर्मचारियों को बधाई दी है और सभी को धन्यवाद दिया है। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोदी सावंत ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए इस बात की जानकारी देते हुए उनके नारा फाइट एगेंस्ट कोरोना की तरह ही ‘गोवा फाइट्स कोरोना’ का नारा दिया है।

उल्टी गंगा बहाने में जुटे वामपंथी और कांग्रेसी 

देश में जनसंख्या और मरीजों के अनुपात के हिसाब से देखा जाए तो कोरोना से निपटने में उत्तर प्रदेश की स्थिति सबसे बेहतर है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बताए रास्ते पर चलते हुए बहुत हद तक कोरोना के फैलने पर अंकुश लगाए हुए हैं। गोवा की उपलब्धि सबके सामने है। लेकिन देश के वामपंथी और कांग्रेसी देश में उल्टी गंगा बहाने पर जुटे हुए हैं। उन्हें न तो तर्क से कोई वास्ता है न ही तथ्य से, उन्हें तो बस अपना प्रोपगेंडा चलाना है। तभी तो उन्होंने केरल और महाराष्ट्र सरकारों की देश में वाहवाही करने के लिए वहां के मॉडलों को आगे बढ़ाने में जुट गए। अपने विचार के समर्थक सेलेब्रिटिज के माध्यम से ट्वीट करवाना शुरू कर दिया। वे मानते हैं कि सोशल मीडिया पर इसका प्रचार करने से यह सही साबित हो जाएगा। जबकि दोनों प्रदेशों के तथ्य देश के सामने है। आज देश में महाराष्ट्र सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में शुमार है। केरल में अभी भी 129 एक्टिव मामले हैं जबकि तीन लोगों की मौत हो चुकी है। अनजाने में ही सही उर्वशी रौतेला ने महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार की पोल खोल के रख दी है। उसके ट्वीट से यह सिद्ध हो गया है कि सभी ट्वीट्स ठाकरे सरकार ने करवाए थे। वामपंथियों और कांग्रेसियों ने केरल सरकार का गुणगान इसलिए शुरू कर दिया ताकि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा कराए गए सकारात्मक की चर्चा न हो।

गैर भाजपा शासित प्रदेशों के हालात खराब

सरकार के हिसाब से देखा जाए तो देश में कोरोना संक्रमण के मामले में गैर भाजपा शासित प्रदेशों की हालत ज्यादा खराब है। वह चाहे महारष्ट्र हो या पश्चिम बंगाल, दिल्ली हो या तेलंगाना या फिर तमिलनाडु या आंध्र प्रदेश। आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कोरोना के पॉजिटिव मरीजों की संख्या 17,265 हो गई है। 543 लोगों की वायरस के संक्रमण के चलते जान गई है। इससे पहले रविवार शाम को जारी किए गए पिछले आंकड़े में कोरोना मरीजों की संख्या 16116 थी। इसके अलावा 519 की मौत हुई थी। राज्यों में कोरोना वायरस के मरीजों की स्थिति की बात करें तो महाराष्ट्र में 4203 मामले सामने आए हैं। अभी तक 223 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा दिल्ली में 2003 मामले कोरोना के सामने आ चुके हैं। मरने वाले 45 हैं।

कोरोना से नहीं संभल पा रही दिल्ली 

वैश्विक महामारी का रूप ले चुका कोरोना वायरस का असर राजधानी दिल्ली पर ज्यादा पड़ रहा है। दिल्ली के हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जहां पूरे देश में आज से सशर्त थोड़ी ढील दी गई है वहीं केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में कोई ढील नहीं देने की बात कही है। इसका कारण भी है। यहा लगातार कोरोना के मामले बढते ही जा रहे हैं। कई इलाकों को हॉटस्पॉट घोषित कर सील किए जाने के बाद भी अब तक लोगों को इससे राहत नहीं मिल पाई है। दिल्ली में रविवार को 110 नए मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई। दिल्ली में संक्रमितों की संख्या 2003 हो गई है। इतना ही दिल्ली में कोरोनोवायरस के कुल कंटेंटमेंट जोन की संख्या बढ़कर 79 हो गई है,  अब  तिलक नगर का तिलक विहार क्षेत्र भी कंटेंटमेंट जोन की सूची में शामिल किया गया है।

