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बैंक कर्ज माफी मामले में राहुल गांधी ने फिर देश को किया गुमराह, जावड़ेकर ने दी चिदंबरम से ट्यूशन लेने की सलाह

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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को फिर से प्रोजेक्ट करने की तैयारी चल रही है। उन्हें कब प्रोजेक्ट किया जाएगा, इसके बारे में कोई निश्चित घोषणा नहीं की गई है। लेकिन प्रोजेक्ट होने से पहले उनके सलाहकार उन्हें सरकार पर हमलावर होने की सलाह दे रहे हैं। ऐसे में सलाह देने से पहले सलाहकार यह भूल जा रहे हैं कि सिर्फ समय बदला है, इंसान तो वही हैं। जिसे न तो आंकड़ों का पता होता है और न ही बोलने का कोई ठोस आधार। राहुल गांधी लॉकडाउन में मिले वक्त का इस्तेमाल मनगढ़ंत आंकड़ों के जरिए देश को गुमराह करने के लिए कर रहे हैं। इसलिए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने राहुल गांधी को पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम से ट्यूशन पढ़ने की सलाह दी है।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, ‘राहुल गांधी की इस आरोप से चकित हूं कि मोदी सरकार ने 65,000 करोड़ रुपये माफ कर दिए हैं। एक भी पैसा माफ नहीं किया गया है। कर्ज को बट्टे खाते में डालने (Writing off) का मतलब कर्ज माफ करना (waiving off) नहीं होता है। राहुल गांधी को चिदंबरम से कर्ज माफी और कर्ज को बट्टे खाते में डालने में अंतर समझने के लिए ट्यूशन लेना चाहिए।’

प्रकाश जावड़ेकर ने आगे कहा, ‘कर्ज को बट्टे खाते में डालना जमाकर्ताओं को बैंक की सही तस्वीरें दिखाने की प्रक्रिया है। यह बैंकों को कार्रवाई करने और वसूली करने से नहीं रोकता है। हमने देखा है कि कैसे नीरव मोदी की संपत्ति जब्त और नीलाम की गई। विजय माल्या के पास कोई विकल्प नहीं बचा है। हाई कोर्ट ने उनकी अपील को खारिज कर दिया है।’

इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमला बोला और कहा कि इस बात पर उन्हें आत्मचिंतन करने की जरूरत है कि वह अपने कार्यकाल में सिस्टम की सफाई का काम क्यों नहीं कर पाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता और विपक्ष दोनों तरफ रहते हुए भ्रष्टाचार खत्म करने की कोई प्रतिबद्धता नहीं दिखाई। सीतारमण ने कहा कि राहुल गांधी तथ्यों को सनसनीखेज बनाकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। अच्छा होता यदि राहुल गांधी लोन राइट ऑफ के बारे में डॉ. मनमोहन सिंह से पूछ लेते।

वित्त मंत्री ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए। साथ ही यह स्पष्ट किया कि सरकार ने नीरव मोदी , मेहुल चोकसी और विजय माल्या जैसे बड़े विल्फुल डिफॉल्टरों के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं। पीएनबी के साथ हजारों करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोपी हीरा व्यापारी नीरव मोदी की 2,387 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति अटैच या सीज की गई है। 1898 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच और 489 करोड़ रुपये की संपत्ति सीज की गई है। इन संपत्तियों में 961.47 करोड़ की विदेशी संपत्ति भी शामिल है। नीरव मोदी ब्रिटेन में जेल में है।

वित्त मंत्री ने बताया कि चोकसी की 1936.95 करोड़ रुपये संपत्ति अटैच की गई, जिसमें 67.9 करोड़ रुपये की विदेशी संपत्ति है। 597.75 करोड़ रुपये जब्त (सीज) किए गए। रेड नोटिस जारी हआ। एंटीगुआ से चोकसी के प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध किया गया है। मेहुल चोकसी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने पर सुनवाई चल रही है।

बैंकों का 9,000 करोड़ से ज्यादा का कर्ज लेकर फरार हुए विजय माल्या के मामले में वित्त मंत्री ने बताया कि अब तक उसकी 8040 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच और 1693 करोड़ रुपये की संपत्ति सीज की गई है। जब्त किए गए शेयरों का मूल्य 1693 करोड़ रुपये है। माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जा चुका है। ब्रिटेन में माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर सुनवाई चल रही है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि उन्होंने सरकार से बैंक घोटालेबाजों के नाम पूछे थे लेकिन संसद में इन कर्जदारों के नाम छिपाए गए हैं। राहुल ने ट्वीट किया ‘संसद में मैंने एक सीधा सा प्रश्न पूछा था- मुझे देश के 50 सबसे बड़े बैंक चोरों के नाम बताइए। वित्तमंत्री ने जवाब देने से मना कर दिया। अब रिजर्व बैंक ने नीरव मोदी, मेहुल चोकसी सहित भाजपा के ‘मित्रों’ के नाम बैंक चोरों की लिस्ट में डाले हैं। इसीलिए संसद में इस सच को छुपाया गया।’

 

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