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मोदी सरकार में शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी सुधार, पिछले सात सालों में हर हफ्ते एक विश्वविद्यालय और हर रोज दो कॉलेज खुले

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की बागडोर संभालने के बाद ‘सबको शिक्षा,अच्छी शिक्षा’ के संकल्प को लेकर अपनी योजनाओं को कार्यरूप देना शुरू किया। इसके तहत नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की घोषणा के साथ ही स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय तक शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने में काफी काम हुआ। एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले सात सालों में कॉलेज खोलने की रफ्तार काफी तेज रही। इस दौरान देश में हर दिन दो कॉलेज खोले गए। वर्ष 2013-14 में देश में कॉलेजों की कुल संख्या 36,634 थी, जबकि 2019-20 में कॉलेजों की संख्या 42,343 हो गई।

छात्रों तक उच्च शिक्षा की पहुंच को बेहतर और आसान बनाने के लिए देश में हर हफ्ते औसतन एक विश्वविद्यालय खुला है। वर्ष 2013-14 में देश में जहां कुल 723 विश्वविद्यालय थे वहीं वर्ष 2019-20 में इनकी संख्या बढ़कर 1043 हो गई। इस दौरान देश में 320 नए विश्वविद्यालय खोले गए। सरकार द्वारा घोषित प्रमुख विश्वविद्यालयों में लद्दाख का पहला विश्वविद्यालय भी शामिल है। सिर्फ पूर्वोत्तर राज्यों में 22 नए विश्वविद्यालय खोले गए। इस दौरान देश में पहली बार फॉरेंसिक विश्वविद्यालय और वड़ोदरा में राष्‍ट्रीय रेल तथा परिवहन विश्‍वविद्यालय की भी स्थापना की गई।

मोदी सरकार के प्रयासों का नतीजा है कि स्कूलों में छात्र-शिक्षक का अनुपात भी सुधरा है। स्कूलों में प्राइमरी स्तर पर यह अनुपात वर्ष 2014 में प्रति शिक्षक 34 बच्चों का था, जो अब घटकर प्रति शिक्षक 26 बच्चों का हो गया है। अपर प्राइमरी में स्थिति अब और सुधरी है, वहां अब प्रति शिक्षक सिर्फ 18 बच्चे ही हैं। इस दौरान स्कूलों में शिक्षकों के खाली पदों को भरने का काम तेजी से किया गया।

स्कूली इन्फ्रास्ट्रक्चर में बड़ा सुधार

बीते सात सालों में स्कूली इन्फ्रास्ट्रक्चर में बड़ा सुधार आया है। देश के 83 प्रतिशत स्कूल अब बिजली से लैस हो गए हैं। वर्ष 2014 में सिर्फ 55 प्रतिशत स्कूलों में ही बिजली थी। इसी तरह लाइब्रेरी और रीडिंग रूम की सुविधा 15 प्रतिशत बढ़कर करीब 84 प्रतिशत स्कूलों में मौजूद है। स्कूलों में हैंडवास, लड़कियों के लिए शौचालय की स्थिति काफी बेहतर हुई है। देश के अब 97 प्रतिशत स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग शौचालय हैं।

आइआइटी, आइआइएम की संख्या में बढ़ोतरी

  वर्ष     आइआइटी आइआइएम
2014          16       13
2020       23      20

निजी विश्वविद्यालयों की संख्या में 47% की वृद्धि

        वर्ष     निजी विश्वविद्यालयों की संख्या
      2015-16               276
      2019-20               407

उच्च शिक्षा की नामांकन दर में बढ़ोतरी

  वर्ष   उच्च शिक्षा की नामांकन दर
2013-14 3.45 करोड़
2019-20 3.85 करोड़

 

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