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महाराष्ट्र में कोरोना महामारी रोकने में नाकाम शिवसेना ने ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम पर फोड़ा ठीकरा

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महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के मामले सबसे ज्यादा है। उद्धव सरकार तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण को रोकने में नाकाम रही है। चौतरफा हमले से घिरी शिवसेना अब सरकार बचाने के लिए हाथ-पैर मार रही है। सरकार को बचाने के लिए शिवसेना की तरफ से हर तिकड़म लगाये जा रहे हैं। इसी क्रम में शिवसेना नेता संजय राउत ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए देश में कोरोना फैलाने के लिए ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम पर ठीकरा फोड़ा है।
ट्रंप के दौरे से दिल्ली-मुंबई में भी फैला कोरोना
शिवसेना नेता संजय राउत ने रविवार को कहा कि गुजरात और बाद में मुंबई और दिल्ली में कोरोना वायरस फैलाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्वागत में आयोजित किया गया ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम जिम्मेदार है। शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में अपने साप्ताहिक कॉलम में राउत ने कहा, “इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्वागत में इकट्ठा हुई भीड़ के कारण गुजरात में कोरोना वायरस फैला। ट्रंप के साथ आए शिष्टमंडल के कुछ सदस्य मुंबई, दिल्ली भी गए थे जिसके कारण वायरस फैला।”
राष्ट्रपति शासन की आशंका से परेशान शिवसेना
संजय राउत ने कहा कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाडी सरकार को गिराने और कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम में विफल रहने का आरोप लगाकर राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने का कोई भी प्रयास आत्मघाती सिद्ध होगा। उन्होंने कहा, “राज्य ने देखा है कि कैसे मनमानी से 6 महीने पहले राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था और हटा लिया गया था। राउत ने साथ ही कोरोनावायरस की आड़ में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की आशंका भी जताई।” उन्होंने आगे कहा कि यदि राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए कोरोना वायरस मामलों से निपटने में विफलता को आधार बनाया जा रहा है तो कम से कम 17 अन्य राज्यों में भी यही किया जाना चाहिए जिनमें भाजपा शासित राज्य भी शामिल हैं।
‘उल्टे चोर कोतवाल को डाटे’
महाराष्ट्र सरकार के पास कोरोना संकट को रोकने के लिए कोई योजना नहीं है। उद्धव ठाकरे का प्रशासनिक अनुभव कम होना भी राज्य में कोरोना के फैलने का एक प्रमुख कारण है। कई नेताओं ने उद्धव ठाकरे के प्रशासनिक अनुभव पर सवाल उठाया है। उद्धव पर बढ़ते हमलों के देखते हुए राउत ने केंद्र सरकार पर ही महामारी को रोकने में विफलता का आरोप लगा दिया। राउत ने कहा कि लॉकडाउन बिना किसी योजना के लागू किया गया और अब बिना किसी योजना के इसे हटाने की जिम्मेदारी राज्यों पर छोड़ दी गई है। इस अनिश्चितता से संकट और बढ़ेगा।
सरकार बचाने के लिए राहुल का गुणगान
कांग्रेस और राहुल गांधी कोरोना संकट को लेकर मोदी सरकार को घेरना चाहते हैं, लेकिन महाराष्ट्र उनके लिए परेशानी का सबब बन चुका है। जैसे ही राहुल केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हैं, केंद्र सरकार उन्हें महाराष्ट्र का आइना दिखा देती है। ऐसे में संजय राउत ने राहुल गांधी की तारीफ कर उनकी नाराजगी को दूर करना चाहते हैं। राउत ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लॉकडाउन के विफल होने का सटीक विश्लेषण किया था। नरेन्द्र मोदी देश के नेता हैं। देश बनाने में सभी का योगदान होता है। चाहे वह पक्ष हो या विपक्ष। इसलिए प्रधानमंत्री मोदी को राहुल गांधी की बात सुननी चाहिए। यह आश्चर्यजनक है कि कोरोना वायरस मामलों में बढ़ोतरी के लिए राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग कर लोग राजनीति चमका रहे हैं।
‘CAA को ठंडे बसते में डालना चाहिए’
आजतक के ई-एजेंडा कार्यक्रम में संजय राउत ने कहा कि CAA को फिलहाल ठंडे बस्ते में डालना चाहिए। क्योंकि यह वक्त नहीं है ऐसे मुद्दे उछालने का। वैसे भी पूर्वोत्तर के राज्यों के लिए CAA के मुद्दे हैं लेकिन महाराष्ट्र और बाकी राज्यों में ऐसा नहीं है।
राम मंदिर निर्माण से दूरी बना रही शिवसेना
इसी तरह कुछ दिन पहले शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि यह वक़्त राम मंदिर और भारत-पाकिस्तान जैसे मुद्दों को देखने का नहीं है, बल्कि कोरोना वायरस से जंग का है। उन्होंने कहा कि, ‘हमारा पूरा ध्यान कोरोना से जंग पर है। खुदाई के दौरान जो अवशेष मिलेंगे उन्हें देखने वाले और लोग हैं। अभी राम मंदिर, भारत-पाकिस्तान जैसे मुद्दों को अलग रख दिया जाना चाहिए। अभी देश के सामने सबसे बड़ा संकट कोरोना वायरस है और उस पर फोकस करना चाहिए।’
तबलीगी जमातियों पर मौन रहे संजय राउत
पूरे देश में कोरोना संक्रमण को फैलाने के लिए तबलीगी जमातियों को जिम्मेदार बताया गया। देश के कई हिस्सों से तबलीगी जमात के लोगों को गिरफ्तार किया गया। कई जगहों पर स्वस्थ्यकर्मियों और पुलिसकर्मियों पर हमले किए गए। लेकिन सत्ता की लालच की वजह से शेवसेना तबलीगी जमातियों पर बयान देने से बचती रही।

महाराष्ट्र में लगातार बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले
महाराष्ट्र में शनिवार को कोरोना वायरस के 2,940 नए मामले सामने आए, जिससे राज्य में मामलों की संख्या 65,168 तक पहुंच गई। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि 99 और रोगियों की बीमारी के कारण मृत्यु हो गई, जिससे राज्य में मृतकों की संख्या 2,197 तक पहुंच गई। दिनभर में 1,084 मरीज ठीक हुए और उन्हें अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई। राज्य में 34,890 मरीजों का इलाज चल रहा है। शनिवार को हुई 99 मौतों में से 54 अकेले मुंबई में हुई हैं। शनिवार को सामने आए कुल 2,940 नए रोगियों में से 1,510 अकेले मुंबई से सामने आये हैं।

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 24 फरवरी को अहमदाबाद में एक रोडशो में हिस्सा लिया था जिसमें हजारों लोग शामिल हुए थे। रोडशो के बाद दोनों नेताओं ने मोटेरा में बने नए क्रिकेट मैदान में एक लाख से ज्यादा लोगों को संबोधित किया था। गुजरात में कोरोना वायरस का पहला मामला 20 मार्च को सामने आया था जब राजकोट के एक शख्स और सूरत की एक महिला में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। लेकिन संजय राउत ने यह नहीं बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप के साथ आने वाले दल में से कितने लोगों को करोना संक्रमण हुआ और उनमें से कितने लोगों की मौत हुई।

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