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दिल को छू लेती ये तस्वीर, उमड़ पड़ता भावनाओं का समुंद्र, प्रधान सेवक पर होता है गर्व

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शिष्टाचार यानि शालीनता पूर्ण आचरण ही वह आभूषण है जो मनुष्य को आदर व सम्मान दिलाता है।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शालीन व्यवहार की तस्वीर देखकर आपका दिल भर जाएगा और भावनाओं का समुद्र उमड़ पड़ेगा। तस्वीर में प्रधानमंत्री मोदी एक दिव्यांग महिला के पैरों पर झुककर प्रणाम कर रहे हैं। यह तस्वीर प्रधानमंत्री मोदी के उस व्यक्तित्व को दर्शाती है, जिसमें महिलाओं के लिए सम्मान और मानवता की सहृदयता, दोनों का भाव देखने को मिलता है। इस तस्वीर ने पूरे देश का दिल जीत लिया है। इस तस्वीर को देखकर देश के प्रधान सेवक के प्रति सम्मान और बढ़ जाता है।

जब प्रधानमंत्री मोदी काशी विश्वनाथ धाम लोकार्पण करने पहुंचे थे, उसी दौरान धाम परिसर में वो वाराणसी की एक दिव्यांग महिला से मिले। इस दौरान महिला ने प्रधानमंत्री मोदी के चरण स्पर्श करने की कोशिश की। प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें रोका और खुद महिला के पैरों पर झुक गए और प्रणाम किया। जिस महिला के साथ यह घटना हुई वो वाराणसी के सिगरा क्षेत्र की निवासी शिखा रस्तोगी हैं। शिखा रस्तोगी के लिए वो क्षण अविस्मरणीय हो गया। उस पल को याद करके शिखा रस्तोगी की आंखें नम हो जाती हैं। देश के प्रधानमंत्री उनके चरण स्पर्श कर उन्हें इतना सम्मान दे रहे हैं, इससे शिखा रस्तोगी खुद को सौभाग्यशाली मानती हैं।

प्रधानमंत्री द्वारा पैर छूने की तस्वीरें जब शिखा के भाई ने पिता विजय रस्तोगी और माता वीणा रस्तोगी को दिखाई तो दोनों की आंखें भर आई। उन्होंने कहा कि आज हमारी बिटिया का जन्म सफल हो गया। शिखा रस्तोगी जन्म से ही दिव्यांग हैं। उनकी शिक्षा-दीक्षा हाईस्कूल तक हुई है। वो घर पर ही सिलाई, बुनाई के साथ ही डांस का प्रशिक्षण क्लास चलाती हैं। शिखा रस्तोगी ने अपने बुलंद हौसलों के साथ दिव्यांगता को पीछे छोड़कर आत्मनिर्भरता की सीख दी है।

शिखा ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी लोकार्पण समारोह के बाद जब मुझसे मिले तो उन्होंने पहला सवाल किया, “और बताइए कैसी हैं आप ?” मैंने कहा, “सर मैं ठीक हूं।” इसके बाद उनका आशीर्वाद लेने के लिए मैने उनका चरण स्पर्श करना चाहा तो प्रधानमंत्री ने स्वयं मेरे पैर छू लिए। मुझे आज महसूस हुआ कि मैं देखने में छोटी जरूर हूं, लेकिन प्रधानमंत्री ने मेरा कद बहुत बड़ा कर दिया है। वह क्षण मेरे लिए अविस्मरणीय हैं और मैं खुद को बेहद सौभाग्यशाली मानती हूं। प्रधानमंत्री जी से यह दूसरी मुलाकात थी लेकिन उन्होंने मुझे देखते ही पहचान लिया। हालचाल लेने के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि मैंने आपके लिए विश्वनाथ कॉरिडोर में दुकान आवंटित कर दी है।

प्रधानमंत्री मोदी से मिले सम्मान ने शिखा रस्तोगी के साथ-साथ उनके जैसे प्रत्येक व्यक्ति को यह संदेश दिया कि शारीरिक दिव्यांगता कोई कमी नहीं होती है, यह सिर्फ मन का विकार होता है, जिसे दूर किया जा सकता है। दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है। हमें अपने आत्मविश्वास के साथ अपनी लड़ाई स्वयं लड़नी होती है। उसके बाद पूरी दुनिया हमारी काबिलियत और हुनर को समझेगी। 

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