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बजट सत्र से पहले प्रधानमंत्री मोदी का संदेश: आज का समय व्यवधान का नहीं, समाधान का है

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 29 जनवरी को संसद के बजट सत्र की शुरुआत से पहले संसद भवन परिसर में मीडिया को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण, बजट सत्र की अहमियत और देश के भविष्य को लेकर बड़ा संदेश दिया।

पीएम मोदी ने सभी सांसदों से अपील की कि यह समय संसद में बाधाएं खड़ी करने का नहीं, बल्कि समाधान निकालने का है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के इस मंदिर से दुनिया को भारत की लोकतांत्रिक ताकत और फैसले लेने की क्षमता का संदेश जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जिस प्रकार से देश आगे बढ़ रहा है, आज समय व्यवधान का नहीं है, आज समय समाधान का है। प्राथमिकता व्यवधान नहीं, समाधान होनी चाहिए। यह हिम्मत के साथ समाधानकारी निर्णय लेने का कालखंड है। उन्होंने सांसदों से आग्रह किया कि वे राष्ट्र के लिए जरूरी फैसलों को गति दें, निर्णयों को ताकत दें और लास्ट माइल डिलीवरी को और मजबूत करें।

बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संसद के दोनों सदनों के संयुक्त संबोधन से हो चुकी है। पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण 140 करोड़ देशवासियों के आत्मविश्वास और पुरुषार्थ को दर्शाता है, खासकर युवाओं की आकांक्षाओं को।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बजट सत्र कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण है। 21वीं सदी का पहला क्वार्टर पूरा हो चुका है और अब दूसरा क्वार्टर शुरू हो रहा है। इसी के साथ 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में अगले 25 वर्षों की यात्रा भी शुरू हो रही है।

पीएम मोदी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का जिक्र करते हुए कहा कि यह गर्व का विषय है कि देश की पहली महिला वित्त मंत्री लगातार नौवीं बार बजट पेश करने जा रही हैं, जो संसदीय इतिहास में एक रिकॉर्ड है।

उन्होंने कहा कि साल 2026 की शुरुआत भारत के लिए सकारात्मक रही है और आज भारत दुनिया के लिए उम्मीद की किरण और आकर्षण का केंद्र बना है। भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को उन्होंने भारत के उज्ज्वल भविष्य की झलक बताया।

पीएम मोदी ने उद्योग जगत और मैन्युफैक्चरर्स से इस समझौते का पूरा फायदा उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बड़ा बाजार खुलने के बाद अब फोकस सिर्फ सस्ते उत्पादों पर नहीं, बल्कि बेहतरीन क्वालिटी पर होना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किसानों, मछुआरों, युवाओं और सर्विस सेक्टर के लिए बड़े अवसर लेकर आया है और इससे भारत एक कॉन्फिडेंट, कॉम्पिटिटिव और प्रोडक्टिव देश बनेगा।

मीडिया को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार की पहचान ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ रही है और अब देश ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार अब लॉन्ग टर्म पेंडिंग समस्याओं से निकलकर लॉन्ग टर्म सॉल्यूशंस की ओर बढ़ रही है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार के फैसले ह्यूमन सेंट्रिक हैं और टेक्नोलॉजी के साथ मानव संवेदनाओं का संतुलन बनाए रखा जाएगा। अंत में उन्होंने सभी सांसदों को बजट सत्र के लिए शुभकामनाएं दीं और राष्ट्रहित में मिलकर काम करने का आह्वान किया।

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