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पटना में आतंकी संगठन पीएफआई के निशाने पर थे पीएम मोदी, बिहार पुलिस का बड़ा खुलासा

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इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और पटना पुलिस ने मिलकर आतंकी संगठन पीएफआई की एक बड़ी साजिश का खुलासा कर पूरे देश को हैरान कर दिया है। पुलिस का दावा है कि 12 जुलाई,2022 को बिहार विधानसभा के शताब्दी समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी पर हमले की साजिश रची गई थी। अब तक 3 आतंकी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनकी निशानदेही पर 3 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। इन सभी से पूछताछ में पता चला कि प्रधानमंत्री मोदी के पटना आगमन के दौरान पीएफआई से जुड़े आतंकी गड़बड़ी पैदा करना चाहते थे। इसके लिए पहले से तैयारी कर रहे थे। इनको 15 दिन पहले से ट्रेनिंग दी जा रही थी।

फुलवारी शरीफ के अहमद पैलेस में रची गई हमले की साजिश

दरअसल पटना पुलिस की तरफ से दर्ज एफआईआर में बताया गया है कि पुलिस को कार्यक्रम से एक दिन पहले 11 जुलाई को आतंकियों के बारे में सूचना मिल गई थी, जिसके बाद धरपकड़ की कार्रवाई शुरू हुई। इसी क्रम में अतहर परवेज और मोहम्मद जलालुद्दीन गिरफ्तार किए गए। इन दोनों से लंबी पूछताछ के बाद ये बात सामने निकलकर कर आई कि प्रधानमंंत्री मोदी इन लोगों के निशाने पर थे। एफआईआर के मुताबिक, इन आतंकियों ने 6-7 जुलाई को फुलवारी शरीफ के अहमद पैलेस में एक गुप्त बैठक की थी। इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में गड़बड़ी करने की साजिश रची गई थी।

विदेशी फंडिंग के सूबत, पीएफआई के दस्तावेज, बैनर-पोस्टर बरामद 

आईबी के इनपुट के बाद ही पटना पुलिस ने अतहर परवेज और जलालुद्दीन को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके पास से पीएफआई के दस्तावेज, बैनर-पोस्टर बरामद किया। जिनसे इनके टेरर मॉड्यूल का पर्दाफाश हो गया है। दस्तावेज में हिंदू समुदाय के खिलाफ इनकी जहरीली सोच सामने आई है। इसके अलावा विदेशों से फंडिंग की जानकारी मिली है। इनके पास से मिले सबूत के मुताबिक कुल 3 बार अमाउंट इनके पास आए। पहला ट्रांजेक्शन 14 लाख रुपए का है जबकि दूसरा 30 लाख और तीसरा 40 लाख रुपए का। उम्मीद जताई जा रही है कि इस मामले की जांच में ईडी को भी शामिल किया जाएगा। ये लोग स्थानीय, जिलास्तर, राज्यस्तर और राष्ट्रीयस्तर के PFI-RSDPI की बैठकों में सक्रिय सदस्य के रूप में भाग लेते थे। 

झारखंड के पूर्व दरोगा के घर में चल रही थीं देश विरोधी गतिविधियां

आईबी को सूचना मिली थी कि पटना के फुलवारी शरीफ में झारखंड के पूर्व दरोगा जलालुद्दीन के घर में कार्यालय खोलकर अतहर परवेज नाम का शख्स देश विरोधी गतिविधियां चला रहा है। उसके यहां प्रशिक्षण लेने के लिए झारखंड और बंगाल तक के लोग आ रहे थे। यहां तक कि पूर्व में भी फुलवारीशरीफ से आतंकी संगठन से जुड़े कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। सुरक्षा एजेंसिया पता लगा रही है कि इनके तार पाकिस्तान सहित अन्य देशों से जुड़े तो नहीं है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के लिए NIA की टीम पटना जल्द आ सकती है।

गांधी मैदान में रैली के दौरान हुए बम ब्लास्ट में शामिल था मोहम्मद अतहर

गौरतलब है कि गिरफ्तार अतहर का भाई मंजर पटना में हुए बम ब्लास्ट जैसे आतंकी घटनाओं में शामिल रहा है। 27 अक्टूबर, 2013 को पटना के गांधी मैदान में नरेन्द्र मोदी की रैली के दौरान हुए बम ब्लास्ट में भी मोहम्मद अतहर परवेज का हाथ रहा है। इसने ही गांधी मैदान बम ब्लास्ट और अन्य ब्लास्ट में शामिल लोगों के बेल करवाए थे। इसी के बाद आतंकी गतिविधियों में अतहर परवेज की संलिप्तता की बात सामने आई थी। दरअसल ये लोग राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ में रहते हुए पिछले 10 वर्षों से कट्टरपंथी संगठन सिमी को सपोर्ट किया करते थे। जलालुद्दीन झारखंड का पूर्व दारोगा था और वह सिमी का सदस्य भी रहा है।

 

 

 

 

 

 

 

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