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गहलोत राज में ‘मुर्दा सिस्टम’: परीक्षाओं में फर्जीवाड़े से बर्बाद सैकड़ों छात्रों का भविष्य!

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कभी पेपर लीक, कभी डमी छात्र तो कभी फर्जी डिग्रिधारियों का जाल। राजस्थान में गहलोत राज में आयोजित की जा रही परीक्षाओं में नकलची बम-बम है और मेधावी छात्र जो कड़ी मेहनत कर परीक्षा की तैयारी करते हैं उनका भविष्य अधर में है।

नकल माफिया के सामने गहलोत सरकार ने टेके घुटने !

राजस्थान में कांग्रेस राज में नकल माफिया ने इस कदर जाल बिछाया है कि अशोक गहलोत की सरकार उनके सामने घुटने टेकती नजर आ रही है।

परीक्षा के नाम पर नेटबंदी से बेहाल हो रहे लोग 

सरकार और प्रशासन को कुछ सूझता तो इंटरनेट सेवा बंद कर दी जाती है। RAS प्री परीक्षा की परीक्षा में भी पूरे राजस्थान में इंटरनेट बंद रखने के एलान किया गया। जयपुर समेत प्रदेशभर के अधिकतर जिलों में परीक्षा के दौरान सरकार ने नेटबंदी लगा दी है। कहीं सुबह 6 बजे तो कहीं सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक इंटरनेट बंदी का एलान है। परीक्षा में नकल रोकने के गहलोत सरकार के इस बेतुके फैसले से आम शहरियों की जिंदगी मुश्किल में है। आज जमाना डिजिटल है ऐसे में कई परिवारों की जिंदगी इंटरनेट और डाटा के भरोसे चलती है। ऐसे लोगों को गहलोत सरकार के फैसलों का खामियाजा उठाना पड़ रहा है। इंटरनेट बंदी वाले इलाकों में दफ्तरों के काम-काज पर भी असर पड़ता है। लेकिन राजस्थान सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। 

गहलोत राज में परीक्षा तंत्र से उठा छात्रों का भरोसा

अशोक गहलोत सरकार के इन बेतुके फैसलों से आम लोगों को मुश्किल हो रही है, उन्हें बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालत ये है राजस्थान में कांग्रेस राज में छात्रों  के साथ उनके अभिभावकों का भी गहलोत सरकार और प्रशासन के परीक्षा तंत्र से भरोसा उठता जा रहा है। 

राजस्थान में सिस्टम वीक, पेपर लीक 

जब भी किसी बड़ी परीक्षा का एलान होता है तो जहां एक ओर छात्रों का तनाव बढ़ने लगता है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन के हाथ पांव फूल जाते हैं। नकल माफिया से निपटने के लिए सरकार की तमाम तैयारियां धरी की धरी रह जाती हैं। पिछले 3 साल में राजस्थान में 15 बड़ी भर्ती परीक्षाएं हुई हैं। इसमें से कोई भी परीक्षा ऐसी नहीं रही जिस पर सवाल नहीं उठे हों। पेपर लीक, परीक्षा में फर्जीवाड़ा और विवाद की वजह से छात्र परेशान हैं। वहीं कई भर्तियों में तो फर्जी डिग्री के मामले सामने आने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को चयन सूची से बाहर करना पड़ा है। 

पिछले 3 साल में कोई भी परीक्षा बेदाग नहीं

आरएएस भर्ती-2018

  • आरपीएससी ने 1051 पदों के लिए परीक्षा कराई
  • इंटरव्यू में पास कराने के नाम पर घूसकांड का खुलासा हुआ
  • शिक्षा मंत्री का रिश्तेदारों के टॉपर से अधिक अंक का विवाद

जेईएन भर्ती-2018

  • कर्मचारी चयन बोर्ड ने 533 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की
  • 6 दिसंबर 2020 को पेपर आउट हो गया

स्कूल व्याख्याता-2018

  • 5000 पदों के लिए निकाली गई भर्ती
  • इसमें पद बढ़ाए बिना ही 14% अतिरिक्त आरक्षण लागू किया गया
  • 689 पदों की कटौती की से बेरोजगार हुए छात्र कर रहे संघर्ष

लाइब्रेरियन भर्ती – 2018

  • 700 पदों पर भर्ती के लिए 29 दिसंबर 2019 को परीक्षा
  • परीक्षा के दो घंटे पहले ही आउट हो गया था पेपर
  • 19 सितंबर 2020 को फिर से हुई परीक्षा

फार्मासिस्ट भर्ती –2018

  • 1736 पदों पर फार्मासिस्ट भर्ती के लिए हुई परीक्षा
  • 5 बार तारीख के ऐलान के बाद भी नहीं हुई परीक्षा
  • परीक्षा निरस्त होने के बाद छात्रों का इंतजार जारी

यह तीन भर्तियां, तीनों में फर्जी डिग्री विवाद

  • 2020 में कोरोना के मामलों को देखते हुए निकली भर्ती
  • लैब टेक्नीशियन के 1119, सहायक
  • रेडियोग्राफर के 1058
  • ईसीजी टेक्नीशियन के 195 पदों पर भर्ती निकाली गई
  • तीनों भर्तियों में फर्जी डिग्रीधारियों के चयन का मामला

प्री-प्राइमरी शिक्षक-2019

  • चयन बोर्ड को 6 हजार पदों पर भर्ती करनी थी
  • फर्जी डिग्रियों पर विवाद, परिणाम अटका

 कांस्टेबल भर्ती-2019

  • पुलिस मुख्यालय की ओर से 5438 पदों के लिए परीक्षा
  • जिलावार मेरिट को लेकर बड़ा विवाद हो गया
  • मामला हाईकोर्ट पहुंचने से रिजल्ट के लिए करना पड़ा इंतजार

 चिकित्सा अधिकारी भर्ती –2020

  • आरयूएचएस की ओर से 2 हजार पदों पर चिकित्सा अधिकारी भर्ती
  • दो बार ऑनलाइन परीक्षा तकनीकी खामी की वजह से रद्द
  • आरयूएचएस को आखिर तीसरी बार में सफलता मिली

असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती –2021

  • बिना सेट के आयोजन के ही भर्ती का जोरदार विरोध
  • राजनीतिक विज्ञान के पेपर पर उठे सवाल
  • 300 में से 200 सवाल एक ही गाइड से आने के आरोप

एसआई भर्ती-2021

  • आरपीएससी की ओर से 859 पदों के लिए एसआई भर्ती हुई
  • परीक्षा में पेपर लीक के आरोप लगे
  • अभ्यर्थी सीबीआई जांच की मांग उठा रहे हैं

रीट भर्ती-2021

  • राजस्थान बोर्ड ने रीट भर्ती परीक्षा आयोजित की
  • परीक्षा से डेढ़ घंटे पहले पेपर लीक
  • अब तक 22 अधिकारी-कर्मचारी बर्खास्त
  • पेपर लीक की सीबीआई जांच की मांग

पटवारी भर्ती 2021

  • परीक्षा में डमी अभ्यर्थी बिठाने का मामला सामने आया
  • अब तक इस मामले में 50 से अधिक गिरफ्तारियां

नकल माफिया पर गहलोत सरकार की नरमी क्यों 

ऐसा नहीं है परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए कानून नहीं हैं और प्रशासन के हाथ पैर बंधे हैं, लेकिन सबसे बड़ी मुश्किल गहलोत सरकार का ढीला रवैया है, वो नकल विरोधी कानून को लागू कराने की बात तो करती है लेकिन इस पर अमल नहीं करना चाहती।

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