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वर्षांत 2019: इस साल की तारीखें जो बन गई इतिहास

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सन 2014 से ही सभी क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर सकारात्मक भूमिका निभा रहा है। देश हर क्षेत्र में विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। विकास के आयामों में नए अध्याय जोड़ने का यह सिलसिला साल 2019 में भी जारी रहा। आइए एक नजर डालते हैं इस साल की उन तारीखों पर जो इतिहास बन गई।

गरीब सवर्णों को आरक्षण
12.01.2019
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के 12 जनवरी, 2019 को आर्थिक तौर पर पिछड़े सवर्णों को दस प्रतिशत आरक्षण दिए जाने वाले बिल पर मुहर लगाने के साथ ही यह कानून बन गया। इससे पहले, लोकसभा और राज्यसभा ने गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने वाले संविधान संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी थी। आर्थिक आधार पर गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण बिल के लागू होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे देश के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। यह कानून केंद्र सरकार की नौकरियों और केंद्रीय संस्थानों में होने वाले एडमिशन में मान्य होगा। अब जिन भी नौकरियों के विज्ञापन निकलेंगे, उनमें 10 प्रतिशत आर्थिक आधार पर सवर्ण आरक्षण दिया जाएगा।

बालाकोट एयर स्ट्राइक
26.02.2019
प्रधानमंत्री मोदी के सशक्त नेतृत्व में वायुसेना ने पुलवामा हमले का बदला लेने के लिए 26 फरवरी, 2019 को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकियों के अड्डे पर बड़ी कार्रवाई करते हुए बालाकोट में एयरस्ट्राइक की। इसमें जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैएबा, हिजबुल मुजाहिद्दीन के कैंप तबाह हो गए। जानकारी के मुताबिक हमले में जैश-ए-मोहम्मद का कश्मीर ऑपरेशन का चीफ मुफ्ती अजहर खान और जैश चीफ मसूद अजहर का बड़ा भाई इब्राहिम अजहर सहित कुल 250 से 300 आतंकी मारे गए। सफल सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत ने इसकी जानकारी विश्व समुदाय को भी दी। भारत ने अपने राजदूतों को निर्देश दिया कि वो स्थानीय सरकारों को जानकारी दे कि ये हमला पाकिस्तान के खिलाफ नहीं किया गया, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ किया गया। भारत के इस कार्रवाई को विश्व के कई देशों का समर्थन मिला।

एंटी सैटेलाइट मिसाइल (ए-सैट) परीक्षण
27.03.2019
भारत ने 27 मार्च को अंतिरक्ष में एक बड़ी कामयाबी हासिल की। भारत ने अंतरिक्ष में 300 किलोमीटर दूर लो अर्थ ऑर्बिट में एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराया। इसे एंटी सैटेलाइट (A-Sat) मिसाइल सिस्टम ने मार गिराया गया। एंटी-सैटेलाइट मिसाइल परीक्षण के साथ ही भारत अंतरिक्ष में लाइव सैटेलाइट को मार गिराने की क्षमता रखने वाला चौथा देश बन गया था। इस अवसर पर राष्ट्र के नाम संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत ने अपना नाम अंतरिक्ष महाशक्ति के नाम पर दर्ज करा दिया है। हमने अंतरिक्ष में उपग्रह को मार गिराने की क्षमता हासिल कर ली है। भारतीयों के लिए यह गर्व की बात है कि यह पराक्रम भारत में ही विकसित Anti-Satellite (A-Sat) मिसाइल द्वारा सिद्ध किया गया है।

प्रचंड बहुमत से फिर पीएम बने नरेन्द्र मोदी
23.05.2019
लोकसभा चुनाव 2019 में प्रचंड जीत हासिल कर नरेन्द्र मोदी देश के पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री बन गए हैं जिन्होंने लगातार दूसरी बार बहुमत हासिल किया है। 42 साल बाद किसी सरकार ने बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की। विपक्षी पार्टियों के इरादों को चकनाचूर करते हुए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बीजेपी न केवल खुद 300 से ज्यादा सीटें जीतने में सफल रही, बल्कि एनडीए का आंकड़ा भी 350 के पार पहुंचाने में कामयाब रही। इस जीत में जाति और धर्म की सभी सीमाएं टूट गई और प्रधानमंत्री मोदी को सभी तबके के मतदाताओं का समर्थन मिला।

