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Year Ender 2023 : मोदी मैजिक का जलवा, मोदी की गारंटी पर भरोसा, बीजेपी को शानदार सफलता

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भारतीय राजनीति की दृष्टि से वर्ष 2023 बेहद खास रहा। जहां इस साल हुए विधानसभा चुनावों में ‘मोदी मैजिक’ देखने को मिला, वहीं 2024 के आम चुनाव को लेकर सरगर्मियां भी तेज रहीं। एक तरफ इंडी गठबंधन के बैठकों का दौर चला, तो वहीं एनडीए गठबंधन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताया। इन सबके बीच यह साल कई अहम राजनीतिक घटनाओं को गवाह बना। प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी ने राजनीति में नया प्रयोग किया। राज्यों में बीजेपी के पुराने स्थापित नेताओं की जगह नए नेतृत्व को अवसर देकर सबको हैरान कर दिया। बीजेपी की सफलता ने फिर साबित कर दिया कि प्रधानमंत्री मोदी देश की जनता के दिलों में बसते हैं। जनता ना सिर्फ उनकी गारंटी पर भरोसा करती है, बल्कि खुलकर आशीर्वाद भी देती है। जहां साल की शुरुआत भी त्रिपुरा और नागालैंड में धमाकेदार जीत से हुई, वहीं साल के आखिर में पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लोकलुभावन वादे के बावजूद तीन राज्यों में बीजेपी को प्रचंड जीत मिली। आइए एक नजर डालते हैं 2023 में बीजेपी की राजनीतिक सफलता पर जिसने भविष्य की सियासत की नींव रखी। 

मध्य प्रदेश में बीजेपी की प्रचंड जीत, मनोहर यादव बने सीएम

मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का चेहरा सामने रखकर विधानसभा का चुनाव लड़ा गया। सांसदों और केंद्रीय मंत्री को भी विधानसभा चुनाव में उतारा गया। बीजेपी ने इस बार नारा दिया- ‘एमपी के मन में मोदी, मोदी के मन में एमपी’। जनता ने चुनाव परिणाम से बता दिया कि उनके मन में मोदी है। मध्य प्रदेश के 230 सीटों के लिए हुए चुनाव में बीजेपी ने 48.64 प्रतिशत वोट के साथ 163 सीटों पर जीत हासिल की। पिछले चुनाव के मुकाबले बीजेपी के वोट शेयर में करीब सात प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। साल 2018 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कुल 230 सीटों में से बीजेपी को 109 सीटें मिली थीं। बीजेपी का वोट शेयर 41.02 प्रतिशत था। बीजेपी की शानदार जीत के बाद मुख्यमंत्री के नाम को लेकर शिवराज सिंह चौहान के साथ कैलाश विजयवर्गीय, नरेन्द्र सिंह तोमर जैसे दिग्गज नेताओं का नाम आगे चल रहा था। तमाम अटकलें लगाईं जा रही थीं। लेकिन बीजेपी ने जहां मोहन यादव को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाकर सबको चौंका दिया, वहीं जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला को डिप्टी सीएम पद की जिम्मेदारी सौंपी।

राजस्थान में बीजेपी की शानदार जीत, भजनलाल शर्मा बने सीएम 

राजस्थान में बीजेपी ने प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे को सामने रखकर चुनाव लड़ा। जनता ने भी प्रधानमंत्री पर भरोसा जताया और बीजेपी को खुलकर आशीर्वाद दिया। राजस्थान के 200 सीटोंं के लिए हुए चुनाव में 41.71 प्रतिशत वोट के साथ बीजेपी ने 115 सीटों पर जीत हासिल की। राजस्थान में बीजेपी के वोट शेयर में करीब तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 100 सीटें, बीजेपी को 73 सीटें, बीएसपी को 6 सीटें, सीपीएम को 2 सीटें और अन्य को 19 सीटें मिली थीं। राजस्थान के चुनाव का सबसे दिलचस्प पहलू मुख्यमंंत्री के नाम की घोषणा थी। मुख्यमंत्री पद के लिए वसुंधरा राजे सिंधिया, गजेंद्र सिंह शेखावत, बालकनाथ, राज्यवर्धन सिंह राठौर जैसे दिग्गज नेताओं के नाम की चर्चा हो रही थी। एक हफ्ते तक चले मंथन के बाद बीजेपी ने मुख्यमंत्री के पद के लिए एक ऐसे व्यक्ति के नाम की घोषणा की, जिसके बारे में किसी ने कल्पना तक नहीं की थी। बीजेपी ने पहली बार विधानसभा चुनाव जीतने वाले भजनलाल शर्मा को राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाकर सभी सियासी पंडितों को चौंका दिया। बीजेपी ने दीया कुमारी और प्रेम चंद बैरवा को राजस्थान का उप मुख्यमंत्री बनाया।

