Home समाचार राम मंदिर निर्माण में फिर रोड़े अटकाने की बड़ी साजिश : AAP,...

राम मंदिर निर्माण में फिर रोड़े अटकाने की बड़ी साजिश : AAP, सपा और कांग्रेसी हुए बेनकाब

543
SHARE

मोदी राज में भगवान राम के भव्य मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। लेकिन आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस जैसी हिन्दू विरोधी पार्टियों को यह खटक रहा है। इसलिए राम मंदिर निर्माण को लटकाने और भटकाने की साजिशें फिर शुरू हो गई हैं। समाजवादी पार्टी के नेता तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय का आरोप है कि दो करोड़ की जमीन को महज 10 मिनट के अंदर 18 करोड़ में श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट को बेच दिया गया। समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी ने इसकी सीबीआई और ईडी से जांच कराने की मांग की है। उधर कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में इसकी जांच की मांग की है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा है कि आरोप निराधार है और वोट बैंक के लिए सबकुछ किया जा रहा है। ट्रस्ट का दावा है कि जिन जमीनों को खरीदा गया है, उनका मूल्य बाजार दाम से कम ही दिया गया है। अब सौदे से संबंधित सारे दस्तावेज सार्वजनिक हो रहे हैं, जिनसे साजिश की परतें खुल रही हैं।

बेनकाब हुए साजिशकर्ता

  • राम मंदिर ट्रस्ट को जमीन बेचने वाले सुल्तान अंसारी समाजवादी पार्टी के नेता है और सपा के टिकट पर चुनाव भी लड़ चुके हैं।
  • सुल्तान का सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और ट्रस्ट पर घोटाले का आरोप लगाने वाले पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय से अच्छे रिश्ते हैं।
  • सुल्तान के पिता ने 100 बिस्वा जमीन का एग्रीमेंट 2011 में बबलू पाठक से 2 करोड़ रुपये में किया था।
  • बबलू पाठक और सुल्तान अंसारी के बीच 100 बिस्वा जमीन का 10 साल में 4 बार एग्रीमेंट हुआ।
  • राम मंदिर ट्रस्ट ने सुल्तान अंसारी से 100 बिस्वा जमीन 5 करोड़ रुपये में और बबलू पाठक से 80 बिस्वा जमीन 8 करोड़ रुपये में खरीदी।
  • जमीन का दाम 2 करोड़ से 18.5 करोड़ रुपये 10 मिनट में नहीं बल्कि 10 साल में पहुंचा है।

राम मंदिर विरोधी AAP

13 जून, 2021 : AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट पर जमीन खरीद में घोटाले का आरोप लगाया।

7 अगस्त, 2020 : संजय सिंह ने आरोप लगाया था कि राम मंदिर भूमि पूजन से दलितों को दूर रखा गया था।

नवंबर 2019 : केजरीवाल कैबिनेट के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने भगवान राम और भगवान कृष्ण के अस्तित्व पर ही सवाल उठा दिया था।

दिसंबर 2018 : दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने राम मंदिर की जगह विश्वविद्यालय का निर्माण कराने का सुझाव दिया था।

नवंबर 2018 : अरविंद केजरीवाल ने राममंदिर विवाद पर कहा कि अगर जवाहरलाल नेहरू ने स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया के बजाय मंदिर बनाया होता, तो भारत आगे नहीं बढ़ता।

कांग्रेसियों की साजिशें

  • गांधी परिवार ने राम मंदिर निर्माण का कभी समर्थन नहीं किया। मंदिर के भूमि पूजन पर भी चुप्पी साध रखी थी।
  • अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन पर रोक लगाने के लिए राहुल गांधी के करीबी साकेत गोखले ने याचिका दायर की थी।
  • कांग्रेस सांसद कुमार केतकर ने 2 अगस्त,2020 को जी न्यूज पर एक चर्चा के दौरान भगवान श्रीराम को काल्पनिक बताया।
  • कांग्रेस नेता दिग्विजिय ने ट्वीट कर अयोध्या में भगवान राम के मंदिर निर्माण के भूमिपूजन के मुहूर्त पर सवाल उठाया।
  • तीन तलाक पर सुनवाई के दौरान राहुल गांधी के करीबी कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने इस्लामी कुरीति की तुलना राम से कर दी।
  • कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि राम मंदिर की सुनवाई जुलाई 2019 तक टाल दी जाए।
  • जनवरी 2019 में वरिष्ठ कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाया था।
  • 2007 में कांग्रेस सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर कहा था कि राम, सीता, हनुमान और वाल्मिकी काल्पनिक किरदार हैं, इसलिए रामसेतु का कोई धार्मिक महत्व नहीं माना जा सकता है।

 

Leave a Reply