चंद्रयान-2 लांचिंग
22.07.2019
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नेतृत्व में भारत ने इस साल अंतरिक्ष में भी एक नया इतिहास रच दिया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के महत्वाकांक्षी मिशन चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन प्रक्षेपण केंद्र से किया गया। पूरी तरह से देश में ही बना चंद्रयान-2 को अंतरिक्ष में भेजने वाला GSLV Mk-III भारत का अब तक का सबसे शक्तिशाली लॉन्चर है। चंद्रयान-2 के तीन हिस्से थें-ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर। लैंडर विक्रम सात सितंबर को चांद के दक्षिणी ध्रुव के नजदीक उतरने वाला था। लैंडर के उतरने के बाद रोवर उससे अलग होकर अन्य प्रयोगों को अंजाम देता। लैंडर के उतरने से पहले का 15 मिनट काफी महत्वपूर्ण था। इसी 15 मिनट के दौरान भारतीय वैज्ञानिकों का लैंडर से संपर्क टूट गया। चांद के बेहद करीब आकर विक्रम लैंडर का संपर्क पृथ्‍वी से टूट गया। मिशन चंद्रयान 2 के आखिरी क्षणों में भले ही विक्रम लैंडर से संपर्क टूट गया पर आर्बिटर अब भी चंद्रमा का चक्‍कर लगा रहा है। जिस ऑर्बिटर से लैंडर अलग हुआ था, वह भी चंद्रमा की सतह से 119 किमी से 127 किमी की ऊंचाई पर घूम रहा है। चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर ठीक से काम कर रहा है। इसरो प्रमुख सिवन के अनुसार संपर्क टूटने के बावजूद चंद्रयान-2 ने 98 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया। प्रौद्योगिकी के मोर्चे पर लगभग पूरी सफलता हासिल की गई है।

ट्रिपल तलाक बिल पास
30.07.2019
इस साल संसद सत्र में तीन तलाक बिल पर मोदी सरकार को बड़ी कामयाबी मिली। एक साथ तीन तलाक को अपराध करार देने वाला तीन तलाक बिल राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद कानून बन गया। इस बिल के पास होने के बाद मुस्लिम महिलाओं को बराबरी का हक मिलेगा और तलाक की स्थित में वो अपने पति पर अपने तथा नाबालिग बच्चों के गुजारा भत्ता का दावा ठोक सकेंगी। इतना ही नहीं इस गैरकानूनी कृत्य पर पति को जेल का भी प्रावधान है। प्रधानमंत्री मोदी सत्ता में आने के बाद से ही सदियों से चली आ रही इस कुप्रथा से मुस्लिम महिलाओं को मुक्ति दिलाने के प्रयास में लगे हुए थे। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में भी मोदी सरकार ने तीन तलाक के खिलाफ जोरदार पैरवी की थी, और उसी का नतीजा था कि सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय खंडपीठ ने बहुमत के साथ इस प्रथा को गैरकानूनी और इस्लाम विरोधी घोषित किया था। उसके बाद से ही केंद्र सरकार इसे कानूनी जामा पहनाने की कोशिश कर रही थी। प्रधानमंत्री मोदी की इस पहल ने उन्हें देश की करोड़ों मुस्लिम महिलाओं का शुभचिंतक बना दिया है। प्रधानमंत्री ने बगैर किसी भेदभाव के, मुस्लिम समुदाय की महिलाओं को उनका हक दिलाने का काम किया है।