छत्तीसगढ़ में बीजेपी की अप्रत्याशित जीत, विष्णुदेव साय बने सीएम

छत्तीसगढ़ के चुनाव में बीजेपी प्रधानमंत्री मोदी का चेहरा आगे कर सामूहिक नेतृत्व के साथ चुनाव मैदान में उतरी थी। प्रधानमंत्री मोदी का जादू चला और कांग्रेस पूरी तरह से धराशायी हो गई। छत्तीसगढ़ में बीजेपी की जीत किसी आश्चर्य से कम नहीं थी। बीजेपी ने आदिवासी बाहुल्य इलाकों में जबरदस्त प्रदर्शन किया। बीजेपी के नेता भी मान रहे थे कि राज्य में कांग्रेस की स्थिति बेहतर हैं। तमाम ओपिनियन और एग्जिट पोल में भी कांग्रेस की वापसी की भविष्यवाणी की गई थी। लेकिन मोदी मैजिक के सामने सब अनुमान धरे रह गए। छत्तीसगढ़ के 90 सीटों के लिए हुए चुनाव में बीजेपी 46.30 प्रतिशत वोट के साथ 54 सीटों पर जीत हासिल की। बीजेपी के वोट शेयर में भी बढ़ोतरी हुई। साल 2018 छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कुल 90 सीटों में से कांग्रेस को 68, बीजेपी को 15, अन्य को 7 सीटें मिली थीं। बीजेपी की जीत के बाद दिग्गज आदिवासी नेता और पार्टी के पुराने कद्दावर विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, वहीं विजय शर्मा और और अरुण साव को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। 

तेलंगाना में बीजेपी नेता ने मौजूदा और तत्कालीन सीएम को हराया, बढ़ीं सीटें

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दक्षिण भारतीय राज्‍यों में भी बीजेपी का लगातार विस्तार हो रहा है। तेलंगाना विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने इस बार पहले की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। बीजेपी ने 14 प्रतिशत वोट शेयर के साथ आठ सीटों पर जीत दर्ज की। अगर पिछले चुनाव से तुलना करें तो अब भी उसके प्रदर्शन को शानदार ही कहा जाएगा। 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 6.98 प्रतिशत के साथ सिर्फ एक सीट हासिल की थी। इस चुनाव में एक दिलचस्प बात हुई। बीजेपी उम्मीदवार कटिपल्ली वेंकट रमण रेड्डी (केवीआर) ने मौजूदा मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और तत्कालीन मुख्यमंत्री केसीआर को हराया दिया। 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को करीब 20 प्रतिशत वोट और 4 सीटें मिली थीं। अगर 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों को देखें तो तेलंगाना में बीजेपी का प्रदर्शन और बेहतर होने की उम्मीद की जा सकती है। प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता भी यहां अच्छी-खासी है। ऐसे में बीजेपी 2023 के विधानसभा चुनाव में अपने प्रदर्शन को सकारात्मक रूप से ले रही है। उसके पास आगामी लोकसभा चुनावों में तेलंगाना में अपनी सीटों की संख्या बढ़ाने का सुनहरा मौका है। विधानसभा चुनावों में पार्टी के शानदार प्रदर्शन के बाद दिल्ली बीजेपी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं तेलंगाना की जनता और तेलंगाना बीजेपी कार्यकर्ताओं का विशेष आभार व्यक्त करता हूं।  

