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प्रधानमंत्री मोदी ने युवा आईपीएस अफसरों को दिया समाज की शक्ति पहचानने का मंत्र

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‘सरकार से कई गुना अधिक शक्ति समाज में होती है। हम शानन व्यवस्था में जन शक्ति को जितना जोड़ने की आदत डालेंगे, आप देखेंगे कि कामकाज उतना ही सरल हो जाएगा और कम प्रयास से अधिक रिजल्ट ले पाएंगे। समाज की शक्ति का हमेशा आदर करें, इसे जानने और जोड़ने का प्रयास करें।‘ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह बात शुक्रवार को सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद में युवा आईपीएस अफसरों की दीक्षांत परेड को संबोधित करते हुए कही। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित कर रहे थे।

पीए मोदी ने अपने संबोधन के दौरान ‘सिंघम’ का जिक्र करते हुए कहा, ‘कुछ पुलिस के लोग जब पहले ड्यूटी पर जाते हैं तो उनको लगता है कि पहले मैं अपना रौब दिखा दूं, लोगों को मैं डरा दूं। मैं लोगों में अपना एक हुकुम छोड़ दूं और जो ऐंटी सोशल एलिमेंट हैं वो तो मेरे नाम से ही कांपने चाहिए। ये जो सिंघम वाली फिल्में देखकर बड़े बनते हैं, उनके दिमाग में ये भर जाता है और उसके कारण करने वाले काम छूट जाते हैं।’

पीएम मोदी ने युवा अफसरों से अपने पोस्टिंग के दौरान स्थानीय लोगों से जुड़ने की बात कही। उन्होंने कहा, ‘सामान्य मानवीय पर प्रभाव पैदा करना है या सामान्य मानवीय में प्रेम का सेतु जोड़ना है, ये तय कर लीजिए। अगर आप प्रभाव पैदा करेंगे तो उसकी उम्र बहुत कम होती है, लेकिन प्रेम का सेतु जोड़ेंगे तो आप रिटायर हो जाएंगे तब भी जहां आपकी पहली ड्यूटी रही होगी वहां के लोग आपको याद करेंगे कि 20 साल पहले ऐसा एक नौजवान अफसर आया था जो हमारी भाषा तो नहीं जानता था। लेकिन अपने व्यवहार से लोगों के दिलों को जीत लिया था। आप एक बार जनसामान्य के दिलों को जीत लेंगे तो उनका नजरिया अपने आप बदल जाएगा।’

श्री मोदी ने कहा कि कोरोना काल में खाकी वर्दी का मानवीय पहलू जनमानस के सार्वजनिक स्मृति में बस गया है, क्योंकि पुलिस द्वारा विशेष रूप से इस COVID19 महामारी के दौरान बहुत अच्‍छे काम किए गए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आपको अपनी वर्दी पर गर्व हो, अपनी खाकी वर्दी का सम्मान कभी न खोएं।

इस दौरान कई युवा आईपीएस अफसरों ने अपनी बातों को प्रधानमंत्री के साथ शेयर किया। सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी की दीक्षांत परेड में शामिल इन 131 भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के प्रोबेशनरों में 28 महिला प्रोबेशनर शामिल हैं। इन युवा अधिकारियों ने इस अकादमी में बुनियादी पाठ्यक्रम चरण-1 के 42 सप्ताह पूरे कर लिए हैं।

जाहिर है कि सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (एसवीपीएनपीए) में बेसिक कोर्स प्रशिक्षण के दौरान प्रोबेशनरों को कानून, जांच-पड़ताल, फोरेंसिक, नेतृत्व एवं प्रबंधन, अपराध विज्ञान, सार्वजनिक व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा, नैतिकता और मानवाधिकार, आधुनिक भारतीय पुलिस व्‍यवस्‍था, फील्ड क्राफ्ट और युक्तियां, हथियार प्रशिक्षण और गोलाबारी जैसे विभिन्‍न इंडोर और आउटडोर विषयों का प्रशिक्षण दिया जाता है।

 

 

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