महाराष्ट्र में बढ़े कोविड-19 के मामले

वामपंथियों और कांग्रेसियों द्वारा लाख महाराष्ट्र मॉडल की बड़ाई करने के बाद भी तथ्य भयावह स्थिति का बखान कर रहा है। अभी संक्रमितों का आंकड़ा सबसे ज्यादा है। महाराष्ट्र में अभी 3473 एक्टिव मामले हैं और 223 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि संक्रमितों की संख्या 4203 तक पहुंच गई है।

तेलंगाना में संक्रमितों के बिगड़े हालात

एक और गैर भाजपा शासित प्रदेश तेलंगाना के हालात कोरोना संक्रमण से खराब है। क्षेत्रफल और जनसंख्या अनुपात के हिसाब से वहां के हालात ज्यादा खराब हैं। अभी तक वहां कुल 844 मामले सामने आ चुके हैं जबकि अभी तक 186 लोग ठीक हुए हैं और अभी भी 640 एक्टिव मामले हैं। प्रदेश में कोरोना वायरस की वजह से 18 लोगों की जान जा चुकी है।

पश्चिम बंगाल में बढ़ी कोरोना संक्रमितों की संख्या

जिस प्रकार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोरोना के मामले को हल्के में लिया और उसका सांप्रदायीकरण किया ऐसे में तो वहां संख्या बढ़नी ही थी। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि कोरोना जाति, पंथ या रंग नहीं देखता है। वह एकसमान रूप से हर किसी के लिए घातक है। जबकि ममता बनर्जी अपनी राजनीतिक स्वार्थ के लिए कोरोना तक को संप्रदाय में बांट दिया। इसका बुरा परिणाम तो सामने आना ही था। आज पूर्वोत्तर के राज्यों में पश्चिम बंगाल सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित राज्य बन गया है। वह चाहे उसका पड़ोसी राज्य बिहार हो, झारखंड हो या फिर पूर्वोत्तर के सेवेन सिस्टर स्टेट हो। वहां कोरोना का फैलान नाममात्र के लिए है, जबकि पश्चिम बंगाल में इसकी संख्या 339 तक पहुंच गई है। मरने वालों की संख्या भी 12 हो गई है। जबकि 261 मामले अभी भी एक्टिव हैं।

कोरोना संक्रमण से बेहाल राजस्थान

राजस्थान में भी कोरोना संक्रमण काबू में नहीं आ रहा है। प्रदेश सरकार उस तत्परता से काम नहीं कर रही है जिस तत्परता से पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार फैसले ले रही है। तभी तो अभी तक कोरना का मामला बढ़ ही रहा है। एक दिन में 127 मामले बढ़ गए हैं। अभी तक वहां कोरोना संक्रमितों की संख्या 1478 तक पहुंच गई है, और 14 लोगों की मौत हो चुकी है।

तमिलनाडु भी हुआ कोरोना से बेहाल

तमिलनाडु में भी कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। एक दिन में 105 नए मामले सामने आ गए हैं। अभी तक वहां कोरोना संक्रमितों की संख्या 1477 तक पहुंच गई है। जबकि 15 लोग काल के ग्रास बन चुके हैं। अभी भी प्रदेश में 1051 एक्टिव मामले हैं, जिनका इलाज किया जा रहा है।

आंध्र प्रदेश में भी काबू में नहीं कोरोना

संख्या के हिसाब से भले ही अन्य गैर भाजपा शासित प्रदेशों की तुलना में आंध्र प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या कम हो लेकिन यहां अभी तक काबू में नहीं है। अभी तक 646 मामले सामने आ चुके हैं। अभी तक 42 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि अभी भी 589 एक्टिव मामले हैं। सभी एक्टिव मरीजों की जांच की जा रही है।

 

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