आर्टिकल 370 और 35 ए अलविदा
05.08.2019
इस साल मोदी सरकार का सबसे एतिहासिक और चर्चित फैसला जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 और 35ए को हटाने का रहा है। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के प्रभाव को खत्म करने के साथ-साथ राज्य को दो हिस्सों में बांटने का काम भी इसी कार्यकाल में हुआ। जम्‍मू-कश्‍मीर और लद्दाख को अन्य राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के बराबर लाया गया। जम्मू और कश्मीर में विधानसभा होगी और केन्द्र शासित प्रदेश लद्दाख में विधानसभा नहीं होगी। मोदी सरकार के इस फैसले के बाद कश्मीर में एक देश, एक विधान और एक निशान लागू हो गया। मोदी सरकार के इस फैसले के बाद अब जम्मू-कश्मीर में भारतीय संविधान पूरी तरह से लागू होगा। पहले आर्टिकल 370 के तहत जम्मू-कश्मीर विधानसभा का कार्यकाल 6 साल का था, लेकिन अब यहां भी पांच साल विधानसभा का कार्यकाल होगा। अब जम्‍मू कश्‍मीर और लद्दाख में शिक्षा, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों आदि को अधिकार संपन्‍न बनाने संबंधी केन्द्र सरकार के कानून लागू होंगे।

सरकारी बैंकों का विलय
30.08.2019
मोदी सरकार ने आर्थिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए इस साल 30 अगस्त को 10 सरकारी बैंकों के विलय कर चार बड़े बैंक बनाने का एलान किया। ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक का पंजाब नेशनल बैंक में विलय किया गया। सिंडिकेट बैंक को केनरा बैंक और इलाहाबाद बैंक को इंडियन बैंक में मिलाने के साथ आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में विलय कर दिया गया।

UAPA बिल लागू
02.10.2019
गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून यानी यूएपीए बिल दो अक्तूबर को राज्यसभा में पास होने के बाद कानून बन गया। आतंक पर प्रहार करने वाले इस बिल में सरकार को आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने वाले, उनकी मदद करने वाले, उन्हें पैसे मुहैया कराने वाले और उनका प्रचार करने वाले व्यक्ति को आतंकी घोषित करने का अधिकार देता है। हाल ही में इस कानून के तहत दाऊद इब्राहिम, हाफिज सईद, मौलाना मसूद अजहर और जकीउर रहमान लखवी को आतंकी घोषित किया गया।

नागरिकता कानून (CAA)
12.12.2019
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के 12 दिसंबर को मंजूरी देते ही नागरिकता संशोधन बिल कानून के रूप में लागू हो गया। इसके कानून बनने के साथ ही पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के अल्पसंख्यक शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने का रास्ता साफ हो गया। मोदी सरकार ने नागरिकता संशोधन बिल सोमवार, 9 दिसंबर को लोकसभा और बुधवार, 11 दिसंबर को राज्यसभा में पास करवा लिया था। इस कानून के तहत 31 दिसंबर, 2014 तक धर्म के आधार पर प्रताड़ना के चलते पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्म के लोगों को अवैध घुसपैठिया नहीं माना जाएगा, बल्कि उन्हें भारतीय नागरिकता दी जाएगी।

देश को मिला पहला चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ (CDS)
31.12.2019
जनरल बिपिन रावत को देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) नियुक्त किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस साल 15 अगस्त को सीडीएस के पद का ऐलान किया था। सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 24 दिसंबर को सीडीएस का पद बनाए जाने को मंजूरी दी थी जो तीनों सेनाओं से जुड़े सभी मामलों में रक्षा मंत्री के प्रधान सैन्य सलाहकार के तौर पर काम करेगा। जनरल रावत बतौर सीडीएस रक्षा मंत्रालय और तीनों सेनाओं के बीच समन्वयक की भूमिका निभाएंगे। उनका ओहदा 4 स्टार जनरल का होगा। इसके लिए अधिकतम आयु सीमा 65 साल है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ”सरकार ने जनरल रावत को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्त करने का फैसला किया है जो 31 दिसंबर से आगामी आदेश तक प्रभावी होगा और जनरल रावत की सेवा अवधि 31 दिसंबर से तब तक के लिए बढ़ाई जाती है, जब तक वह सीडीएस कार्यालय में रहेंगे। सरकार द्वारा नियमों में संशोधन करके सेवानिवृत्त की आयु बढ़ाकर 65 वर्ष करने के बाद जनरल रावत तीन साल के लिए सीडीएस के तौर सेवाएं दे सकेंगे।

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