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आतंकवाद विरोधी दिवस विशेषांक : पीएम मोदी की नीतियों का असर, भटके हुए युवाओं ने की घर वापसी, उग्रवादियों ने किया समर्पण

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जहां देश के खिलाफ हथियार उठाने वाले युवकों के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनायी है, वहीं भटके हुए युवाओं को मुख्यधारा में फिर से शामिल करने के लिए प्रोत्साहन भी दिया है। मोदी सरकार ने सेना को निर्देश दिया है कि जिन युवाओं ने बहकावे या किसी प्रलोभन में आकर आतंक का रास्ता चुना है, उनकों शांति के मार्ग पर लाने के लिए कदम उठाए जाएं। भारतीय जम्मू-कश्मीर के युवाओं के लिए कई कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। वहीं मोदी सरकार ने भारत के उत्तर-पूर्व के उग्रवादी गुटों के साथ समझौता कर दशकों पुराने विवाद का अंत किया। इससे उत्तर-पूर्व के युवा हिंसा त्याग कर हथियारों के साथ आत्मसर्पण कर रहे हैं।  

विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे युवा

  • पीएम मोदी ने कश्मीर के युवाओं को विकास की धारा से जोड़ने के लिए 80,068 करोड़ रुपये की योजनाओं की शुरुआत की।
  • युवाओं को रोजगार के लिए योग्य बनाने के लिए HIMAYAT और PMKVY की योजनाएं लागू कीं।
  • सुरक्षा बल समर्पण करने वाले युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ रहे हैं।
  • मोदी सरकार के कामकाज में पारदर्शिता और सुशासन से स्थानीय लोगों और युवाओं में विश्वास बढ़ा है।
  • आर्मी गुडविल स्कूल के तहत शिक्षा मुहैया कराने और सुपर-40 के जरिये प्रतिभाओं को नई धार देने की कोशिश हो रही है।
  • सेना और एनजीओ मिलकर ‘कश्मीर सुपर 50’ प्रॉजेक्ट चला रहे हैं। इसमें छात्रों के लिए मुफ्त कोचिंग की सुविधा है।
  • घाटी के युवाओं को क्रिकेट का गुर सिखाने के लिए मई 2017 में बक्शी स्टेडियम में पहली बार कैंप की शुरुआत हुई।
  • भारतीय सेना ने किश्तवाड़ जिले के 22 छात्रों और तीन शिक्षकों के साथ क्षमता निर्माण दौरा प्रायोजित किया।

‘ऑपरेशन मां’

  • नवंबर 2019 में सेना की चिनार कोर ने ‘ऑपरेशन मां’ शुरू किया था। जिसमें घरों से गायब युवाओं का पता लगाना और उनके परिजनों से संपर्क कर उन्हें वापस घर लाना था।
  • पुलवामा हमले के बाद सेना ने घाटी में सभी माताओं से अपने बच्चों को वापस लौटने के लिए अपील करने को कहा था।
  • अनंतनाग का नवोदित फुटबॉलर माजिद अरशिद खान अपनी मां की पुकार पर आतंक का रास्ता छोड़कर अपने घर लौटा।
  • करीब एक दर्जन युवकों ने आतंकवाद का रास्ता छोड़ा, उन्हें वापस लाने में उनकी मां की भूमिका अहम रही है।
  • जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सर्वेलांस तंत्र को मजबूत किया है, जिसकी वजह से भटके हुए युवाओं की घर वापसी हो रही है।
  • दक्षिण कश्मीर के सात युवा जो आतंकी बनने जा रहे थे उन्हें उनके परिवार वालों के पास वापस भेजा गया।
  • अनंतनाग जिला पुलिस ने 5 भटके युवाओं की काउंसलिंग के बाद उनके परिवार को सौंपा दिया।
  • 2019 में करीब 50 युवक आतंकवाद की राह को त्यागकर अपने घर वापस लौट आए थे।
  • कई आतंकी आत्मसमर्पण करने के बाद पढ़ रहे हैं। कुछ अपने पिता का हाथ बंटा रहे हैं, तो कुछ खेतों में काम कर रहे हैं।

उत्तर-पूर्व में उग्रवादियों का समर्पण

  • 9 जून, 2015 को सेना ने म्यांमार की सीमा में घुसकर आतंकी कैंपों को ध्वस्त किया।
  • सेना ने सितंबर 2017 में म्यांमार सीमा पर एनएससीएन (के) के खिलाफ कार्रवाई कर कई उग्रवादियों को मार गिराया।
  • 50 वर्षों से चले आ रहे बोडो मुद्दे के समाधान के लिए समझौता किया गया।
  • असम में पिछले लंबे समय से अलग बोडोलैंड की मांग करने वाले चार गुटों ने हिंसा का रास्ता छोड़ने का फैसला लिया।
  • NDFB के 1,615 हथियारबंद सदस्य हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हुए।

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