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राहुल गांधी की दोगली नीति की पोल खुली, जयपुर में राहुल ने जिस ‘पूंजापति’ अडानी को कोसा, उसी के साथ सोलर प्लांट के लिए गहलोत सरकार ने 20 हजार करोड़ का एमओयू साइन किया

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कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी की जयपुर की रैली एक बार फिर लोगों के मनोरंजन का माध्यम बन रही है। दरअसल, राहुल ने रैली में ढेरों शाब्दिक गलतियां तो की हीं, जिसके मीम्स बन रहे हैं। इसके अलावा राहुल गांधी ने अपनी ही कांग्रेस सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया। दरअसल, पूंजापति (राहुल ने यही बोला था) अडानी की आलोचना करते हुए राहुल भूल गए कि जिस राजधानी में खड़े होकर और जिस मुख्यमंत्री के सामने वह यह बोल रहे हैं, उन्हीं गहलोत सरकार ने अडानी के साथ एमओयू कर रखे हैं। राजस्थान में 1500 मेगावाट का सोलर प्लांट की स्थापना के लिए के लिए 20 हजार करोड़ रुपए के एमओयू कर रखे हैं।

जयपुर रैली से पहले ही अडानी की कंपनी से गहलोत सरकार का एमओयू
जयपुर रैली में भी राहुल गांधी ने कहा कि देश को अडानी समेत तीन-चार पूंजीपति चला रहे हैं। राहुल गांधी भूल गए कि जहां से वे बोल रहे हैं, उसी राजस्थान सरकार ने अडानी से 1500 मेगावाट का सोलर प्लांट की स्थापना के लिए एमओयू किए हुए हैं। राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए हुई इंवेस्टर मीट में अडानी की कंपनी अडानी रिन्युवेबल एनर्जी पार्क राजस्थान लिमिटेड से राहुल की रैली के कुछ दिन पहले नवंबर-दिसंबर में ही एमओयू किए गए। इसके तहत अडानी की कंपनी को जैसलमेर की तहसील पोकरण और फतेहगढ़ के ग्राम क्रमश माधोपुरा सरदासर और भीमसर में सोलर पार्क के लिए चार हजार हैक्टेयर के ज्यादा जमीन का आवंटन किया गया है।

अडानी के खिलाफ इतनी बातें तो फिर एमओयू क्यों
बीजेपी के वरिष्ठ नेता और उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ कहते हैं कि ने कहा कि राहुल गांधी ने अपने भाषण में अडानी-अंबानी की बहुत बातें कही थीं, मगर उन्हीं की अशोक गहलोत सरकार ने एक सप्ताह पहले मुंबई में अडानी के साथ राजस्थान में सोलर प्लांट के लिए 20 हजार करोड़ रुपए का एमओयू किया है। अडानी ग्रुप के साथ 40 हजार करोड़ की एलओआई जारी कर चुकी हैं। अगर अडानी से इतनी नफरत है तो ये एमओयू और एलओआई क्यों जारी किए गए ? क्यों अडानी के 5200 करोड़ रुपए चुकाने के लिए जजिया कर के रुपए 1.52 करोड़ उपभोक्ताओं पर 5 पैसे प्रति यूनिट का भार क्यों लगा रखा है।

राहुल गांधी ने हिंदुत्व को मानने वाले लोगों का अपमान किया
राठौड़ ने कहा कि राहुल ने रैली में अपनी अल्प बुद्धि से हिंदुत्व की व्याख्या है। यह हिंदुत्व को मानने वालों का अपमान है। उन्होंने राहुल को अपनी अल्प बुद्धि से हिंदुत्व की व्याख्या करते हुए इसे कट्टरपंथी, अवसरवादी और सत्ता हथियाने के लिए कुछ भी करने वाला करार दिया। यह हिंदुत्व को मानने वाले लोगों का अपमान है। राहुल ने सलमान खुर्शीद के हिन्दुत्व की आईएसआई और अत्यंत कट्टरपंथियों से तुलना की बात को ही आगे बढ़ाया है। जबकि 2005 में संवैधानिक पीठ ने कहा था कि हिंदू और हिंदुत्व यह दोनों जीवन शैली से जुड़े हैं। इनकी आतंकवादी और कट्टरपंथी से जोड़कर व्याख्या नहीं करनी चाहिए।


‘पूंजापति’ और चाकू मारने के मंचन का उड़ रहा मजाक
राहुल की जयपुर रैली के सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं। उनके वक्तव्य पर मीम्स बन रहे हैं। एक वीडियो में राहुल गांधी किसान आंदोलन को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं तो दूसरे वीडियो में राहुल गांधी अडानी और अंबानी को लेकर सरकार पर हमला बोल रहे हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर लोग राहुल गांधी का मजाक उड़ा रहे हैं। वे कह रहे हैं कि “मोदी सरकार ने किसानों की छाती पर चाकू मार दिया लेकिन आगे से नहीं पीछे से। उन्होंने मंच पर अपने सुरक्षाकर्मी के साथ चाकू मारने का मंचन भी किया। इतना ही नहीं, राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान एक और गलती कर दी। राहुल गांधी ने कहा कि पूरा का पूरा धन चार-पांच ‘पूंजापति’ के हाथ में हैं। हिन्दुस्तान के सब इंस्टिट्यूट एक संगठन के हाथ में हैं। देश को जनता नहीं चला रही है, देश को तीन चार ‘पूंजापति’ ही चला रहे हैं।

राहुल के भाषण के सोशल मीडिया पर बन रहे मीम्स भी
ऐसा लगता है कि राहुल गांधी को सार्वजनिक भाषण से पहले या तो उनके सलाहकार कोई अपडेट नहीं देते हैं…या फिर राहुल खुद को सर्वज्ञ मानते हुए इस बारे में किसी से बात करने की जरूरत नहीं समझते। यही वजह है कि ज्यादातर मौकों पर राहुल अपने भाषण में ऐसी गलतियां कर जाते हैं, जो लोगों के मनोरंजन का माध्यम बनती हैं और सोशल मीडिया और ट्वीटर पर उनके भाषण के बाद मीम्स की बाढ़ आ जाती है। कई बार उनके भाषण की गलतियों की भरपाई करना कांग्रेसियों के लिए भारी पड़ जाता है।

 

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