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देश में एक्टिव मामलों की तुलना में रिकवरी रेट 5 गुना अधिक, पिछले 24 घंटों में 93 हजार से अधिक रोगी हुए ठीक

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देश में कोरोना संक्रमण से ठीक होने वाले रोगियों की संख्या में तेजी का सिलसिला जारी है। पिछले चौबीस घंटों में 93,420 नए रोगी ठीक हुए हैं और इसके साथ ही ठीक होने वाले रोगियों की कुल संख्या 48,49,584 पहुंच गई है। ठीक होने की दैनिक वृद्धि के साथ साथ रिकवरी रेट में भी लगातार सुधार हो रहा है। फिलहाल यह 82.14 प्रतिशत पर पहुंच गई है।

भारत ने इस तरह एक दिन में ठीक होने वाले सर्वाधिक रोगियों के साथ ही वैश्विक रैंकिग में ठीक होने वाले कुल रोगियों की संख्या में शीर्ष स्थान बनाया हुआ है। जैसे- जैसे भारत नए मामलों की तुलना में उससे अधिक रिकवरी दर हासिल कर रहा है वैसे- वैसे ठीक होने वाले मामलों और सक्रिय मामलों के बीच अंतर भी लगातार बढ़ रहा है। सक्रिय मामलों की तुलना में ठीक होने वाले मामलों की संख्या 5 गुना अधिक हो गई है।

देश में ठीक होने वाले 48,49,584 मामले 9,60,969 सक्रिय मामलों से लगभग 39 लाख (38,88,615) अधिक हैं। सक्रिय मामले कुल पॉजिटिव मामलों का सिर्फ 16.28 प्रतिशत है। इसमें स्थिर गिरावट का सिलसिला जारी है। राष्ट्रीय औसत के बाद, 24 राज्यों भी नए मामलों की तुलना में रिकवरी की दर ज्यादा हो गई है। 10 राज्यों का नए रिकवर मामलों में लगभग 73 प्रतिशत योगदान है।

भारत ने पूरे देश में अपने परीक्षण संबंधी बुनियादी ढांचे में काफी वृद्धि की है। अभी तक 1086 सरकारी और 737 निजी प्रयोगशालाओं सहित देश में 1823 प्रयोगशालाएं काम कर रही हैं। भारत की टेस्टिंग क्षमता प्रति दिन 14 लाख को पार कर गई है। पिछले 24 घंटों में 13,41,535 टेस्ट किए गए। टेस्ट की कुल संख्या आज 7 करोड़ (7,02,69,975) को पार कर गई है।

केंद्र सरकार ‘टेस्ट, ट्रैक, ट्रीट’ की तीन-स्तरीय रणनीति पर चल रही है। परीक्षण की सुविधा को व्यापक बनाने और अधिक सुलभ बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। राज्यों को उच्च परीक्षण सुनिश्चित करने के लिए सशक्त बनाया गया है। केंद्र सरकार ने घरों, आइसोलेशन केंद्र और अस्पतालों में रहने वाले रोगियों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा देखभाल के लिए मानक प्रोटोकॉल जारी किए हैं। इनमें वैश्विक और राष्ट्रीय हालातों को देखते हुए समय- समय पर बदलाव किया जाता है। केंद्र सरकार तकनीकी, वित्तीय, सामग्री और अन्य संसाधनों के माध्यम से राज्यों को मदद कर रही है।

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