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देश में राफेल आने की खबर से राहुल गांधी सदमे में, 48 घंटों से नहीं किया कोई ट्वीट

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29 जुलाई 2020 को देश में वे राफेल लड़ाकू विमान अंबाला एयरबेस पर लैंड कर गए, जिनके बारे में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि इन विमानों को आने में दस साल लग जाएगें। जब राफेल विमानों के आने पर देश में जश्न का माहौल है और ट्वीटर पर सभी सेना को बधाई दे रहे हैं तो राहुल गांधी मौन हैं।  देश में, राफेल के  आने की खबर के 48 घंटे बीत चुके हैं लेकिन राहुल गांधी, उनकी बहन प्रियंका वाड्रा और माँ सोनिया गांधी ने कोई ट्वीट नहीं किया है। वैसे तो गांधी परिवार, आजकल हर छोटी बड़ी घटना पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए ट्वीट करता रहता है।

गांधी परिवार, विशेष रुप से राहुल गांधी के मौन के पीछे उनके अपने पाप हैं, जो उन्होंने राफेल डील को रद्द कराने के लिए किए थे। 2018 की विधानसभा चुनावों और 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान मनगढ़ंत आरोप लगाना तो राहुल गांधी का दैनिक काम हो गया था, सुबह उठने के साथ ही उनका पहला काम यही होता था कि प्रधानमंत्री मोदी पर कोई आरोप लगाया जाए।

लेकिन हद तो तब हो गई जब राहुल गांधी ने फ्रांस में विपक्षी पार्टी के नेता और पूर्व राष्ट्रपति हॉलैंड से ऐसे बयान को राजनीतिक फायदे के लिए दिलावाया जिससे यह साबित हो कि प्रधानमंत्री मोदी ने जो डील की है उसमें कुछ दाल में काला है और डील रद्द कर दी जाए।इसके लिए बकायदा राहुल गांधी ने 31 अगस्त 2018 को ट्वीट में कहा कि पेरिस में बम फूटने वाला है

राहुल गांधी के इस बयान पर तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सितंबर 2018 में कहा कि राहुल गांधी फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति के साथ मिलकर कोई भी विवाद पैदा करके इस डील को खत्म कराने का प्रयास कर लें, यह डील खत्म नहीं की जाएगी।

राहुल गांधी ने राफेल डील को खत्म करने के लिए इससे पहले जुलाई 2018 में लोकसभा में कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति ने उनसे कहा है कि राफेल को लेकर कोई गुप्त सूचना का समझौता नहीं हुआ है, भारत देश का कोई भी नागरिक सूचना ले सकते हैं।

लोकसभा में राहुल गांधी के बयान के चंद घंटों के अंदर ही फ्रांस की सरकार की तरफ से बयान आया कि राहुल ने संसद को गलत जानकारी दी है औऱ राफेल पर गुप्त सूचना का समझौता है।

अब, बात समझ में आती है कि राहुल गांधी राफेल लड़ाकू विमानों के देश में आने पर स्वागत क्यों नहीं कर रहे हैं।

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