मिजोरम विधानसभा चुनाव में बीजेपी की सीट हुई दोगुनी

पूर्वोत्तर भारत में बीजेपी का लगातार विस्तार हो रहा है। पूर्वोत्तर के कई राज्यों में बीजेपी की सरकारें हैं, वहीं कई राज्य सरकारों में भागीदार है। विधानसभा चुनावों में बीजेपी अपनी मजबूत उपस्थिति भी दर्ज करा रही है। 2023 में मिजोरम विधानसभा के 40 सीटों के लिए हुए चुनाव में बीजेपी अपनी सीटें बढ़ाने में कामयाब रही। बीजेपी अपनी सीटों की संख्या दोगुनी करते हुए दो सीटों पर जीत दर्ज की। बीजेपी को 5.06 प्रतिशत वोट मिले। पार्टी को इस चुनाव में कुल 35,524 वोट मिले। बीजेपी ने पलक और सौहा विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की। पलक में बीजेपी उम्मीदवार हरामो ने एमएनएफ के उम्मीदवार टी रोखाव को 1241 वोटों से हराया। 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने एक सीट पर जीत दर्ज की थी। यह पहली बार था, जब राज्य विधानसभा में बीजेपी का खाता खुला था।

त्रिपुरा में बीजेपी सरकार की वापसी, माणिक साहा बने सीएम

पूर्वोत्तर में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बीजेपी लगातार चुनाव जीतती जा रही है। फरवरी 2023 में त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में विधानसभा चुनाव हुए। पूर्वोत्तर के इन तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में नतीजे बीजेपी गठबंधन के पक्ष में रहे। जहां त्रिपुरा और नागालैंड में बीजेपी की शानदार वापसी हुई, वहीं मेघालय में बीजेपी के समर्थन से मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा की एनपीपी सरकार फिर से सत्ता में वापसी की। त्रिपुरा में 33 सीटों के साथ बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिली हैं। डॉ. माणिक साहा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी प्रमुख जेपी नड्डा की मौजूदगी में लगातार दूसरी बार त्रिपुरा के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। 16 फरवरी 2023 को हुए मतदान में बीजेपी ने 39 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 60 में से 32 सीटें जीतीं।

नागालैंड में नेफ्यू रियो के नेतृत्व में बीजेपी गठबंधन सरकार

नागालैंड में बीजेपी और एनडीपीपी गठबंधन को शानदार जीत हासिल हुई। नेफ्यू रियो दोबारा नगालैंड के मुख्यमंत्री बने। पार्टी के इस प्रदर्शन से प्रधानमंत्री मोदी काफी खुश थे। उन्होंने तीनों राज्यों की जनता का आभार जताया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ”मैं एनडीपीपी-बीजेपी को आशीर्वाद देने के लिए नागालैंड के लोगों को धन्यवाद देता हूं। लोगों ने राज्य की सेवा के लिए गठबंधन को एक बार फिर से जनादेश दिया है। डबल इंजन की सरकार प्रदेश की प्रगति के लिए काम करती रहेगी।” नागालैंड की कुल 60 सीटों में से बीजेपी-एनडीपीपी गठबंधन को 37 सीटें हासिल हुईं। 2018 की तरह बीजेपी को इस बार भी 12 सीटें मिलीं, लेकिन उसका वोट शेयर 15 प्रतिशत से बढ़कर 18.8 प्रतिशत हो गया। वहीं, बीजेपी की सहयोगी एनडीपीपी ने 40 सीटों पर चुनाव लड़कर कुल 25 सीटों पर कब्जा किया। जबकि साल 2018 में उसने 40 सीटों में से 18 सीटों पर जीत हासिल की थी।

मेघालय में लगातार दूसरी बार NPP-BJP सरकार की ताजपोशी

फरवरी 2023 में मेघालय विधानसभा का चुनाव हुआ था। इस चुनाव के बाद नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के प्रमुख कोनराड संगमा ने लगातार दूसरी बार मेघालय के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके शपथ ग्रहण समारोह में गृहमंत्री अमित शाह और अन्य लोग शामिल हुए। 60 सदस्यीय मेघालय विधानसभा में एनपीपी के 26, यूडीएफ यानी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के 11 और बीजेपी के 2 विधायक जीतकर आए। एनपीपी को कुछ अन्य विधायकों का भी समर्थन मिला। 

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