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प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सीएम योगी ने बदल डाली यूपी की तस्वीर

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एकतरफ जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विकास के नए प्रतिमान गढ़ रहे हैं और देश नया भारत बनने की ओर अग्रसर है, वहीं दूसरी ओर श्री मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने साढ़े चार साल के शासनकाल में कानून व्यवस्था में सुधार, निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास से प्रदेश की तस्वीर बदल डाली है। मुख्यमंत्री योगी ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री द्वारा देश विदेश में किए गए कार्यों और प्रदेश सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर आज प्रदेश की महिलाएं, युवा सहित हर वर्ग के लोग जाति-धर्म का भेद किए बिना भाजपा को वोट देना चाहते हैं। इसी आधार पर योगी ने भरोसा जताया है कि 2022 में भाजपा एक बार फिर उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने में कामयाब रहेगी। मुख्यमंत्री का कहना है कि आज हर नागरिक को आत्मचिंतन करना चाहिए कि देश के प्रति उसके क्या दायित्व हैं। जब सब मिलकर आगे बढ़ेंगे, तभी ताकतवर भारत बनेगा।


प्रदेश में पहली बार तीन लाख करोड़ रुपये का निवेश, सरकारी क्षेत्र में साढ़े चार लाख नौकरियां
मुख्यमंत्री योगी ने दावा किया है कि प्रदेश में पहली बार तीन लाख करोड़ रुपये का निवेश हो रहा है। प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए किए गए उपायों और कार्यक्रमों के चलते निवेशकों एवं उद्यमियों के लिए उत्तर प्रदेश बेहतर विकल्प के रूप में उभरकर सामने आया है। यही काण है कि लगातार हो रहे निवेश से प्रदेश दूसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बना है। सरकारी क्षेत्र में साढ़े चार लाख नौकरियां देने के साथ निजी क्षेत्र में करोड़ों नौकरियां और स्वरोजगार भी दिया गया है। प्रदेश सरकार ने कोरोना प्रबंधन में सफलता हासिल करने के साथ टीकाकरण में भी देश में रिकॅार्ड बनाया है।

माफियाराज खत्म, बाहुबली जेल में या छोड़ चुके प्रदेश
मुख्यमंत्री योगी ने दावा किया है कि प्रदेश सरकार ने प्रत्येक क्षेत्र और हर वर्ग के लिए काम किया है। प्रदेश में माफियाराज समाप्त हो चुका है। पूर्व की सरकारों में जहां हर क्षेत्र में अपराधियों का बोलबाला था वहीं अब वे पुलिस की डर से भागते फिर रहे हैं। बड़े बड़े माफिया और तथाकथित बाहुबली अब या तो जेल के पीछे पहुंच चुके हैं या प्रदेश छोड़कर भाग चुके हैं।

‘ईज ऑफ डूइंग’ के साथ ही ‘ईज ऑफ लिविंग’ का लक्ष्य पाने का प्रयास
सीएम योगी ने कहा कि राज्य सरकार सतत विकास के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। जन साधारण के जीवनस्तर में सुधार लाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए गए हैं। ‘ईज ऑफ डूइंग’ के अलावा ‘ईज ऑफ लिविंग’ का लक्ष्य प्राप्त किया जाना विभिन्न कार्यक्रमों और योजनाओं का केंद्र बिंदु है। प्रत्येक घर में नल का जल, बिजली, हर गांव में सड़क, हर क्षेत्र में बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के दिशा में तेजी से कार्य किए गए हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को प्राथमिकता, हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना की प्रक्रिया प्रगति पर है। प्रदेश में आयुष सोसायटी के तहत दो नए राजकीय मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी है। अयोध्या में राजकीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं वाराणसी में राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा। इससे मरीजों को उपचार के साथ दोनों विधा के नए डॉक्टर तैयार करने में मदद मिलेगी। प्रदेश में आयुष विश्वविद्यालय की नींव पड़ चुकी है। इसके तहत एलोपैथ की तरह ही आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक कॉलेज खोले जाएंगे। शासन की ओर से प्रदेश में करीब छह कॉलेज खोलने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। पहले चरण में होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक विधा के एक-एक राजकीय कॉलेज खोलने की योजना बनाई गई है। ये कॉलेज उत्तर प्रदेश राज्य आयुष सोसायटी (आयुष मिशन) के तहत खोले जाएंगे। 

भारतीय संस्कृति को बचाना जरूरी,  हर धार्मिक पीठ खोले संस्कृत विद्यालय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, धर्म की रक्षा तब होगी जब उसके मूल को समझने का प्रयास करेंगे। भारत और भारतीय संस्कृति को बचाने के लिए हर नागरिक को तैयार रहना होगा। उन्होंने आह्वान किया कि हर धार्मिक पीठ संस्कृत विद्यालय खोले, सरकार हर संभव सहयोग करेगी। संस्कृत और संस्कृति का प्रोत्साहन मठ-मंदिरों एवं आश्रमों को करना होगा। इससे संस्कृत और संस्कृति के साथ गोरक्षा भी होगी। योगी ने कहा कि निर्वासित गोवंश की रक्षा के लिए सरकार तीन व्यवस्थाओं पर काम कर रही है। पहला निराश्रित गोवंश के लिए आश्रय स्थल बनाए, जहां 6 लाख से अधिक गोवंश को संरक्षित किया जा रहा है। दूसरा, सहभागिता योजना शुरू की। इस योजना में आश्रय स्थलों से गोवंश लेकर पालने पर प्रति गोवंश प्रतिमाह 900 रुपये मिलते हैं। इसके अतिरिक्त पशुपालक के हिस्से में गाय का दूध और गोबर भी आता है। तीसरी व्यवस्था कुपोषित महिलाओं और बच्चों के लिए है जिसमें संबंधित परिवार को गाय के साथ प्रतिमाह 900 रुपये दिए जा रहे हैं।

 

 

 

 

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