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प्रधानमंत्री मोदी आज शाम संयुक्त राष्ट्र महासभा को करेंगे संबोधित

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प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी आज, 26 सितंबर को संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा को सम्‍बोधित करेंगे। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा हॉल में प्रधानमंत्री मोदी का यह ऑनलाइन संबोधन स्थानीय समयानुसार सुबह करीब नौ बजे और भारतीय समय के अनुसार शाम 6.30 बजे होगा।

कोरोना महामारी के कारण इस साल महासभा की बैठक ज्यादातर वर्चुअली आयोजित होगी। संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा के 75वें सम्‍मेलन की थीम है- ”हमारी आकांक्षा का भविष्य और आवश्‍यकता के अनुरूप संयुक्‍त राष्‍ट्र, बहुपक्षवाद के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता की पुष्टि और प्रभावी बहुपक्षीय प्रयासों से कोविड संकट से निपटना।”

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र के दौरान भारत की प्राथमिकता आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक कार्रवाई को और मजबूत करने पर जोर देने की होगी। प्रधानमंत्री मोदी का फोकस कोरोना वायरस की महामारी पर भी रह सकता है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री संयुक्त राष्ट्र में सुधार की बात भी उठा सकते हैं।

इसके पहले प्रधानमंत्री मोदी ने 22 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र की 75वीं वर्षगांठ पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से महासभा की उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि व्यापक सुधारों के बिना संयुक्त राष्ट्र के सामने विश्वास का संकट बना रहेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया को ऐसे बहुपक्षवाद की जरूरत है, जो आज की समय की वास्तविकता, सभी पक्षों की अभिव्यक्ति, समकालीन चुनौतियों के समाधान और मानव हित पर ध्यान केन्द्रित करता हो।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हालांकि काफी कुछ हासिल हुआ है लेकिन मूल मिशन अभी अधूरा है। विश्व में संघर्ष रोकने, विकास सुनिश्चित करने, जलवायु परिवर्तन के संकट से निपटने, असामनता दूर करने और डिजिटल तकनीकों का लाभ समान रूप से पहुंचाने की दिशा में अब भी बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की वजह से आज हमारी दुनिया बेहतर स्थिति में है। हम उन सभी को श्रद्धांजलि देते हैं जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र के झंडे के तले शांति और विकास के लक्ष्य को आगे बढ़ाया है। शांति रक्षा मिशन में भारत प्रमुख योगदान देने वाले देशों में है। उन्होंने कहा कि 75 वर्ष पहले संयुक्त राष्ट्र की स्थापना से युद्ध की विभीषिका के बीच मानव इतिहास में पहली बार आशा की किरण जगी थी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करने वाले संस्थापक देश के रूप में भारत इस संगठन के महान लक्ष्यों में भागीदार था। इसने समस्त विश्व को एक परिवार के रूप में देखने के भारत के वसुधैव कुटुम्बकम दर्शन को प्रतिबिंबित किया है। उन्होंने कहा कि भारत, सुरक्षा परिषद में सुधार के लिये दशकों से किये जा रहे प्रयासों में शामिल है और इस दिशा में अन्य सभी देशों के साथ काम करने के लिए तत्पर है।

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