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देश में रिकवरी रेट 98.19 प्रतिशत पर लेकिन केरल में थम नहीं रहा कोरोना, अब भी आ रहे आधे से ज्यादा केस

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देश भर में तेजी से जारी कोरोना टीकाकरण के कारण इस महामारी पर लगाम लगी है। पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना टीके की 55,89,124 खुराकें देने के साथ अब तक 103.53 करोड़ टीके लगाए जा चुके हैं। इससे पिछले 24 घंटों में 14,021 मरीजों के ठीक होने से स्वस्थ होने वाले मरीजों की कुल संख्या 3,35,97,339 हो गई है और रिकवरी रेल 98.19 प्रतिशत पर है, जो मार्च 2020 के बाद सबसे अधिक है। लेकिन केरल की बात करें तो यहां कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। केरल में कोरोना प्रोटोकाल का पालन नहीं करने से महामारी बेकाबू बनी हुई है।

देश में पिछले 24 घंटों में कुल 13,451 नए मामले सामने आए हैं। इसमें से आधे से अधिक सिर्फ केरल से आए हैं। केरल में पिछले 24 घंटे में 7,163 नए मामले सामने आने के साथ ही राज्य में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 49,29,158 हो गई जबकि 482 और मरीजों की मौत के बाद मृतकों की संख्या 29,355 पर पहुंच गई है।

कोरोना काल में यह छोटा सा राज्य देश को डरा रहा है। देश में जहां कोरोना के मामले कम हो रहे हैं, वहीं केरल कोरोना हब बन गया है। कोरोना मामले में आगे होने के बाद भी यहां की वामपंथी सरकार ने मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए बकरीद पर प्रतिबंधों में छूट दे दी थी। इससे राज्य में एक बार फिर कोरोना विस्फोट हो गया। तथाकथित सेकुलर, लिबरल पक्षकारों के बल पर केरल मॉडल को लेकर वाहवाही लूटने वाली वामपंथी सरकार कोरोना प्रबंधन में पूरी तरह से फेल साबित हुई है।

इन आंकड़ों से साफ है कि प्रोपगेंडा और लेफ्ट मीडिया के बल पर दुनिया भर में केरल मॉडल का बखान करने वाली केरल सरकार की पोल खुल गई है। बकरीद पर प्रतिबंधों में छूट को लेकर 20 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि ये डरावना है कि ऐसे हालात होने को बावजूद पाबंदियों में इस तरह छूट दी गई। कोरोना के इस हालात में रियायत देना सॉरी स्टेट ऑफ अफेयर है। 

इस सबके बावजूद केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन कोरोना को लेकर कितने गंभीर हैं, इसका नजारा पिछले दिनों प्रधानमंत्री मोदी के साथ छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में देखने को मिला।

सीएम पी विजयन बैठक के दौरान चाय पीते और कुछ खाते दिखाई दिए। ऐसा लग रहा था कि वे सिर्फ बैठक में शामिल होने की औपचारिकता निभा रहे थे। उनकी हरकत से साफ लग रहा था कि बैठक में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं थी। देखिए वीडियो-

इतना सब होने के बाद भी लेफ्ट के करीबी पक्षकार केरल के सीएम का पक्ष ले रहे हैं और केरल मॉडल की प्रशंसा करने में जुटे हुए हैं। इसे क्या कहिएगा

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