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कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल का 2012 का वीडियो आया सामने, मोदी सरकार जैसे कृषि कानून की कर रहे थे वकालत

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नए कृषि सुधार कानून पर कांग्रेस का दोगलापन एक के बाद एक खुलकर सामने आ रहा है। जिस कानून को लेकर कांग्रेस संसद से लेकर घोषणा पत्र तक आवाजें उठाती रही हैं, आज उसी कानून के खिलाफ खड़ी है। कांग्रेस के शीर्ष नेता जहां कृषि कानून के विरोध में आंदोलनकारी किसानों को पूरा समर्थन दे रहे हैं, वहीं उनके पुराने बयान भी सामने आ रहे हैं। यूपीए सरकार में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल का 2012 का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो नए कृषि कानूनों के तरह ही कानून में संशोधन की वकालत कर रहे हैं। 

कपिल सिब्बल का यह वायरल वीडियो 4 दिसंबर, 2012 का है, जब वो लोकसभा की कार्यवाही के दौरान कृषि कानूनों और फसल के मार्केट में बेचने को लेकर बयान दे रहे थे। वायरल वीडियो में सिब्बल को स्पष्ट तौर पर कहते सुना जा सकता है कि जब किसान के पास जब फसल होती है तो उनको मालूम नहीं होता है कि उन्हें किस मार्केट में जाना है। अगर मंडी जाता है तो 35-40 प्रतिशत सामान खराब हो जाता है और इस बीच में 8 लोग कमीशन एजेंट बिचौलिए होते हैं।

इससे आगे बढ़ते हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि ये स्टडी की गई है कि बेचारे किसान का जो माल मार्केट में बिकता है उसका केवल 15-17 प्रतिशत किसान को जाता है, बाकी बिचौलियों को चला जाता है। विपक्ष के नेता और विपक्ष दलों को ये तय करना है कि वे किसान के साथ हैं या बिचौलिए के साथ।

सदन में चर्चा के दौरान सिब्बल ने फसल के मार्केट में बेचने से होने वाले फायदे के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को उपज का ज्यादा मूल्य मिलेगा और कमीशन खत्म हो जाएगा। साथ-साथ तकनीक मिलेगी। उन्होंने कहा कि कब फसल बोना है, कितना पानी देना, कितना खाद देना है और किसानों के उत्पाद का श्योर खरीदार मिलेगा, क्योंकि उसका प्री प्राइसिंग बाइंग एग्रीमेंट में खरीदार के साथ समझौता हो जाएगा। आम किसान को यह पता नहीं है कि उसे कब बाजार जाना है। 

कपिल सिब्बल ने कहा कि जहां तक दाम की बात है तो किसानों को बाजार में एक किलो आलू का दाम 3 रुपये मिलता है और पेप्सिको उसे 5.75 रुपये देता है। 2010-11 में बाजार में किसान को 3.80 रुपये से 5 रुपये तक मिला और यहां 6 रुपये। इस तरह किसान को पैसा ज्यादा मिलता है। किसान को समय पर पैसा मिलता है। आम किसान को यह पता नहीं है कि उसे कब बाजार जाना है। उसको पता नहीं कि मैं कब बेचूंगा। इस बीच 35-40 प्रतिशत जो वह बोता है वह खराब हो जाता है। 

कपिल सिब्बल खुद किसान बिल के बारे में पूरे सदन को बता रहे हैं। बीजेपी विपक्ष में है और तत्कालीन सत्ता पक्ष की पार्टी कांग्रेस कृषि बिल को किसान हित का बता रही है। खुद कपिल सिब्ब्ल कह रहे हैं कि इस बिल से बिचौलियों का काम खत्म होगा। किसान अपनी फसल बेचने के लिए फ्री रहेंगे। हालांकि कांग्रेस ये सब कर नहीं पाई, अब जब मोदी सरकार ने इसे कर दिया तो कांग्रेस विरोध कर रही है।

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