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खालिस्तानी आतंकी भिंडरावाले का समर्थक है संयुक्त किसान मोर्चा, आलोचना करने पर रुलदू सिंह मनसा को किया निलंबित

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संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में चल रहा किसान आंदोलन परोक्ष रूप से खालिस्तानियों द्वारा नियंत्रित और संचालित है। इसकी पुष्टि पंजाब किसान यूनियन के अध्यक्ष रूलदू सिंह मनसा के निलंबन से होती है। एक भाषण के दौरान मनसा ने खालिस्तानी आतंकी जरनैल सिंह भिंडरावाले और प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस के मुखिया गुरुपतवंत सिंह पन्नू की आलोचना की थी। मनसा ने पन्नू पर सिख युवाओं का ब्रेनवॉश कर भड़काने का आरोप लगाया था। इससे नाराज पंजाब के 32 किसान संगठनों ने आपत्ति जताई थी, जिसके बाद मनसा के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।

कुंडली बॉर्डर पर रविवार को पहले पंजाब के 32 किसान संगठनों की बैठक हुई और उसके बाद संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक हुई। इसके बाद किसान आंदोलन और संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारी जगजीत सिंह दल्लेवाल ने रूलदू सिंह मनसा पर संयुक्त किसान मोर्चा के मंच से विवादित भाषण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मनसा के भाषण से सिखों की भावनाएं आहत हुई हैं और ये हमारे संगठन की नीतियों के खिलाफ है। वहीं यूनियन लीडर हरिंदर सिंह लखोवाल ने रूलदू सिंह के भाषण को सिखों और बलिदानियों के खिलाफ बताया था। इसी के बाद मनसा पर 15 दिनों के लिए किसी भी मंच से कोई भी बयान देने पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

गौरतलब है कि रूलदू सिंह मनसा ने 21 जुलाई, 2021 को प्रदर्शनकारी किसानों को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने तीन कृषि कानूनों और प्रधानमंत्री मोदी की खूब आलोचना की थी। इसके बाद  मनसा ने जैसे ही कृषि कानून के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों में खालिस्तानी ताकतों के घुसपैठ को लेकर बोलना शुरू किया, तो संयुक्ति किसान मोर्चा को इससे परेशानी होने लगी। हालांकि मनसा ने जरनैल सिंह भिंडरावाले या खालिस्तान आंदोलन का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने परोक्ष रूप से आंदोलन के पीछे काम कर रहे खालिस्तानी संगठनों पर निशाना साधा था। 

भाषण के दौरान मनसा ने कहा था, “वे अमेरिका में बैठे हैं। मैं उन्हें सरकार द्वारा किराए पर लिए गए कुत्ते कहूंगा। ये भौंकते ही रहते हैं, लेकिन हम जानते हैं कि कैसे (अमृतसर) वहां बैठा एक कुत्ता पंजाब में युवाओं को भड़का रहा है। इनके उकसावे के कारण ही हमारे 25,000 युवा पुलिस के हाथों बलिदान हो गए। अब पन्नू नाम का यह कुत्ता ये करो, वो करो भौंक रहा है। एक और है हमेशा किसान नेताओं के खिलाफ बोलता है। मेरे दोस्तों आपकी कमाई डॉलर क्यों है? यहां आओ, ताकि तुम इस युद्ध की हकीकत जान सको। विदेश में बैठकर सुझाव देना आसान है।”

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