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नागरिकता संशोधन कानून किसी की नागरिकता छीनने के लिए नहीं हैं : पीएम मोदी

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“अभी हाल में जो संसद का सत्र समाप्त हुआ, उसमें दिल्ली की कॉलोनियों से जुड़े बिल के अलावा, दूसरा महत्वपूर्ण बिल पास हुआ- सिटिजनशिप अमेंडमेंट बिल। लेकिन इस बिल के पास होने के बाद कुछ राजनीतिक दल तरह-तरह की अफवाहें फैलाने में लगे हैं, लोगों को भ्रमित कर रहे हैं, भावनाओं को भड़का रहे हैं। मैं उनसे जानना चाहता हूं- क्या जब हमने दिल्ली की सैकड़ों कॉलोनियों को वैध करने का काम किया, तो किसी से पूछा कि आपका धर्म क्या है, आपकी आस्था किस तरफ है, आप किस पार्टी के समर्थक हैं? नहीं। केंद्र सरकार के इस फैसले का लाभ हिंदुओं को भी मिला, मुसलमानों को मिला, सिख और ईसाई भाई-बहनों को भी मिला।“

यह बात दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को भाजपा की आयोजित आभार रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कही। इस रैली में लाखों की संख्या में पहुंचे दिल्लीवासियों ने 1700 से अधिक अनाधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद कर आभार जताया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान जहां दिल्ली की अनाधिकृत 1700 से अधिक कॉलोनियों को नियमित करने के बारे में बताया वहीं उन्होंने पिछले संसद सत्र के दौरान दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में पारित नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के बारे में कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा फैलाए जा रहे झूठ और भ्रम की पोल भी खोली। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने इस कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के नाम पर हिंसा फैला रहे लोगों से अहिंसा का रास्ता अख्तियार करने का अनुरोध किया।

रामलीला मैदान में आयोजित आभार रैली में पीएम मोदी ने सीधे-सीधे देश के लोगों और मुसलमानों से संवाद करते हुए बताया कि यह कानून देश के 130 करोड़ लोगों में से किसी के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि क्या जब हमारी सरकार ने दिल्ली की अनाधिकृत कॉलोनियों को नियमित किया तो किसी से उसकी जाति य़ा धर्म के बारे में पूछा? उन्होंने कहा जो सरकार दिल्ली में 40 लाख लोगों को घर मुहैया करा रही है क्या वही सरकार किसी विशेष वर्ग के लोगों को देश से बाहर निकालने वाला कानून लाएगी?

प्रधानमंत्री मोदी ने सीएए और एनआरसी को लेकर देश में कांग्रेस और विरोधी दलों के फैलाए जा रहे भ्रम की पोल खोलते हुए कहा कि यह कानून सिर्फ और सिर्फ उन गरीब लोगों को नागरिकता देने के लिए है जो दशकों पहले पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक उत्पीड़न के तहत भगा दिए गए थे। मोदी ने कहा कि हमारी सरकार तो वहीं वादा आज पूरा करने में जुटी है जो दशकों पहले कांग्रेस और उनके बड़े नेताओं ने कर रखा है। लेकिन आज वही कांग्रेस अपनी राजनीतिक हित के कारण पहले किए वादे से पलट रहे हैं। मोदी ने कांग्रेस और अर्बन नक्सलियों द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों को झूठ बताया। उन्होंने कहा कि ये लोग साजिश के तहत यह अफवाह फैला रहे हैं कि देश के सारे मुसलमानों को डिटेंशन सेंटर में रखा जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनआरसी के बारे में भी स्पष्ट कहा है कि यह सिर्फ असम के लिए है, कहीं और इसका जिक्र नहीं किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीएए के विरोध कर रहे दलित नेताओं को आड़े हाथ लेते हुए बताया कि जो लोग आज दिखावे की राजनीति कर रहे हैं उन्हें समझना चाहिए कि यह कानून उन्हीं दलितों के लिए है जो पाकिस्तान के अत्याचार के कारण वहां से भागने को मजबूर हुए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जो दलित नेता आज इस कानून का विरोध कर रहे हैं वे इतने दिन कहां थे जब ये लोग दर-दर भटक रहे थे। सीएए कानून की अहमियत के बारे में बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इस कानून के पारित होने के बाद दिल्ली के मजनू टिला में रहने वाले शरणार्थियों के बीच जब एक बच्ची का जन्म हुआ तो उसका नाम नागरिकता रखा गया है।

सीएए कानून के विरोध में हिंसा करने वालों से कहा “अगर पत्थर मारना ही है तो मोदी को मारो, जलाना ही है तो मोदी का पुतला जला लो, लेकिन कम से कम किसी गरीब का नुकसान तो मत करो। गरीब ऑटो वालों, गरीब बस वालों को मारकर, पीटकर आपको क्या मिलेगा? जिन पुलिसवालों पर आप पत्थर बरसा रहें हैं, उन्हें जख्मी करके आपको क्या मिलेगा? मत भूलिए, आज़ादी के बाद 33 हजार से ज्यादा पुलिसवालों ने, शांति के लिए, आपकी सुरक्षा के लिए शहादत दी है। जब कोई संकट आता है, कोई मुश्किल आती है तो पुलिस ये नहीं पूछती कि आपका धर्म क्या है।“

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस और उसका साथ देने वाले विपक्षी दलों और अर्बन नक्सलियों पर सीएए विरोध के नाम पर देश में हिंसा फैलाने और देश का नाम विश्व में बदनाम करने की साजिश करने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर विपक्षी दलों को मुझसे परेशानी है तो वे विरोध में मेरे पुतले को आग लगाएं लेकिन गरीबों के घर जलाने से बाज आए। लोगों की सुरक्षा में लगे पुलिसवालों पर हमला न करें।

अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना किसी का नाम लिए दिल्ली सरकार की विफलता के साथ दिल्लीवासियों के लिए शुरू की गई योजनाओं के लिए अड़ंगा लगाने का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि किस प्रकार जब वे दिल्ली के 40 लाख लोगों के घर की चिंता कर रहे थे तब दिल्ली सरकार अपने नजदीक के 200 लोगों को दिल्ली के महंगे इलाके में महंगे जमीन देने में लगी थी। लेकिन हमने न केवल दिल्ली में अवैध रूप से आवंटित 200 बंगले को खाली कराया बल्कि एक खास आबादी को अनिश्चितता की जिंदगी जीने से मुक्त किया।  

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आश्वस्त किया कि देश के किसी भी नागरिक को डरने की जरूरत नहीं है। हमारी सरकार बगैर किसी भेदभाव किए देश के हर नागरिक के लिए काम करने के प्रति प्रतिबद्ध है।

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