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तेलंगाना के सीएम या गली छाप नेता! राहुल के करीबी रेवंत रेड्डी ने विधानसभा में दी गंदी गालियां, हो रही है किरकिरी…

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राजनीति में वैचारिक मतभेद होना आम बात है, लेकिन जब संवैधानिक कुर्सी पर बैठा व्यक्ति ‘गली-छाप’ भाषा पर उतर आए, तो समझ लीजिए कि लोकतंत्र खतरे में है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने विधानसभा जैसी पवित्र जगह पर जो किया, उसे सुनकर आप माथा पकड़ लेंगे। राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सदन के भीतर मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए विपक्षी नेताओं को सरेआम गंदी गालियां दीं।

शनिवार, 3 दिसंबर को विधानसभा सत्र के दौरान जब चर्चा नीति और विकास पर होनी चाहिए थी, तब सीएम रेवंत रेड्डी बीआरएस (BRS) नेताओं केटीआर और हरीश राव पर इस कदर भड़के कि उन्होंने अपनी भाषा का स्तर सड़क छाप बना लिया। मुख्यमंत्री ने ‘भ*#वा’ जैसे अपशब्दों का इस्तेमाल किया। सवाल यह उठता है कि क्या एक मुख्यमंत्री को इस तरह की धमकी और गाली-गलौज शोभा देती है?

हैरानी की बात सिर्फ सीएम की गाली नहीं थी, बल्कि सदन का नजारा और भी विचित्र था। जब रेवंत रेड्डी पद की गरिमा को पैरों तले रौंद रहे थे, तब सामने बैठे एआईएमआईएम (AIMIM) विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी मुस्कुरा रहे थे। सदन में गाली-गलौज और उस पर ये हंसी… क्या हमारा लोकतंत्र अब इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है?

रेवंत रेड्डी का यह बर्ताव सिर्फ विपक्षी नेताओं का अपमान नहीं है, बल्कि यह तेलंगाना की उस जनता का भी अपमान है जिसने उन्हें चुनकर इस सम्मानित पद पर बिठाया है। मुख्यमंत्री पद की एक गरिमा होती है, लेकिन रेवंत रेड्डी ने दिखा दिया कि सत्ता के नशे में वह मर्यादा की हर दीवार गिराने को तैयार हैं।

सीएम रेवंत रेड्डी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और लोग पूछ रहे हैं कि क्या राहुल गांधी अपने मुख्यमंत्रियों को यही संस्कार सिखा रहे हैं? एक तरफ कांग्रेस ‘मोहब्बत की दुकान’ खोलने का दावा करती है, तो दूसरी तरफ उनके मुख्यमंत्री सरेआम गुंडागर्दी वाली भाषा बोल रहे हैं। आप भी देखिए सोशल मीडिया पर लोग क्या कह रहे हैं…

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