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यशवंत सिन्हा ने मुलायम सिंह यादव को बताया था ISI एजेंट, राष्ट्रपति चुनाव से पहले केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव को दिलाई याद

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यूपीए और अन्य विपक्षी दलों ने यशवंत सिन्हा को राष्‍ट्रपति पद के लिए अपना उम्‍मीदवार बनाया है। यशवंत सिन्हा को समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने भी अपना समर्थन दिया है। लेकिन राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव से ठीक तीन दिन पहले यूपी के डिप्‍टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के एक ट्वीट ने सियासी गर्माहट ला दी है। केशव प्रसाद मौर्य ने यशवंत सिन्हा के एक पुराने बयान की याद दिलाई है, जिसमें उन्होंने मुलायम सिंह यादव को आईएसआई का एजेंट बताया था। बीजेपी ने मतदान से पहले उसी बयान को लेकर अखिलेश से जवाब मांगा है।

दरअसल 1997 में आई एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से केशव प्रसाद मौर्य ने दावा किया है कि यशवंत सिन्‍हा ने सपा संस्‍थापक मुलायम सिंह यादव को आईएसआई एजेंट करार दिया था। अपने ट्विटर अकाउंट पर अखबार की कटिंग शेयर कर केशव मौर्य ने पूछा है,  ‘सपा अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी, जिन्हें आप राष्ट्रपति पद के लिए समर्थन दे रहे हैं, श्री मुलायम सिंह यादव जी के लए दिए बयान पर क्या कहेंगे!’

केशव प्रसाद मौर्य के इस ट्वीट के कुछ देर बाद प्रदेश के दूसरे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी ट्विटर पर यही खबर साझा करते हुए लिखा, ‘मुलायम सिंह जी को आईएसआई का एजेंट बताने वाले महानुभाव का राष्‍ट्रपति पद के लिए समर्थन कर अखिलेश ने एक बार फिर अपने व समाजवादी पार्टी के संस्कारों को प्रदेश के सामने एक उदाहरण के तौर पर प्रस्तुत किया है।’

यशवंत सिन्हा ने 15 जनवरी, 1997 को पटना में बीजेपी के दफ्तर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उस समय जहां यशवंत बीजेपी के कद्दावर नेता थे, वहीं मुलायम सिंह यादव रक्षा मंत्री और देवगौड़ा देश के प्रधानमंत्री थे। यशवंत सिन्हा ने आरोप लगाया था कि खुफिया एजेंसियों ने पुख्ता सबूत जुटाए हैं कि मुलायम सिंह यादव पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंटों के संपर्क में हैं। यशवंत सिन्हा ने ये भी कहा था कि प्रधानमंत्री की टेबल पर इस बारे में एक फाइल रखी है और उसमें पाकिस्तान से मुलायम के रिश्तों के सबूत हैं। यशवंत सिन्हा ने तत्‍कालीन प्रधानमंत्री देवगौड़ा से इस फाइल को देखने और ऐक्‍शन लेने की मांग की थी।

गौरतलब है कि राष्ट्रपति चुनाव को लेकर 18 जुलाई को वोटिंग होगी। 21 जुलाई को देश के नए राष्ट्रपति के नाम का एलान किया जाएगा। ऐसे में केशव प्रसाद मौर्य के ट्वीट ने अखिलेश यादव को मुश्किल में डाल दिया है। उधर उनकी सहयोगी पार्टी के नेता ओपी राजभर उनसे नाराज हैं और उन्होंने एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देने का ऐलान किया है। ओपी राजभर का ये फैसला सपा गठबंधन के लिए बड़ा झटका है। जिस तरह द्रौपदी मुर्मू के समर्थन में विपक्ष बिखर रहा है, उससे यशवंत सिन्हा की राह भी उतनी ही मुश्किल होती जा रही है।

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